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टोक्‍यो ओलंपिक्‍स से बाहर रह सकते हैं एनबीए खिलाड़ी

एनबीए
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Vivek Goel

कोविड-19 महामारी ने एनबीए जगत में भूचाल लाकर रख दिया है। कमिश्‍नर एडम सिल्‍वर ने कहा कि लीग को उम्‍मीद है कि एनबीए खिलाड़ी अगले साल टोक्‍यो में होने वाले ओलंपिक गेम्‍स में हिस्‍सा नहीं लेंगे। एनबीए का अगला सीजन कम से कम जनवरी तक स्‍थगित किया जाना तय है। टोक्‍यो ओलंपिक्‍स जुलाई में शुरू होना है और तब तक स्‍थगित एनबीए सीजन के पूरा कार्यक्रम होने की उम्‍मीद कम है। वैसे टोक्‍यो ओलंपिक्‍स इस साल होना थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इसे एक साल के लिए स्‍थगित कर दिया गया है।

आम तौर पर ओलंपिक्‍स तब आयोजित होता है जब एनबीए का ऑफ सीजन होता है। सिल्‍वर ने एनबीए फाइनल्‍स के दूसरे गेम के बाद कहा, 'मेरे ख्‍याल से एनबीए खिलाड़‍ियों का ओलंपिक्‍स में हिस्‍सा लेना मुश्किल है। इसका सीधा सा मतलब है कि अगर हम देर से शुरू करेंगे तो फिर हमें ओलंपिक्‍स के लिए रूकना पड़ेगा। क्‍योंकि आपको पता है कि यह सिर्फ ऐसा नहीं है कि उनका टोक्‍यो में प्रतियोगिता करना जरूरी है। मगर एनबीए खिलाड़‍ियों को ट्रेनिंग कैंप की जरूरत है और उसके बाद उन्‍हें आराम की भी जरूरत पड़ेगी।'

एनबीए का ओलंपिक्‍स में दम

एनबीए खिलाड़ी 1989 में नियमों के बदलने के बाद अंतरराष्‍ट्रीय टूर्नामेंट्स में हिस्‍सा ले रहे हैं। 1992 बार्सिलोना ओलंपिक्‍स में अमेरिका की ड्रीम टीम ने प्रतियोगिता जीती थी। 2004 एथेंस गेम्‍स से एनबीए के सभी गोल्‍ड मेडल अमेरिका ने जीते थे। 2004 एथेंस गेम्‍स में अर्जेंटीना ने एनबीए गोल्‍ड मेडल जीता था जबकि अमेरिका को ब्रॉन्‍ज मेडल से संतोष करना पड़ा था।

एनबीए खिलाड़‍ियों की कमी का प्रभाव सिर्फ अमेरिका पर असर नहीं डाल रहा है। 100 से ज्‍यादा एनबीए अंतरराष्‍ट्रीय खिलाड़ी ऑस्‍ट्रेलिया, फ्रांस, स्‍पेन और जापान के खिलाड़‍ियों पर भी असर होगा। सिल्‍वर ने कहा, 'मैं बस यही कहूंगा कि बहुत अलग परिस्थितियां होंगी। अगर हम अगले साल ओलंपिक्‍स की योजना बनाते हैं तो कैसे मान लें कि दुनिया अगले साल आम पटरी पर लौट आएगी और क्‍या वो आगे बढ़ पाएंगे? इसलिए मुझे लगता है कि इस अतिरिक्‍त समय में सभी नियम टेबल के नीचे है।'

टोक्‍यो ओलंपिक्‍स में पारंपरिक पुरुष और महिलाओं का बास्‍केटबॉल होना है। इस बार थ्री ऑन थ्री हाफ कोर्ट इवेंट का डेब्‍यू भी होना है।


Edited by Vivek Goel

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