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फ्लॉयड मेवेदर और कॉनर मैक्ग्रेगर के बीच होने वाले बॉक्सिंग मैच के नियम की पूरी जानकारी

FEATURED WRITER
115   //    26 Aug 2017, 11:50 IST

26 अगस्त (भारत में 27 अगस्त) 2017 को कॉनर मैक्ग्रेगर और फ्लॉयड मेवेदर के बीच सदी का महा मुकाबला होगा। इस मैच का इंतजार दुनिया भर के प्रशसंकों को काफी समय से था और आखिरकार उनका सपना पूरा होने वाला है, जब लॉस वेगास के टी-मोबाइल एरीना में यह दोनों दिग्गज आमने सामने आएंगे।

आपको बता दें कि UFC के दिग्गज और बॉक्सिंग के लैजेंड एक दूसरे के खिलाफ बॉक्सिंग रिंग में आमने सामने आएंगे। इस बॉक्सिंग मुकाबले को साल का सबसे बड़ा इवेंट कहें, तो गलत नहीं होगा। दो दिग्गजों की इस फाइट में अरबों रूपयों की राशि दांव पर लगी होगी।

आइए नजर डालते हैं बॉक्सिंग मैच के नियम किस प्रकार होंगे:






1- मैच में शामिल दोनों प्रतिद्वंदियों की वेट कैटेगरी एक ही होनी चाहिए।

2- दोनों बॉक्सर्स के वेट को टूर्नामेंट के शुरू होने से 24 से 36 घंटे पहले वेट होना चाहिए।

3- अगर किसी प्रतिद्वंदी का वेट ऊपर है, तो उसे वेट करने से एक घंटे पहले तक अपने आप को सही वेट में लाना होगा, ऐसा न होने पर बाउट को रद्द किया जा सकता है।

4- कोई भी मैच 12 राउंड से ऊपर नहीं जा सकता। एक राउंड 3 मिनट का होना चाहिए और दो राउंड में एक मिनट का गैप होना चाहिए।

5- सभी मैचों को 4 साइडिड रिंग में 16 फुट से छोटा और 20 फुट से बड़ा नहीं होना नहीं चाहिए।

6- फ्लाईवेट से लेकर वेल्टरवेट के बॉक्सिंग ग्लवस का वेट 8 आउंस होना चाहिए, तो लाइट मिडलवेट से ऊपर वालों के लिए 10 आउंस होना चाहिए।

7- बॉक्सर्स को मैच शुरू होने और आखिरी राउंड के स्टार्ट होने से पहले हाथ मिलाना होगा।

8- मुक्का लगने के बाद अगर कोई रैसलर नीचे गिर जाता है, तो रेफरी काउंट काउंट करता है.... रिंग के बाहर गिरे रहने पर 20 सेकेंड और रिंग के अन्दर 10 सेकेंड पर दूसरे स्टार को विजेता घोषित किया जाता है।
9- कोई भी बॉक्सर बिलो द बेल्ट हिट, होल्ड करना, ट्रिप, किक, हेडबट, रैसल, बाइट या फिर अपने विरोधी को पुश नहीं कर सकता।





10- कोई भी अपने सर से कंधे से फॉरआर्म से या फिर एल्बो से हिट नहीं कर सकता।

11- कोई भी खुले हुए ग्लव्स से हिट नहीं कर सकता, ग्लव के अन्दर, रिस्ट में या फिर बैकहैंड पर हिट नहीं कर सकते।

12- कोई भी अपने विरोधी के बैक पर पंच नहीं कर सकता या फिर सिर के पीछे या गले पर और ना ही किडनी पंच।

13- रोप्स की मदद लेकर कोई भी पंच नहीं मार सकता।

14- कोई भी अपने विरोधी को पकड़ते हुए उन्हें हिट नहीं कर सकता।

15- रेफरी द्वारा फाइटर्स को पीछे करने के बाद वो एक दम से अपने विरोधी को हिट नहीं कर सकते।

16- कोई भी अपने विरोधी के ऊपर थूक नहीं सकते।

17- कोई अगर अपने विरोधी को नॉकआउट करते हैं, तो उन्हें पीछे जाकर इंतजार करना होगा, ताकि रेफरी काउंट आउट कर सके।

18- अगर एक फाइटर नीचे गिरा हुआ, तो उसके ऊपर हिट नहीं किया जा सकता।

19- एक्सिडेंटल लो बलो के बाद बॉक्सर को उठने के लिए 5 मिनट का समय दिया जाता है।  फाउल के कारण इंजरी होती है, तो दूसरे बॉक्सर को डिसक्वालिफाय किया जा सकता है।

20- फाउल के बाद इंजरी होती है और बाउट स्टार्ट होती है, तो रेफरी जज को यह कहते हैं कि वो दूसरे बॉक्सर के दो पॉइंट कांट दे।
21- अगर फाउल के कारण मैच को रौका जाता है और चार राउंड ख़त्म नहीं होते हैं, तो बाउट को नो कोंटेस्ट करार दिया जाएगा। चार राउंड ख़त्म होने के बाद जो पॉइंट्स में आगे होगा, उसे विजेता घोषित किया जाएगा। स्कोर अगर बराबर रहने पर मैच को टेक्निकल ड्रॉ घोषित किया गया।

22- जज मैच को 10 पॉइंट स्केल पर स्कोर करते हैं। ज्यादातर राउंडस 10-9 के स्कोर पर ही खत्म होते हैं। जज कभी-2 दोनों बॉक्सर्स को 10 पॉइंट देते हैं।

23- रेफरी अपने हिसाब से फाउल के समय एक या दो पॉइंट डिडक्ट कर सकता है। रेफरी वॉर्निंग देकर भी छोड़ सकते हैं।





24- मैच का नतीजा नॉक आउट, टेक्निकल नॉकआउट या फिर डिसक्वालिफेकेशन से किया जाता है।


25- फाइट अगर अंत तक जाता है, तो मैच का फैसला आपसी सहमती, मैज्योरेटी से लिया जाता है।

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