इन 3 भारतीय कप्तानों ने कभी नहीं हारी इंग्लैंड में कोई सीरीज़

भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई महान कप्तान हुए हैं। इन कप्तानों ने अपने नेतृत्व में टीम इंडिया को बुलंदियों पर पहुंचाने का काम किया। हालांकि सफलता केवल कुछ ही कप्तानों को मिली। क्रिकेट में कप्तानों के जरिए विदेशी धरती पर किसी सीरीज को बचा लेना भी काफी महत्वपूर्ण रहता है। क्रिकेट के खेल में किसी टीम के जरिए किसी दूसरे देश का दौरा करते हुए दूसरे देश को हरा देना आसान काम नहीं है। वहीं क्रिकेट के खेल में इंग्लैंड एक ऐसा देश है जिसे आसानी से उसी के घर में नहीं हराया जा सकता है।

टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड जैसी टीम को हरा पाना शुरू से ही मुश्किल काम रहा है। इसके पीछे की वजह है कि वहां की पिचें हर गेंदबाज और बल्लेबाज को सूट नहीं हो पाती है। जिसके कारण इंग्लैंड का दौरा करने वाली टीमें घुटने टेक कर वापस आ जाती है। हालांकि कई ऐसे देश भी हुए हैं जिन्होंने क्रिकेट के खेल में इंग्लैंड को उसी के घर में मात दी है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ज्यादा बार ऐसा नहीं कर पाया है।

आइए यहां जानते एक नजर उन भारतीय कप्तानों पर जिनकी कप्तानी में भारत को कभी भी टेस्ट में इंग्लैंड दौरे के दौरान हार का सामना नहीं करना पड़ा।

#1 कपिलदेव (1986: भारत जीता, 2-0)

भारत के क्रिकेट इतिहास में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कपिल देव की कप्तानी में भारत 1983 में पहली बार क्रिकेट विश्व कप को जीतने में कामयाब हो सका था। कपिल देव ने अपने समय में सफलता का नया स्तर तैयार किया और बेहतरनी कप्तान साबित हुए। साल 1978 में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने कपिल देव ने गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं 1983 विश्व कप जीतने के बाद कपिल देव की कप्तानी में और निखार देखा गया।

टेस्ट और एकदिवसीय मुकाबलों में कपिल देव ने न केवल देश में बल्कि देश से बाहर कामयाबी के झंड़े गाड़े। इसी क्रम में भारतीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में सीरीज भी काफी मायनों में अहम रही। साल 1986 में भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत ने शानदार खेल दिखाया था। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को उसी के घर में धूल चटा दी थी और इंग्लैंड का इस सीरीज में सूपड़ा ही साफ कर दिया था। इस टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड भारत के खिलाफ एक भी टेस्ट मैच जीतने में नाकाम साबित हुए और भारत ने इस सीरीज में 2-0 से जीत हासिल की थी। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह भारत की दूसरी टेस्ट सीरीज थी, जिसमें टीम ने जीत दर्ज की। कपिल देव ने 1983 से 1987 तक 34 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है।

#2 सौरव गांगुली (2002: सीरीज ड्रॉ, 1-1)

बंगाल टाइगर सौरव गांगुली ने भी भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी करते हुए काफी कुछ दिया है। अपने नेतृत्व में सौरव गांगुली ने टेस्ट और वनडे में टीम को एक सूत्र में बांधे रखा और टीम को जीत के पायदान पर अग्रसर किया। इसी क्रम में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत का इंग्लैंड दौरा भी काफी मायनों में अहम रहा। इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज न गंवाने वाले भारतीय कप्तानों की लिस्ट में सौरव गांगुली का नाम भी शामिल है। उस दौरान सौरव गांगुली की प्लेइंग इलेवन में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे। सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट टीम का 49 टेस्ट मैचों में टीम का नेतृत्व किया।

सौरव गांगुली ने टेस्ट कप्तानी करते हुए इंग्लैंड का दौरा भी किया। साल 2002 में भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। इस टेस्ट सीरीज को भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ड्रा कराने में सफल रहे थे। इसके साथ ही कपिल देव के बाद सौरव गांगुल ऐसे दूसरे भारतीय कप्तान बन गए, जिन्होंने इंग्लैंड में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई।

#3 राहुल द्रविड़ (2007: भारत ने जीती सीरीज, 1-0)

क्रिकेट के खेल में राहुल द्रविड़ को 'द वॉल' के नाम से पहचाना जाता है। अपने क्रिकेट करियर में राहुल द्रविड़ मैदान पर आते ही टीम के लिए क्रीज पर दीवार बनकर खड़े हो जाते थे। राहुल द्रविड़ उन खिलाड़ियों में गिने जाते थे जिनका विकेट हासिल करना किसी भी गेंदबाज के लिए आसान काम नहीं रहता था। टेस्ट क्रिकेट में राहुल का क्रीज पर डटे रहना टीम के बाकि खिलाड़ियों को राहत प्रदान करता था।

राहुल द्रविड़ ने भी भारतीय टीम की कप्तानी की है और अपनी कप्तानी में राहुल द्रविड़ ने टीम का टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में प्रतिनिधित्व किया है। भारतीय टीम के लिए राहुल द्रविड़ ने 25 टेस्ट मुकाबलों में कप्तानी की है। वहीं राहुल ने अपनी कप्तानी में इंग्लैंड का दौरा भी किया है। साल 2002 की सीरीज के पांच साल बाद भारतीय टीम साल 2007 में राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में इंग्लैंड के दौरे पर गई थी। यह सीरीज काफी मायनों में अहम साबित हुए थी।

इंग्लैंड के खिलाफ साल 2007 में खेली गई इस सीरीज में भारत और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मुकाबले खेले गए। इस सीरीज को टीम इंडिया ने 1-0 से अपने नाम किया था। इसके साथ ही सौरव गांगुली और कपिल देव के बाद राहुल द्रविड़ ऐसे तीसरे कप्तान बन गए जिन्होंने इंग्लैंड में सीरीज नहीं हारी।

लेखक: वैभव जोशी अनुवादक: हिमांशु कोठारी