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CWG 2018: साइना नेहवाल ने पीवी सिंधू को हराकर जीता गोल्ड मेडल, भारत को अंतिम दिन मिले कुल 7 पदक

किंदबी श्रीकांत को पुरुष एकल और पुरुष डबल्स में सात्विकसाईंराज और चिराग शेट्टी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा स्क्वॉश में भारत को रजत और टेबल टेनिस में दो कांस्य पदक मिले

गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के आखिरी दिन भारत को 1 गोल्ड मेडल समेत कुल 7 पदक मिले। महिला सिंग्लस में भारत की स्टार शटलर साइना नेहवाल ने पीवी सिंधू को हराकर गोल्ड मेडल जीता। महिला सिंग्लस के फाइनल में पीवी सिंधू और साइना नेहवाल का मुकाबला था और साइना ने अपना पूरा अनुभव दिखाते हुए पीवी सिंधू को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। सिंधू को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल ने 56 मिनट तक चले इस मुकाबले में पीवी सिंधू को सीधे सेटो में 21-18, 23-21 से हराकर स्वर्ण पदक पक्का कर लिया। सायना ऐसे में राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। सायना ने इससे पहले 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी रही कि यह पहला मौका है, जब बैडमिंटन के महिला एकल का गोल्ड और सिल्वर मेडल दोनों ही उसके खाते में आए। अगर बात करें साइना बनाम सिंधु की तो इससे पहले दोनों के बीच पिछले साल नवंबर में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में आमने-सामने थी, जिसमें साइना ने जीत दर्ज की थी।


 

 

वहीं पुरुष एकल के फाइनल मुकाबले में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी किंदबी श्रीकांत को हार का सामना करना पड़ा। फाइनल मुकाबले में उन्हें 3 बार के ओलंपिक चैंपियन मलेशिया के ली चोंग वेई ने हराया और गोल्ड मेडल जीता। ली चोंग वेई ने किंदबी श्रीकांत को 21-19, 14-21 और 14-21 से हराया। पहला सेट हारने के बाद ली चोंग वेई ने शानदार वापसी की और अगले दोनों सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। वेई के शॉट रिटर्न करने में श्रीकांत ने कई बार गलती की, जिसका खामियाजा उन्हें प्वॉइंट देकर चुकाना पड़ा। श्रीकांत ने इससे पहले मिश्रित टीम चैंपियनशिप में ली को हराया था, दूसरे गेम में तब नाटकीय मोड़ आया जब लगा कि ली ने एक अंक बनाने के लिये दो बार शटल पर रैकेट मारा है।श्रीकांत के विरोध के बावजूद ली को इसके लिये जुर्माना नहीं लगा और मैच चलता रहा। स्पोर्ट्स मिनिस्टर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ खुद इस मैच को देखने के लिए वहां मौजूद थे।

 

 

वही पुरुष डबल्स में सात्विकसाईंराज और चिराग शेट्टी की जोड़ी को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के मार्कस एलिस और क्रिस लैंगरिज की जोड़ी ने हरा दिया। चिराग और सात्विक की जोड़ी को 38 मिनट के भीतर ही इंग्लैंड की जोड़ी ने मात दी। पहले गेम में सात्विक और चिराग की जोड़ी शुरुआत से ही पिछड़ गई। पहले गेम के ब्रेक में इंग्लैंड की जोड़ी 11-7 से आगे हो गई, इसके बाद दूसरे हाफ में भारतीय जोड़ी ने वापसी कर स्कोर 14-10 तक पहुंचाया। लेकिन भारतीय जोड़ी दूसरे हाफ में भी वापसी नहीं कर सकी और पहला गेम 21-13 से गंवा दिया।

 

वहीं स्क्वॉश में भी भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में दीपिका पल्लीकल और जोशना चिनप्पा की जोड़ी को न्यूजीलैंड की जोएल किंग्स और अमांडा मर्फी लैंडर्स की जोड़ी ने हराया। जोले और मर्फी की जोड़ी ने 21 मिनट तक चले मैच में दीपिका-जोशना की जोड़ी को 11-9, 11-8 से मात दी

 

टेबल टेनिस मुकाबलो में भी भारत को दो कांस्य पदक मिले। मिश्रित युगल में मनिका बत्रा और साथियान ग्यानासेकरण की जोड़ी ने अपने ही देश के अंचत शरत कमल और मौमा दास की जोड़ी को हराया। मनिका और साथियान की जोड़ी ने शरत कमल और मौमा दास को कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में 11-6, 11-2, 11-4 से मात दी। वहीं पुरुष सिंग्लस में भारत के अंचत शरत कमल ने इंग्लैंड के सैमुएल वॉकर को हराकर कांस्य पदक जीता। शरत कमल ने सैमुएल को 11-7, 11-9, 9-11, 11-6, 12-10 से हराया।

 

इसके साथ ही भारत इस बार के राष्ट्रमंडल खेलो में कुल 66 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल जीते। 198 पदकों के साथ मेजबान ऑस्ट्रेलिया पहले और 136 पदकों के साथ इंग्लैंड दूसरे स्थान पर रही। कनाडा चौथे और न्यूजीलैंड पांचवे स्थान पर रही। 4 अप्रैल को राष्ट्रमंडल खेलों का आगाज हुआ था और भारत का इसमें अब तक का ये तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।