CSK Major Concerns after Back-to-Back Defeats: IPL के 18वें सीजन में पांच बार की चैंपियंस चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने अभियान की शुरुआत मुंबई इंडियंस के खिलाफ शानदार जीत के साथ की थी। हालांकि, इसके बाद टीम को लगातार दो मुकाबलों में मुंह की खानी पड़ी है। पहले आरसीबी ने सीएसके को उसके ही गढ़ में 17 सालों बाद हराने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद 30 मार्च को गुवाहाटी में हुए मुकाबले में सीएसके को राजस्थान रॉयल्स ने मात दी।
IPL के इस सीजन में टीम के प्रदर्शन को देखकर उसके फैंस थोड़ा चिंता में आ गए हैं। इस आर्टिकल में हम उन 3 मुश्किलों के बार में बात करेंगे, जो सीएसके की बैक टू बैक हार के बाद सामने आईं हैं।
3. IPL 2025 में CSK की बैटिंग लाइनअप में रवींद्र जडेजा का रोल
बाएं हाथ के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अब तक IPL 2025 में एक बार छठे नंबर पर और दो बार सातवें नंबर पर बैटिंग की है। इस बात में कोई शक नहीं है कि वह शुरू से ही गेंद को हिट नहीं कर सकते, लेकिन एक छोर पर टिके रह सकते हैं।
सीएसके ने अब तक मिडिल ऑर्डर में विजय शंकर और दीपक हुड्डा को आजमाया है, लेकिन उन्हें इसके बजाय जडेजा को उस रोल में आजमाना चाहिए। जडेजा चौथे नंबर पर बैटिंग कर सकते हैं, स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ा सकते हैं और स्लॉग ओवरों में बड़ी हिट्स भी लगा सकते हैं। सीएसके जडेजा को टॉप ऑर्डर में शामिल करने के बारे में सोच सकती है।
2. अंशुल कंबोज को प्लेइंग 11 में जगह ना देना
खलील अहमद ने अब तक इस सीजन में सीएसके लिए अच्छी गेंदबाजी की है, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सही साथ नहीं मिल पा रहा। सैम करन को अगर ज्यादा मौके मिलते तो वो इस भूमिका को निभा सकते थे, लेकिन RR के खिलाफ मैच में उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया। उनकी जगह खेले जेमी ओवरटन ने अपने प्रदर्शन से निराश किया था।
अंशुल कंबोज के चयन के लिए उपलब्ध होने के बाद भी उन्हें मौका दिया जा रहा है। अगर इस भारतीय गेंदबाज को मौका दिया जाता है, तो ये टीम के लिए अच्छा फैसला साबित होगा क्योंकि इससे प्लेइंग 11 में एक विदेशी खिलाड़ी का स्पॉट प्लेइंग 11 में खाली जाएगा।
1. रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी
रुतुराज गायकवाड़ ने इस सीजन में बतौर कप्तान कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जो थोड़े समझ के परे हैं। उन्होंने दो मैचों के बाद ही करन और दीपक हूडा जैसे खिलाड़ियों पर भरोसा जताना बंद कर दिया। इसी के साथ ये भी थोड़ा अटपटा लग रहा है कि गायकवाड़ खुद क्यों नहीं ओपन कर रहे है, जबकि वह बतौर ओपनर शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप जीत चुके हैं। इसके अलावा वह मैच हारने के बाद भी उनकी कप्तानी में कोई सुधार होता नजर नहीं आया है।