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भारत के 3 बेख़ौफ़ युवा बल्लेबाज़ों पर एक नज़र

7   //    27 Jul 2018, 11:30 IST

भारतीय क्रिकेट फ़ैस ने अपनी आंखों के सामने कई महान खिलाड़ियों को जैंटलमैंस गेम खेलते हुए देखा होगा। भारत में ख़ास बात ये है कि यहां देश के कई शहरों से युवा हुनरमंद खिलाड़ों को खोज कर सामने लाया जाता है। महानतम क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की छोटी उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था।

जब बेख़ौफ़ बल्लेबाज़ी की बात आती है तो सबसे पहले हमारे ज़ेहन में वीरेंदर सहवाग का नाम आ जाता है। आमतौर पर बल्लेबाज़ पिच पर आने के बाद कई गेंद को खेलते हुए पिच के मिज़ाज का पता लगाते हैं और फिर रक्षात्मक अंदाज़ में खेलना शुरु कर देते हैं। लेकिन वीरू पाजी अलग ही मिट्टी के बने हुए हैं, वो अपनी पारी की शुरुआत ही अकसर चौके-छक्के से करते थे। दुनिया में कुछ ही बल्लेबाज़ ऐसे हैं जिन्होंने टेस्ट में तिहरा शतक बनाया है, उनमें से कुछ ही ऐसा क्रिकेटर होगा जिसने तिहरा शतक छक्का लगाकर पूरा किया हो, वीरू उनमें से एक हैं।

दुनिया में कई ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिनको बेख़ौफ़ बल्लेबाज़ों की लिस्ट में गिना जाता है, जैसे ब्रैंडन मैकलम, क्रिस गेल, अब्राहम बेंजामिन डीविलियर्स इत्यादि। ये सभी बल्लेबाज़ बैटिंग के मामले में अनुभवी भी हैं और महान भी। इस बात में कोई ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि भारत में भी कई ऐसे युवा बल्लेबाज़ उभरकर सामने आए हैं जो पिच पर आते ही फ़ायरिंग शुरू कर देते हैं, इन बल्लेबाज़ों के रहते हुए विपक्षी गेंदबाज़ों के दिलों में ख़ौफ़ बरक़रार रहता है। जब इन युवा बल्लेबाज़ों का बल्ला बोलता है तो उसे रोकना किसी के लिए आसान नहीं होता है।

आइये नज़र डालते हैं भारत के 3 युवा बेख़ौफ़ बल्लेबाज़ों पर

#3 पृथ्वी शॉ



18 साल के युवा सनसनी पृथ्वी शॉ मुंबई के निवासी हैं। वो पहली बार तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने हैरिस शील्ड ट्रॉफ़ी में 546 रन बनाए थे। उनके इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए एसजी कंपनी ने पृथ्वी शॉ के साथ 35 लाख की डील की थी। पृथ्वी को अकसर भविष्य का सचिन तेंदुलकर कहा जाता है, क्योंकि उनकी तकनीक और उनकी बल्लेबाज़ी का स्टाइल मास्टर ब्लास्टर जैसी है।

आईपीएल 2018 के दौरान दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के ओपनिंग बल्लेबाज़ कोलिन मुनरो और जेसन रॉय ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शऩ नहीं कर पाए। इसके बाद पृथ्वी शॉ को अपनी क़ाबिलियत दिखाने का मौका मिला था, जिसे भुनाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। कई बार बेहद दबाव में भी शॉ ने बेहतरीन और बेख़ौफ़ पारी खेली और अपनी टीम को मुश्किल से उबार लिया। वो अपनी उम्र के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक हैं उम्मीद है कि वो भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बनकर उभरेंगे।

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