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क्रिकेट विश्व कप 2019 से पहले टीम इंडिया का विश्लेषण

  • इंग्लैंड दौरा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए विश्वकप 2019 से पहले की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है
Modified 21 Sep 2018, 20:23 IST

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जुलाई में होने वाली श्रृंखला सिर्फ कोहली बनाम एंडरसन और ब्रॉड ही नहीं बल्कि टीम इंडिया के लिए विश्व कप से पहले एक रिहर्सल की तरह होगी, क्योंकि विश्व कप 2019 इंग्लैंड में ही होगा। कप्तान कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री निश्चित रूप से बेहतरीन टीम संयोजन के साथ मैदान में उतरना चाहते होंगे। विदेशी परिस्थितियों में हमारे शीर्ष बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। लेकिन अब टीम इंडिया का निचला क्रम व्यवस्थित और मज़बूत नज़र आता है। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के नेतृत्व में और हार्दिक पंड्या जैसे उपयोगी गेंदबाज़ के साथ टीम इंडिया का गेंदबाज़ी विभाग और मजबूत हुआ है। इसके अलावा युजवेंद्र चहल या कुलदीप यादव में से किसी एक को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है। वॉशिंगटन सुंदर को संभावितों की दौड़ में बने रहने के लिए अपना सर्वश्रेष्ट खेल दिखाने की ज़रूरत है। रॉयल चैलेंजर्स के लिए खेल रहे सुंदर ने इस आईपीएल में प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं किया है लेकिन उनके निचले क्रम में बल्ले से योगदान देने की क्षमता चयनकर्ताओं को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा इस दौरे में अगर टीम इंडिया 3 नियमित तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतरने का फैसला करती है तो अनुभवी उमेश यादव और प्रतिभाशाली सिद्धार्थ कौल में से किसी एक को टीम में शामिल किया जा सकता है। वहीं तेज़ गेंदबाज़ शारदुल ठाकुर की स्थिति लगभग वाशिंगटन सुंदर जैसी ही है। टीम इंडिया के गेंदबाज़ी संयोजन में 2 तेज़ गेंदबाज़, 2 स्पिनर और 3 गेंदबाज़, 1 स्पिनर का संयोजन पिच के स्वभाव के अनुसार ही होगा। बल्लेबाज़ी की यहाँ तक बात है, आईपीएल का वर्तमान सीज़न बल्लेबाज़ी की दृष्टि से टीम इंडिया के लिए एक वरदान साबित हुआ है। टीम इंडिया लगभग पिछले 2 सालों से मध्य और निचले मध्य क्रम में सही संयोजन बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी। जहां अजिंक्य रहाणे, केदार जाधव, मनीष पांडे और दिनेश कार्तिक जैसे अनुभवी खिलाड़ी मध्य क्रम में टीम इंडिया के लिए खेलते आ रहे हैं वहीं श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत और अंबाती रायुडू जैसे खिलाड़ियों ने इस आईपीएल में अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन कर अपने आप को संभावितों की फेहरिस्त में शामिल किया है। इस साल के आईपीएल में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी खुशख़बरी निश्चित रूप से, महेंद्र सिंह धोनी का अपने पुराने रंग में वापिस लौटना है। इसके अलावा हार्दिक पंड्या ने बल्ले और गेंद दोनों के साथ अच्छा प्रदर्शन कर टीम इंडिया के निचले क्रम की चिंताओं को दूर कर दिया है। मध्य ओवरों में स्टंप के पीछे धोनी की भूमिका सराहनीय रही है। वह मध्य और आखिरी ओवरों में खुद फील्ड को नियंत्रित करने के साथ ही कोहली को समय समय पर सलाह भी देते रहते हैं, जिससे कई मैचों में टीम इंडिया को जीतने में मदद मिली है। एक फिनिशर के रूप में धोनी का योगदान तो हम सब जानते ही हैं। वहीं इस आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के शीर्षक्रम के बल्लेबाज़ लोकेश राहुल का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है रूप है। टेस्ट मैचों में टीम इंडिया सलामी बल्लेबाज़ों के आदर्श संयोजन के लिए जूझ रही है, ऐसे में लोकेश राहुल का प्रदर्शन उन्हें मुरली विजय पर तरजीह दिए जाने के लिए काफी है और वह टेस्ट मैचों में शिखर धवन के साथ बल्लेबाज़ी के लिए उतर सकते हैं। सीमित ओवरों के मैचों में धवन, रोहित और कोहली टीम के शीर्ष 3 खिलाड़ी हैं और सभी क्रिकेट प्रशंसक कप्तान विराट कोहली को नंबर 3 पर ही बल्लेबाज़ी करते देखना चाहेंगे, जिसका अर्थ है कि रोहित शर्मा सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर टीम में वापस लौट सकते हैं हालाँकि इस सीज़न में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। के एल राहुल के लगातार शानदार प्रदर्शन से टीम इंडिया राहत की साँस ले सकती है क्योंंकि वह वनडे में नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं जिससे टीम के मध्य क्रम को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, टीम इंडिया के लिए केदार जाधव का टीम से बाहर होना चिंता का विषय है। जैसा की हर्षा भोगले ने हाल ही में भारतीय टीम पर टिप्पणी करते हुए कहा था, केदार जाधव के चोटिल होने की वजह से टीम के शीर्ष 6 खिलाड़ियों में कोई भी गेंदबाज़ी नहीं कर सकता और 2011 विश्वकप में भारत की जीत के मुख्य कारणों में से एक था युवराज सिंह का गेंद के साथ महत्वपूर्ण सहयोग। टीम इंडिया में ऐसे बल्लेबाज़ ऑलराउंडर की सख्त कमी है जो ज़रूरत पड़ने पर गेंदबाज़ी में भी उपयोगी साबित हो। हालाँकि सुरेश रैना के टीम में वापिस आने से यह कमी पूरी हो सकती है लेकिन इंग्लैंड की तेज़ पिचों पर उनको अपना नौसर्गिक खेल खेलने में परेशानी हो सकती है। जहां तक रविचंद्रन अश्विन और जडेजा की बात है तो ऐसा लगता नहीं कि टीम से बाहर चल रहे यह दोनों खिलाड़ी चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी और खींच पाएंगे और विश्व कप की संभावित 15 सदस्यीय टीम में जगह बना पाएंगे। टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले टीम इंडिया को अपनी मध्य क्रम की समस्याओं को हल करने का एक मौका देगा। खासकर नंबर 4 और 5 के लिए अनुभवी और युवा खिलाड़ियों में कड़ा संघर्ष देखने को मिल सकता है। तो टीम इंडिया को हमारी शुभकामनाएं, यह श्रृंखला निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगी।   लेखक: ब्रोकन क्रिकेट
अनुवादक: आशीष कुमार

Published 21 May 2018, 08:55 IST
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