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10 क्रिकेटर जिनकी बायोपिक शानदार बन सकती है

जितेंद्र तिवारी

इस महीने के अंत में भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी के जीवन पर आधारित फिल्म “एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी” रिलीज होने वाली है। जिसमें झारखंड के रहने वाले इस भारतीय खिलाड़ी के जीवन के अनछुए पहलुओं से दर्शक रूबरू होंगे। साल 2001 में टिकट कलेक्टर से लेकर धोनी के भारत को दो विश्वकप जिताने की कहानी इस फिल्म में देखने को मिलेगी। कड़ी मेहनत, समर्पण और किस्मत ने धोनी को दुनिया का सबसे सफल कप्तान बनाया है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी आलोचना भी हुई है, जिससे वह पार पाते हुए आगे बढे हैं। संन्यास के बाद धोनी की कहानी स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी। बायोपिक में क्रिकेट के जीवन के ऐसे पहलू शामिल होते हैं, जो बहुत कम ही लोग जानते हैं। एमएस धोनी की फिल्म का पूरा देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है, ऐसे में हमने एक लिस्ट बनाई है, जिनमें ये बताने की कोशिश है कि और कौन से क्रिकेटर हैं, जिनपर फिल्म बनाई जा सकती है:


#10 केविन पीटरसन (इंग्लैंड) peitersen-1473352930-800

दक्षिण अफ्रीका में जन्में पीटरसन प्रथम श्रेणी में 1997 में नटल के लिए डेब्यू करने के बाद साल 2000 में इंग्लैंड आ गये। पीटरसन इंग्लिश टीम में तभी जगह बना सकते थे, जब उनका करियर 4 साल तक काउंटी क्रिकेट में चल पाता। अपने चार साल पूरे करते ही उन्हें इंग्लिश टीम में शामिल कर लिया गया। 2004 में उन्होंने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अपना पहला वन-डे खेला। साल 2005 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केविन ने डेब्यू किया और शेन वॉर्न की जमकर धुनाई की। उन्होंने इंग्लैंड को एशेज में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उसके बाद वह इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी के मुख्य धुरी बन गये। साल 2012 में पीटरसन और उनके साथी खिलाड़ियों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गये, जिसमें पीटरसन पर आरोप लगे की उन्होंने टीम की बातें दक्षिण अफ़्रीकी खिलाड़ियों को मेसेज किए थे। खासकर उस समय के इंग्लिश कप्तान एंड्रू स्ट्रॉस पर उनका निशाना था। जिसके बाद पीटरसन को तीसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया। उनकी वापसी स्ट्रॉस के संन्यास के बाद ही हुई। 2013 में केविन ने भारत के स्पिन आक्रमण के खिलाफ बेहतरीन शतकीय पारी खेली। जिसकी मदद से इंग्लैंड ने सीरीज 2-1 से जीत ली। लेकिन उनके मतभेद जारी रहने के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। विवादित करियर के बावजूद भी पीटरसन आज भी दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं। #9 हैन्सी क्रोनिए (दक्षिण अफ्रीका) hansie-1473352990-800 क्रोनिए बतौर कप्तान दक्षिण अफ़्रीकी टीम के बहुत प्रभावी लीडर थे। उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को बहुत ही अच्छे से लीड किया। लेकिन उनका करियर तब चौपट हो गया जब वह मैच फिक्सिंग में पकड़े गये। इससे पूरा क्रिकेट जगत सकते में आ गया। क्रोनिए ने उस वक्त ये बात मानी थी कि भारतीय बुकी से उनकी मुलाकात पूर्व भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन ने करवाई थी। इसके बाद क्रोनिए सहित बाकी भारतीय क्रिकेटरों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। 1999 वर्ल्डकप में अफ़्रीकी टीम की कप्तानी करने वाले इस खिलाड़ी की 2002 में प्लेन दुर्घटना में मौत हो गयी थी। क्रोनिए निचले मध्यक्रम के बेहतरीन बल्लेबाज़ थे। उन्होंने टेस्ट में 3,714 और वनडे में 5,565 रन बनाये थे। इसके अलावा क्रोनिए एक बेहतरीन मध्यम गति के गेंदबाज़ भी थे। जिन्होंने सचिन को कई मौके पर आउट भी किया था। तेंदुलकर ने खुद माना था कि क्रोनिए को खेलना कठिन था। #8 वीरेंदर सहवाग (भारत) viru-1473421155-800 “नजफ़गढ़ के नवाब” संन्यास लेने के बाद सोशल नेटवर्किंग साईट पर मजेदार ट्वीट करके आज भी लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। ये डैशिंग बल्लेबाज़ अपने मजेदार बर्थ-डे विशेस और लोगों को ट्रोल करके सुर्खियाँ बन जाता है। उनके जवाब कमाल के होते हैं। दिल्ली के इस बल्लेबाज़ ने 2001 में भारत के लिए डेब्यू किया। उसके बाद अपने पदार्पण टेस्ट में शतक जमाया। इसके बाद इसी साल वह भारत की तरफ से सबसे तेज शतक बनाने वाले बल्लेबाज बने। लोगो उन्हें वन-डे का विशेषज्ञ बल्लेबाज़ मानते थे। लेकिन सहवाग ने सबको गलत साबित करते हुए 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ और 2008 में प्रोटीज के खिलाफ तिहरा शतक बनाया। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज़ हैं। सहवाग और अख्तर में अक्सर मैदान पर कहासुनी होती रहती थी। पाकिस्तान में एक टेस्ट मैच में अख्तर लगातार सहवाग से कह रहे थे, “हुक मार के दिखा”। सहवाग ने अख्तर से अपने ही अंदाज में सचिन की तरफ इशारा करते हुए बोले, “नान स्ट्राइकर एंड पर तेरा बाप खड़ा है उसको बोल वह मार के दिखायेगा।” अगले ही ओवर में तेंदुलकर ने अख्तर की गेंद पर शानदार हुक शॉट से छक्का जड़ा। सहवाग अख्तर के पास जाकर बोले, “बेटा-बेटा होता है, बाप-बाप होता है।” साल 2011 में सहवाग ने वन-डे का सबसे बड़ा स्कोर विंडीज के खिलाफ 219 रन बनाया। बाद रोहित शर्मा ने उनके इस रिकॉर्ड को 2014 में तोड़ दिया। वह संन्यास लेने के बावजूद भी अपनी कहने में शरमाते नहीं हैं। #7 शोएब अख्तर (पाकिस्तान) akhtar-1473353079-800 रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अपने समय के सबसे तेज गेंदबाज़ शोएब अख्तर को उनके एक्शन और बर्ताव के लिए लोग आज भी उन्हें याद रखते हैं। अख्तर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अधिकारिक तौर पर 161.3 किमी/घंटे की स्पीड से गेंद फेंकी थी। ये कारनामा उन्होंने साल 2003 के वर्ल्डकप में किया था। उनके सामने इंग्लैंड के ओपनर निक नाईट बल्लेबाज़ी कर रहे थे। वह पहले ऐसे गेंदबाज़ थे, जिसने 100 mph की रफ्तार से गेंद फेंकी। 1999 में शोएब ने ईडन गार्डन में लगातार दो गेंदों पर राहुल द्रविड़ और तेंदुलकर को बोल्ड किया था। अख्तर ने अपनी पेस से सचिन और द्रविड़ को चौंका दिया था। पाकिस्तानी टीम का नियमित सदस्य बनने के बाद अख्तर से अक्सर बोर्ड और साथी खिलाड़ियों से विवाद भी हुआ। अख्तर पर कराची में नेशनल कैंप में गाली-गलौच करने की वजह से पीसीबी ने उनके ऊपर 300,000 रुपये का जुर्माना ठोंका था। उनका पूरा करियर विवादों से भरा रहा। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान को सफलता भी दिलाई। #6 शाहिद आफरीदी (पाकिस्तान) afridi-1473353130-800 पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी अब तक अपने देश के इतिहास के सबसे दिग्गज आलराउंडर साबित हुए हैं। 1998 में अपना डेब्यू करने वाले आफरीदी काफी विध्वंसक बल्लेबाज़ माने जाते हैं। उन्होंने वनडे का सबसे तेज शतक बनाया था। जिसे 2014 में कोरी एंडरसन ने तोड़ा है। इस पूर्व सलामी बल्लेबाज़ ने वन-डे में सबसे ज्यादा छक्का भी जड़े हैं। आफरीदी ने बाद में खुद को एक बेहतरीन स्पिनर के तौर पर भी निखारा। आफरीदी ने टेस्ट में 48 और वन-डे में 350 विकेट लिए हैं। साथ ही वह टी-20 में 92 मैचों में 92 विकेट ले चुके हैं। आफरीदी के साथ भी विवाद जुड़े रहे। नवम्बर 2005 में उन्हें 2 वनडे और 1 टेस्ट के लिए निलम्बित कर दिया गया था। साल 2011 में आफरीदी ने पीसीबी के विरोध में संन्यास ले लिया था। बाद में उनकी टीम में वापसी हुई। बोर्ड ने आफरीदी पर 4.5 मिलियन रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अपने करियर के ढलान में आफरीदी पर भारतीय लोगों पर ज्यादा प्यार जताने के लिए भी आलोचना हुई। इसके अलावा उनका करियर बोर्ड के साथ रिश्तों की वजह से भी प्रभावित हुआ। 2013 में आफरीदी ने गयाना में हुए विंडीज के खिलाफ एक वन-डे में 12 रन देकर 7 विकेट लिए थे। जो वन-डे का बेहतरीन गेंदबाज़ी फिगर है। साल 2014 में आफरीदी ने “शाहिद आफरीदी फाउंडेशन ” बनाया। जिसका काम है पाकिस्तान में मेडिकल सुविधाओं और शिक्षा को बढ़ावा देना। 2015 में डू समथिंग के जरिये उन्हें दुनिया का सबसे ज्यादा चैरिटी करने वाला क्रिकेटर बताया। #5 विवियन रिचर्ड्स (वेस्टइंडीज) viv-1473353264-800 सर इसाक एलेग्जेंडर रिचर्ड्स अपने पीढ़ी के विस्फोटक बल्लेबाज़ थे। वह नेचुरल स्ट्रोक प्लेयर थे। वह गेंदबाजों के लिए किसी दुस्वप्न से कम नहीं थे। उस समय उनकी स्ट्राइक 60 थी जब लोग रन बनाने को संघर्ष करते थे। वहीं वन-डे में उनका स्ट्राइक रेट 90 के करीब था। 1974 में रिचर्ड्स ने अपना डेब्यू टेस्ट भारत के खिलाफ खेला था। नयी दिल्ली में दुसरे टेस्ट में ही उन्होंने 192 रन की पारी खेली थी। पहले विश्वकप 1975 में इस सलामी बल्लेबाज़ ने विंडीज को कप जिताने में अहम योगदान दिया था। ये पल उनके करियर का सबसे यादगार पल था। वनडे में उनका उच्च स्कोर 189 था। जो उन्होंने 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। जिसे बाद में सईद अनवर ने 1997 में तोड़ा था। रिचर्ड का अफेयर भारतीय अभिनेत्री नीना गुप्ता के साथ हुआ और 1980 में इन दोनों के एक लड़की मसाबा हुई जो एक फैशन डिज़ाइनर हैं। #4 रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) punter-1473353288-800 पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग अपनी पीढ़ी के महान खिलाड़ियों में से एक हैं। पोंटिंग ने अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों की खूब धुनाई की। वह एकमात्र ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट में दो शतक बनाये हैं। क्लाइव लॉयड के बाद एकमात्र ऐसे कप्तान जिन्होंने दो विश्वकप जीते हैं। साल 2003 वर्ल्डकप के फाइनल में उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं। उन्होंने इस मैच में 140 रन की पारी खेली थी। जिससे भारत के सामने ऑस्ट्रलिया ने 359/2 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में भारतीय टीम 234 रन पर आलआउट हो गयी थी। 2008 में सिडनी में हुए भारत के साथ दूसरे टेस्ट मैच में उनके खराब बर्ताव के लिए काई आलोचना हुई थी। इस मैच में भारत के खिलाफ अंपायरिंग भी काफी खराब हुई थी। जिसकी वजह से भारत ये टेस्ट मैच हार गया था। भारत के कप्तान अनिल कुंबले ने दुखी होकर कहा था कि इस टेस्ट में एक ही टीम ने टीम भावना से प्रेरित होकर खेला है। #3 सौरव गांगुली (भारत) ganguly-1473353350-800 प्रिंस ऑफ़ कोलकाता नाम से मशहूर भारत के सबसे सफल कप्तान सौरव गांगुली ने 1996 में अपने डेब्यू टेस्ट में शतक बनाया था। उसके बाद इसी सीरीज में उन्होंने एक और शतक बनाया था। 1999 के वर्ल्डकप में श्रीलंका के खिलाफ गांगुली ने टांटन में हुए मैच में 183 रन की पारी खेली। उन्होंने द्रविड़ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 331 रन की साझेदारी निभाई थी। बंगाल टाइगर नाम से मशहूर दादा को 2000 में भारतीय टीम की कप्तानी का दायित्व सौंप दिया गया था। मैच फिक्सिंग के दंश से टीम को उबारते हुए गांगुली ने अपनी कप्तानी में 2000 में ही केन्या में हुए आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के फाइनल तक टीम को पहुँचाया। जहाँ टीम फाइनल में कीवी टीम से हार गयी थी। दादा की कप्तानी में सहवाग, ज़हीर, युवराज, हरभजन और नेहरा जैसे खिलाड़ियों ने टीम में जगह बनाई थी। जिन्होंने लम्बे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा की। लॉर्ड्स में हुए नेटवेस्ट ट्रॉफी का वह फाइनल मैच जिसे दादा की कप्तानी में भारत ने जीता था। इस फाइनल में मिली जीत का जश्न दादा ने जर्सी उतारकर मनायी थी। 2003 के वर्ल्डकप गांगुली ने भारतीय टीम की कप्तानी की थी। जहाँ भारत फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। इसके अलावा गांगुली एक शानदार सलामी बल्लेबाज थे। उन्होंने सचिन के साथ कई साझेदारी निभाई थी। वनडे में दादा ने 22 शतक लगाये थे। 2005 में कोच ग्रेग चैपल के साथ गांगुली का विवाद भी हो गया था। जिसकी वजह से गांगुली से कप्तानी लेकर द्रविड़ को ये जिम्मेदारी सौंपी गयी। नवम्बर 2005 में उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। जनवरी 2006 में उन्हें टेस्ट टीम से भी बाहर कर दिया गया। जिसको लेकर कोलकाता के साथ पूरे देश में दादा को खूब सपोर्ट मिला। बाद में उनकी टीम में वापसी हुई। साल 2011 में गांगुली को आईपीएल में कोई खरीददार ही नहीं मिला। जबकि वह पहले तीन सीजन में कोलकाता के कप्तान थे। हालाँकि उनके कार्यकाल में टीम सेमीफाइनल में एक बार भी नहीं पहुँच पायी थी। लेकिन धोनी के बाद ये भारतीय बल्लेबाज़ दूसरा सबसे सफल भारतीय कप्तान रहा। साथ ही टेस्ट में वह धोनी के मुकाबले ज्यादा सफल साबित हुए थे। क्योंकि विदेशों में उनकी टीम को ज्यादा जीत मिली थी। #2 शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) warne-1473353386-800 शेन कीथ वॉर्न अपनी लेग स्पिन की कला में काफी माहिर थे। उन्होंने 1992 में अपना पहला टेस्ट मैच भारत के खिलाफ खेला था। वॉर्न के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सचिन और रवि शास्त्री ने उनकी जमकर खबर ली। पूरी सीरीज उनकी धार कुंद रही। 1993 के एशेज में इंग्लैंड के दौरे पर वॉर्न ने जादुई गेंदबाज़ी की। उन्होंने माइक गेटिंग को अपनी पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। गेंद उनका लेग स्टम्प ले उड़ी। इस गेंद को “बाल ऑफ़ द सेंचुरी” सेंचुरी घोषित किया गया। उसके बाद वॉर्न के करियर में जबरदस्त उछाल आया। भारत को छोड़कर वॉर्न ने दुनिया के सभी कोने में शानदार प्रदर्शन किया। वॉर्न महान स्पिनर होने के अलावा क्रिकेट की दुनिया के सबसे विवादित खिलाड़ी भी रहे। वह कई बार स्मोकिंग करते हुए तो कई बार अपनी जिंदगी से जुडी चीजों के विवादों से घिरे रहे। 2003 वर्ल्डकप से पहले वह डोप टेस्ट में फेल हो गये। जिसकी वजह से वह टूर्नामेंट से बाहर कर दिए गये। वॉर्न ने सरेआम स्टीव वा की स्वार्थी कहकर आलोचना भी की थी। 1994 में उन्होंने एक भारतीय बुकी के जरिये मार्क वॉ को मौसम और पिच की रिपोर्ट की जानकारी दी थी। इसके लिए उनके ऊपर कार्यवाही भी हुई थी। शादीशुदा और बच्चों के बावजूद भी वॉर्न के कई महिलाओं के साथ संबंध रहे। 2005 में उन्होंने एक ब्रिटिश महिला लौरा सयेर्स को खुद से जुड़ने व केविन पीटरसन को छोड़ने की बात कही थी। इसी तरह उनका नाम एंजेला गल्लाघेर से भी जुड़ा, जिसके बाद सिमोन वॉर्न ने उन्हें तलाक दे दिया। सिमोन ने अधिकारिक तलाक बाद भी वॉर्न को एक और मौका देना चाहा। लेकिन वॉर्न का नाम फिर एक ब्रिटिश मॉडल से जुड़ा। वह गलती अपनी पत्नी को सन्देश भेज बैठे थे। बाद में इस दिग्गज स्पिनर का नाम लिज़ हर्ले के साथ जुड़ा। लेकिन हर्ले ने वार्न को इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उनका नाम एक पोर्नस्टार से जुड़ा था। साल 2007 में वॉर्न ने अपना आखिरी टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। टेस्ट में उनके नाम 708 विकेट हैं। #1 क्रिस गेल (वेस्टइंडीज) gayle-1473353470-800 जमैका के धुरंधर सलामी बल्लेबाज़ क्रिस गेल ने 2000 में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अपना अंतर्राष्ट्रीय करियर शुरू किया था। लेकिन कुछ ही दिन में वह काफी प्रभावी खिलाड़ी बन गये। 2002 में उन्होंने अपने चयन को जस्टिफाई कर दिया जब उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 1000 रन बना डाले। गेल ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जिन्होंने टेस्ट में 2 तिहरे शतक बनाये हैं। साथ ही टेस्ट मैच की पहली ही गेंद पर छक्का भी मारा है। साल 2015 के वर्ल्डकप में दोहरा शतक बनाकर वह ये कारनामा करने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गये। जमैका के इस बल्लेबाज़ को टी-20 क्रिकेट का बादशाह माना जाता है। इस फॉर्मेट में गेल ने अब तक 18 शतक बनाये हैं उनके बाद मैकुलम ने 11 शतक बनाये हैं। वह किसी भी टी-20 टीम के सबसे अहम सदस्य माने जाते रहे हैं। आईपीएल में उन्होंने आरसीबी के लिए भी खूब रन बनाये हैं। गेल के नाम टी-20 क्रिकेट के सर्वाधिक स्कोर बनाने का भी रिकॉर्ड है। गेल एक विस्फोटक बल्लेबाज़ के साथ-साथ शानदार लाइफ जीना भी पसंद करते हैं। उन्हें पार्टी करने का खूब शौक है। हाल के इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि ज़िन्दगी छोटी है इसे हर पल आखिरी मानकर जीना चाहिए। इनके घर पर जो भी आता है उसे अपने घर एहसास गेल करा देते हैं। उनके बचपन में उनकी ज़िन्दगी इतनी शानदार नहीं थी। उनके पिता एक पुलिस ऑफिसर और उनकी माँ कपड़ों का कतरन बेचती थीं। यद्यपि वह बहुत गरीब नहीं थे, लेकिन बहुत अमीर भी नहीं थे। लेखक-आर्य शेखर, अनुवादक-जितेन्द्र तिवारी

Edited by Staff Editor

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