IPL: 10 खिलाड़ी जो कभी दिल्ली डेयरडेविल्स का रह चुके हैं हिस्सा

दिल्ली डेयरडेविल्स आईपीएल इतिहास की सबसे विचित्र टीम रही है। उन्होंने आईपीएल के दो सत्रों (2009 और 2012) में प्लेऑफ में जगह बनाई लेकिन बाकी सत्रों में वे जीत के लिए संघर्ष करते दिखे और अंक तालिका में निचले पायदान पर ही रहे। लेकिन ऐसा क्यों हुआ? क्या उनके पास बढ़िया टीम नहीं थी? नहीं, वास्तव में उनके पास बहुत सारे महान खिलाड़ी रहे हैं लेकिन दिल्ली डेयरडेविल्स के टीम प्रबंधन के खराब फैसलों का खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ा और यही वजह है कि दिल्ली की टीम एक भी आईपीएल ख़िताब नहीं जीत सकी है। इस लेख में हम ऐसे 10 खिलाड़ियों के बारे में जानेंगे जो कभी दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा रह चुके हैं:

#10 महेला जयवर्धने (2012-2014)

महेला जयवर्धने 2012 में दिल्ली टीम में शामिल हुए। आईपीएल सीज़न 2011 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद दिल्ली ने टीम को फिर से खड़ा करने के लिए अनुभवी खिलाड़ी जयवर्धने को खरीदा था। हालाँकि, टीम को उनसे बहुत उम्मीदें थीं लेकिन उन्होंने उस सीज़न में औसत प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 335 रन बनाए लेकिन यह आईपीएल में दिल्ली का सर्वश्रेष्ठ सीज़न था क्योंकि वे लीग दौर में अंक तालिका में सबसे ऊपर रहे। इसके बाद अगले सीज़न में भी जयवर्धने ने पिछले साल जैसा ही प्रदर्शन करते हुए 15 मैचों में 105 की मामूली स्ट्राइक-रेट के साथ 331 रन बनाए। लेकिन इस साल दिल्ली पॉइंट टेबल के निचले पायदान पर रही। 2014 में उन्हें कोई भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला और 2015 उन्हें ही बाहर कर दिया गया।

#9 मोर्न मोर्केल (2011-2013)

मोर्न मोर्केल 2011 से 2013 तक 3 सत्रों में दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा रहे। हालाँकि मॉर्केल ने दिल्ली के लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन फिर भी दिल्ली टीम प्रबंधन ने उन्हें टीम में रिटेन नहीं किया। इस दक्षिण अफ़्रीकी तेज गेंदबाज़ ने अपने पहले सत्र में दिल्ली के लिए 7.55 की इकोनोमी रेट के साथ 13 विकेट लिए थे लेकिन फिर भी उनकी टीम अंक तालिका में निचले पायदान पर ही रही। अपने दूसरे सत्र में, मोर्केल ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए 16 मैचों में 25 विकेट लिए और अपनी टीम के प्लेऑफ में जगह बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने पर्पल कैप भी अपने नाम की। स्पष्ट रूप से, यह आईपीएल में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। हालांकि, वह 2013 में अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके, जो कि आईपीएल में उनका सबसे खराब सत्र रहा। 10 मैचों में सिर्फ 7 विकेट, उनके स्तर के गेंदबाज़ के लिए बेहद निराशाजनक प्रदर्शन था और इसी वजह से उन्हें टीम से भी बाहर कर दिया गया। मॉर्केल 2016 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले और उसके बाद उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला।

#8 शिखर धवन (2008)

वर्तमान में सनराइज़र्स हैदराबाद के महत्वपूर्ण खिलाड़ी शिखर धवन कभी दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते थे। उन्होंने आईपीएल के पहले सीज़न में दिल्ली की तरफ से खेला था। अपने पहले सीज़न में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 37.77 की औसत से 340 रन बनाए थे, जिसमें 4 अर्धशतक भी शामिल हैं। उस सीज़न में दिल्ली ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था जिसमें धवन का अहम किरदार था, लेकिन अगले सत्र के लिए धवन को टीम में बरकरार नहीं रखा गया जो कि एक चौंकाने वाली बात थी। शायद उनकी 115.25 की खराब स्ट्राइक इसका एक कारण थी।

#7 आरोन फिंच (2011-2012)

2011 की आईपीएल नीलामी में ऑस्ट्रेलिआई विस्फोटक बल्लेबाज़ आरोन फिंच को दिल्ली डेयरडेविल्स ने अपनी टीम में शामिल किया था। हालाँकि दिल्ली में उनका समय कुछ अच्छा नहीं रहा और उन्होंने 6 मैचों में 7.83 की औसत से महज 47 रन बनाए। हो सकता है कि अगर उन्हें 2-3 मैच ओर खेलने का मौका मिलता तो आंकड़े अलग होते। उनका दूसरा सीजन भी कमोबेश ऐसा ही रहा । इस सीज़न में फिंच ने केवल 2 मैच खेले और 27.50 की औसत से 55 रन बनाए। उन्होंने अपने पिछले सीज़न से पहले ही बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन शायद दिल्ली को उस सीज़न में उनकी कमी महसूस नहीं हुई क्योंकि यह उनका सर्वश्रेष्ठ सीज़न था। अगले सीज़न में उन्होंने पुणे वारियर्स की ओर से खेला और 14 मैचों में 456 रन बनाए।

#6 सिद्धार्थ कौल (2013-2014)

2013 में 23 वर्षीय सिद्धार्थ कौल ने दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए अपना पहला आईपीएल खेला था। 2012 की नीलामी में उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने चुना था लेकिन उस सीज़न में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। उस सीज़न में उन्होंने 7.78 की इकोनॉमी रेट से 6 मैचों में 4 विकेट लिए थे। वहीं अपने दूसरे सीज़न में उन्होंने 5 मैचों में 9.69 की महंगी इकोनॉमी रेट से रन दिए और केवल 2 विकेट हासिल किये। लेकिन आईपीएल सीज़न 2016 में कौल ने सनराइज़र्स हैदराबाद की ओर से वापसी की और बेहतर प्रदर्शन किया। हर सीज़न के साथ उनके प्रदर्शन में निखार आया है और अब वह हैदराबाद के अहम गेंदबाज़ हैं।

#5 युवराज सिंह (2013-2014)

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए बेहद निराशाजनक प्रदर्शन करने के बाद युवराज सिंह को दिल्ली डेयरडेविल्स ने आईपीएल सीज़न 2015 में अपनी टीम में शामिल किया था। इस सीज़न में भी युवराज के औसत प्रदर्शन से दिल्ली टीम अंक तालिका में 7वें स्थान पर रही। हालांकि, 2014 की तुलना में दिल्ली के लिए अच्छा सीज़न था लेकिन युवी के प्रदर्शन में कोई बेहतरी नहीं नज़र आई। दिल्ली के लिए 14 मैच खेलते हुए युवराज ने केवल 248 रन बनाए और केवल एक विकेट लिया।

#4 उमेश यादव (2009 -2013)

उमेश यादव 2009 में दिल्ली टीम में शामिल थे लेकिन उन्हें 2010 तक कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला। दिल्ली के लिए उनके पहले दो सीज़नअच्छे नहीं रहे और इनमें यादव को महंगी दर के साथ केवल 8 विकेट मिले। लेकिन अगले दो सीज़न (2012 और 2013) में उन्होंने वापसी की और क्रमश: 19 और 16 विकेट लिए। ताज्जुब की बात है कि जब उमेश यादव अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे तब दिल्ली टीम प्रबंधन ने उनको टीम में रखना ज़रूरी नहीं समझा जबकि उसके बाद से उनकी गेंदबाज़ी में लगातार सुधार आया है।

#3 आंद्रे रसेल (2012-2013)

आईपीएल सीज़न 2012 में जब पहली बार आंद्रे रसेल को आईपीएल में खेलने का मौका मिला तो बहुत से लोगों के लिए वह चर्चा का विषय थे। खासकर बल्ले और गेंद दोनों के साथ उनकी क्षमता से हम सब भली-भांति परिचित हैं। दिल्ली की तरफ से उन्होंने दो सत्रों में कुल 7 मैच खेले और 58 रन बनाए, जबकि गेंदबाज़ी में 10 की महंगी इकोनॉमी रेट से केवल एक विकेट लिया। इसके बाद उन्हें दिल्ली ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया और अब वह केकेआर के स्टार खिलाड़ी हैं।

#2 एबी डीविलियर्स (2008-2010)

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में एबी डीविलियर्स बैंगलोर टीम का अभिन्न हिस्सा रहे हैं लेकिन यह शानदार खिलाड़ी कभी दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए भी खेलते थे। एबी ने आईपीएल के पहले सीज़न में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेला था, हालाँकि उन्हें केवल 6 मैच खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने सिर्फ 95 रन बनाए। मध्य क्रम में एक फिनिशर के रूप में बल्लेबाजी करने के कारण उन्हें क्रीज़ पर टिकने के लिए ज्यादा समय नहीं मिला था। हालांकि, वह अगला सीज़न उनके लिए बेहतरीन साबित हुआ और उस सीज़न में डीविलियर्स ने 465 रन बनाए,जिसमें उनका पहला आईपीएल शतक भी शामिल है। लेकिन आईपीएल सीज़न 2010 में उन्होंने फिर खराब प्रदर्शन (7 मैचों में केवल 111 रन) किया, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

#1 डेविड वार्नर (200 9 -2013)

डेविड वॉर्नर 5 साल तक दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज़ रहे हैं। 2009 की आईपीएल नीलामी में डीडी ने उन्हें अपनी टीम में चुना था, लेकिन अपने तीन सत्रों में वह केवल 25 की औसत से ही रन बना पाए। हालांकि, 2013 में वॉर्नर ने 410 रन बनाकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। लेकिन उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद, उन्हें टीम में रिटेन नहीं किया गया और अंततः हैदराबाद ने उन्हें अपनी टीम में चुना। एसआरएच की तरफ से वार्नर ने हर सीज़न में 500 से ज़्यादा रन बनाए हैं और ऑरेंज कैप जीतने में कामयाब रहे हैं। लेखक: सुनील जोसफ अनुवादक: आशीष कुमार

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