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भारतीय टीम के वर्ल्ड कप जर्सी का अभी तक का सफर

देखिये 1992 विश्व कप के बाद कैसे बदली रंगीन भारतीय जर्सी

Ankit Pasbola
ANALYST
Timeless

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वर्ल्ड कप 2019 की शुरुआत 30 मई 2019 से इंग्लैंड में होनी है। वर्ल्ड कप का पहला मैच मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच ओवल में होगा जबकि फाइनल 14 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में खेला जाएगा। इस बार टीमों की संख्या 16 से घटाकर 10 कर दी गई है। आईसीसी वन-डे इंटरनेशनल रैंकिंग में शीर्ष आठ टीमों ने सीधे टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया, जबकि विंडीज और अफगानिस्तान ने बाद में क्वालीफाई किया। मार्च 2018 में जिम्बाब्वे में ICC वर्ल्ड कप क्वालीफायर में शीर्ष दो स्थान पर कब्जा करके वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान ने वर्ल्ड कप का टिकट कटाया।

भारतीय टीम 1975 में हुए वर्ल्ड कप एक कमजोर टीम के रूप में खेली थी। तब से लेकर अब तक कई परिवर्तन देखने को मिलते हैं। आगामी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम एक मजबूत दावेदार के रूप में उतरेगी। तब से अब तक भारतीय जर्सी भी अलग-अलग रंगो में देखने को मिली है।

हर चार साल में एक नई जर्सी विशेष रूप से वर्ल्ड कप के लिए बनाई जाती है। 1992 से जर्सी रंग और डिजाइन में विकसित हुई है।

#1975 से लेकर 1987 तक सफेद जर्सी

1987 वर्ल्ड कप तक क्रिकेट में सफेद जर्सी का प्रयोग होता था। यही सफेद जर्सी टेस्ट मैच में प्रयोग की जाती थी। मगर बदलते वक्त के साथ बहुत कुछ बदल गया। भारतीय टीम ने साल 1975 में सादी जर्सी में ही खेला। उस समय क्रिकेट 60 ओवरों का खेला जाता था। सादे और ढीले कपड़ो में खिलाड़ी खेला करते थे। क्रिकेट की प्रसिद्धि इतनी नही थे। बल्लेबाज बड़े भारी बल्ले से खेला करते थे। अगले वर्ल्ड कप 1987 में भी जर्सी में कोई परिवर्तन नहीं था।

साल 1983 में खेला गया विश्वकप ने भारत की दशा ही बदल दी। कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया था।


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Published 01 Mar 2019, 22:24 IST