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3 क्रिकेट अम्पायर जिन्हें भारतीय फैन्स नापसंद करते हैं

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ANALYST
Modified 07 Nov 2018, 18:59 IST
टॉप 5 / टॉप 10
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क्रिकेट के मैदान पर अम्पायर का निर्णय सर्वमान्य होता है। उन्हें चंद सेकंड के समय में कोई निर्णय लेना होता है। ऐसे में कई बार फैसले बल्लेबाज के खिलाफ जाते हैं। आलोचनाएं होती है और उन्हें अगले मैच से हटाने की मांग तक होते हुए देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा बहुत बार देखने को मिला है। भारतीय टीम और खिलाड़ी खराब अम्पायरिंग के शिकार बहुत बार हुए हैं। इनमें एक बार ऐसा भी हुआ कि खराब अम्पायरिंग के कारण भारत को ड्रॉ होने जा रहे टेस्ट मैच में शिकस्त का सामना करना पड़ा।

तकनीक आने से खराब निर्णयों में कमी आई है। कई ऐसे मामले भी हैं जहां तकनीक का इस्तेमाल किये बिना अम्पायर खराब निर्णय देते हुए दिखे हैं। ऐसे ही कुछ अम्पायर हैं जो भारत के खिलाफ फैसले देते रहे और दर्शकों की नफरत का शिकार हुए।


अशोका डी सिल्वा

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भारत और श्रीलंका मैच में अगर अशोका डी सिल्वा अम्पायर होते थे तो कम से कम एक निर्णय उनका जरुर टीम इंडिया के खिलाफ रहने की आशंका रहती थी। इसके अलावा भारतीय टीम में अशोका डी सिल्वा का शिकार सौरव गांगुली कई बार हुए हैं। नवंबर 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भारत की पहली पारी में सौरव गांगुली को मर्विन डिल्लन की गेंद पर पगबाधा आउट दिया गया। मुख्य अम्पायर उस समय अशोका डी सिल्वा ही थे। साफ़ नजर आ रहा था कि गेंद गांगुली के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर पैड पर लगी थी। इस निर्णय पर अम्पायर की काफी आलोचना हुई थी। गांगुली ने भी कहा था कि तकनीक आने से खेल के इस क्षेत्र में सुधार हो सकता है।

डी सिल्वा को 2011 में कुछ खराब फैसलों की वजह से मुख्य मैचों से हटा दिया गया था। भारत के खिलाफ उनके कई निर्णय गलत रहे और इसी वजह से भारतीय फैन्स इन्हें पसंद नहीं करते हैं।

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Published 07 Nov 2018, 18:20 IST
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