2003 वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे

वनडे क्रिकेट इतिहास के 2 ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने 10 से ज्यादा बार मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता है

  • वनडे क्रिकेट इतिहास में अभी तक सिर्फ 2 ही खिलाड़ी हुए हैं जो ये कारनामा कर चुके हैं
  • इस लिस्ट में क्रिकेट के दो बेहतरीन खिलाड़ियों के नाम हैं
सावन गुप्ता
SENIOR ANALYST
Modified 01 Jun 2020, 13:15 IST

क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में बल्लेबाजी आसान नहीं होती है। बल्लेबाज को एक-एक रन बनाने के लिए जूझना पड़ता है। उसे हर एक शॉट को नापतौल कर खेलना होता है। बल्लेबाज की सिर्फ एक गलती उसकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है। एक बल्लेबाज को अपनी पारी बनाने के लिए घंटों लग जाते हैं लेकिन गेंदबाज को उसका विकेट चटकाने के लिए सिर्फ एक गेंद की जरुरत होती है।

Advertisement
Ad

टेस्ट हो या वनडे या फिर टी20, हर फॉर्मेट में गेंदबाज बल्लेबाजों की परीक्षा लेते हैं। क्रिकेट इतिहास में अभी तक कई दिग्गज बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने अपनी बैटिंग से वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया। इस दौरान कई रिकॉर्ड इन बल्लेबाजों ने अपने नाम किए। इनमें से किसी ने सबसे ज्यादा शतक लगाया, किसी ने सबसे ज्य़ादा बाउंड्री लगाई और किसी बल्लेबाज ने सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

ये भी पढ़ें: 3 कारण क्यों इस सीजन आईपीएल का आयोजन नहीं होना चाहिए

लेकिन हम आपको यहां पर क्रिकेट जगत के उन दो बल्लेबाजों के नाम बताने वाले हैं जिन्होंने अपने वनडे इंटरनेशनल करियर में 10 से ज्यादा बार मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता। ये दोनों काफी दिग्गज बल्लेबाज हैं और अपने वनडे करियर में इन्होंने काफी ज्यादा रन बनाए। तो आइए जानते हैं कि वनडे क्रिकेट इतिहास के कौन से 2 बल्लेबाज हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता।

ये भी पढ़ें: विराट कोहली को लेकर पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज ने दी बड़ी प्रतिक्रिया

वनडे क्रिकेट इतिहास के दो खिलाड़ी जिन्होंने 10 से ज्यादा बार मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता

2. सनथ जयसूर्या

सनथ जय़सूर्या
Advertisement
Ad

इस लिस्ट में श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या दूसरे पायदान पर हैं। उन्होंने अपने वनडे क्रिकेट करियर में 445 वनडे मुकाबले खेले और 111 सीरीज खेली। इस दौरान सनथ जयसूर्या ने 11 बार मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड अपने नाम किया।

ये भी पढ़ें: रोहित शर्मा ने राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने पर दी प्रतिक्रिया

जयसूर्या अपने जमाने के बेहद विस्फोटक बल्लेबाज थे और उन्होंने अपने करियर में 13430 रन बनाए। इस दौरान जयसूर्या ने 28 शतक और 68 अर्धशतक जड़े। जयसूर्या के सामने बड़े से बड़े गेंदबाज भी खौफ खाते थे। वो आते ही गेंदबाजों पर आक्रमण करना शुरु कर देते थे और जमकर चौके-छक्के लगाते थे। 2003 वर्ल्ड कप में उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट टीम की कप्तानी भी की थी।

कहा जाता है कि जयसूर्या ने अपनी आक्रामक बैटिंग से वनडे क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजी की परिभाषा ही बदल कर रख दी और उसे एक नया आयाम दिया।

Advertisement
Ad
1 / 2 Next
Published 01 Jun 2020, 13:15 IST
 
 
 
×