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20 साल: राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के क्रिकेट करियर के साथ के 10 यादगार लम्हें जो फैन्स कभी भूल नहीं पाएंगे

EXPERT COLUMNIST
Modified 20 Jun 2016
आज से 20 साल पहले लॉर्ड्स में भारत की तरफ से दो नए खिलाड़ियों ने अपना पहला टेस्ट खेला था। उस मैच में दोनों के चयन के समय किसी ने सोचा नहीं होगा कि दोनों भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार हो जाएंगे। अभी तक तो आप समझ ही गए होंगे कि हम यहाँ पर किसकी बात कर रहे हैं। यहाँ बात हो रही है भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में एक सौरव गांगुली और कई सालों तक टीम इंडिया की 'दीवार' कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ की। दोनों ने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत एक साथ की और आज संन्यास लेने के कई साल बाद भी क्रिकेट में अपना योगदान अलग-अलग तरह से दे रहे हैं। यहाँ हम उन 10 यादगार लम्हों के बारे में बात करेंगे जिसमें ये दोनों क्रिकेटर शामिल थे और उन्हें एक क्रिकेट प्रेमी कई सालों तक भुला नहीं पाएगा। #1 पहला लॉर्ड्स टेस्ट rahu11-1466325081-800 (1) 1996 के विश्व कप के बाद भारतीय टीम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जून में इंग्लैंड गई। उस टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, वहीँ नए खिलाड़ियों में बंगाल के सौरव गांगुली और कर्नाटक के राहुल द्रविड़ और वेंकटेश प्रसाद को शामिल किया गया था। पहला टेस्ट हारने के बाद भारत को दो झटके लगे। नवजोत सिंह सिद्धू टीम को छोड़ कर वापस आ गए और संजय मांजरेकर चोटिल होने के कारण दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं थे। इसी कारण से दो नए खिलाड़ियों को अपना पहला मैच खेलने का मौका मिल गया। इंग्लैंड के पहले पारी के 344 के जवाब में भारतीय टीम को दो शुरूआती झटके लगे और तब सौरव गांगुली खेलने आये। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का बखूबी सामना किया।  स्कोर जब 202/5 हो गया तब नए बल्लेबाज राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली का साथ देने आये। गांगुली ने उस पारी में 131 रन बनाये और टीम को बढ़त दिलाने अहम योगदान दिया। राहुल द्रविड़ अभाग्यशाली रहे कि अपना शतक नहीं बना सके और 95 रनों पर आउट हुए। लेकिन इस मैच ने दो महान क्रिकेटरों के क्रिकेट जीवन का पहला अध्याय लिख दिया था। 
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Published 20 Jun 2016
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