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UEFA Champions League : लिवरपूल ने छठी बार जीता खिताब, फाइनल मुकाबले में टॉटेनहैम हॉटस्पर को हराया

SENIOR ANALYST
न्यूज़
Published 02 Jun 2019, 12:10 IST
02 Jun 2019, 12:10 IST

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मैड्रिड में खेले गए UEFA चैंपियस लीग के फाइनल मुकाबले में लिवरपूल ने टॉटेनहैम हॉटस्पर को 2-0 से हराकर छठी बार खिताब पर कब्जा कर लिया। लिवरपूल ने 14 साल बाद चैंपियंस लीग का खिताब जीता है। इससे पहले 2005 में इटली के एसी मिलान क्लब को हराकर उन्होंने ये प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के हीरो दिग्गज फुटबॉलर मोहम्मद सालाह और डिवॉक ओरिगि रहे।

पहले हाफ में आधे मिनट के अंदर ही लिवरपूल को पेनल्टी कॉर्नर मिल गया। हैंडबॉल टच की अपील के बाद उन्हें ये पेनल्टी कॉर्नर दिया गया और मोहम्मद सालाह ने उसे गोल पोस्ट में डालकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। मोहम्मद सालाह ने ये गोल खेल शुरू होने के सिर्फ 2 मिनट के अंदर किया और चैंपियंस लीग फाइनल के इतिहास में ये दूसरा सबसे तेज गोल है। इससे पहले 2005 में एसी मिलान के पाओलो मलदीनी ने लिवरपूल के खिलाफ 50 सेकेंड के बाद ही गोल कर दिया था। हालांकि उस मैच में लिवरपूल ने वापसी करते हुए एसी मिलान को हराया था। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 से लिवरपूल के पक्ष में रहा। टॉटेनहैम हॉटस्पर की रणनीति इस मैच में काफी अलग रही। सेमीफाइनल मुकाबले में 3 गोल करने वाले लुकास मोरा को पहले हॉफ में मैदान में नहीं उतारा गया।


दूसरे हॉफ में भी टॉटेनहैम की टीम गोल करने में नाकाम रही। हालांकि उन्होंने कई शानदार मौके बनाए लेकिन लिवरपूल के गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव कर उनके आक्रमण को विफल कर दिया। टॉटेनहैम के स्टार खिलाड़ी हैरी केन भी टच में नहीं दिखाई दिए। आखिर में लुकास मोरा को कोच ने मैदान पर उतारा लेकिन तब तक तक काफी देर हो चुकी थी। आखिरी 3 मिनटों में लिवरपूल ने एक और गोल कर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली। लिवरपूल ने इससे पहले 1977, 1978, 1981, 1984 और 2005 में चैंपियंस लीग का खिताब जीता था। 

Modified 20 Dec 2019, 23:18 IST
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