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क्रिकेट इतिहास के 3 ऐसे कैच ड्रॉप ,जो सबसे महंगे साबित हुए

Ankit Pasbola
ANALYST
टॉप 5 / टॉप 10
Published 28 Jan 2019, 13:53 IST
28 Jan 2019, 13:53 IST


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बदलते वक्त के साथ क्रिकेट के स्वरूप में भी बदलाव आया है। पहले एकदिवसीय क्रिकेट 60 ओवरों का खेला जाता था वहीं अब 50 ओवरों का खेला जाता है। पहले सिर्फ मैदानी अंपायर के फैसले पर ही निर्णय किया जाता था मगर अब आधुनिक तकनीक के साथ अंपायर के फैसले को भी चुनौती ( डीआरएस ) दी जाती है। स्वरूप के साथ-साथ अब नया प्रारूप भी जोड़ा गया है, टी-20 क्रिकेट। इस फटाफट क्रिकेट में फील्डिंग को विशेष महत्व दिया जाने लगा है। प्रत्येक टीम अपने फील्डिंग के स्तर पर ध्यान देती है। प्रत्येक खिलाड़ी अपनी फिटनेस के स्तर में सुधार कर रहा है। परिणामस्वरूप मैच में एक से बढ़कर एक कैच देखने को मिल रहे हैं।

जब जब कैच छोड़ने का जिक्र होता है, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी हर्शल गिब्स द्वारा छोड़ा गया कैच जहन में आ जाता है। वह क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे कैच में शूमार है, जिसमें उनकी टीम को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी हो।

अब हम बात करते हैं क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे कैच की जिनकी टीम को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है:

# 3 जब मार्टिन गप्टिल का कैच मार्लोन सैमुएल्स ने छोड़ा

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यह रनों के लिहाज से विश्वकप के मुकाबले में सबसे महंगा कैच था, जब वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर मार्लोन सैमुअल्स ने कीवी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल का एक आसान कैच टपका दिया। यह मौका था 2015 के आईसीसी विश्व कप के चौथे क्वार्टर फाइनल का जिसमें न्यूजीलैंड पहले बल्लेबाजी कर रहा था।

वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेरोम टेलर की गेंद पर गुप्टिल, स्क्वायर लेग पर खड़े सैमुएल्स के हाथ मे कैच दे बैठे, मगर सैमुएल्स ने वह कैच टपका दिया। मात्र 4 रन के निजी स्कोर पर गप्टिल को जीवनदान मिला, उन्होंने जिसका पूरा फायदा उठाया। गुप्टिल ने नाबाद 237 रनों की पारी खेली जो कि विश्वकप में सबसे ज्यादा निजी स्कोर है। न्यूज़ीलैण्ड ने यह मैच 143 रनों के बड़े अंतर से जीता और विश्वकप के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई थी।

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Modified 20 Dec 2019, 21:14 IST
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