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3 कारणों से भारत को मिल सकती है एशिया कप में हार

Himanshu Kothari
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भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे में तीन वनडे मैचों की सीरीज को 2-1 से हार चुकी है। इसके साथ ही टीम की विश्व कप 2019 को लेकर तैयारियों पर भी सवाल खड़ा होने लगा है क्योंकि टीम को अगले साल इंग्लैंड की धरती पर ही विश्व कप खेलने के लिए मैदान पर उतरना है। हालांकि विश्व कप से पहले भारत को आईसीसी के एक प्रमुख इवेंट में भी हिस्सा लेना है और यह इवेंट है एशिया कप। भारतीय टीम को 15 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप में भी शामिल होना है। हालांकि ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप 2018 में हार सकती है। आइए जानते हैं उन तीन वजहों के बारे में जिनके चलते भारत को एशिया कप में हार का सामना करना पड़ सकता है: #1 मध्य क्रम भारतीय क्रिकेट टीम का मध्य क्रम अभी भी परेशानियों से गुजर रहा है। टीम इंडिया के टॉप तीन बल्लेबाज शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली को छोड़ दिया जाए तो कोई भी बल्लेबाज आगे के क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए फिट नहीं बैठ रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर खेली गई वनडे सीरीज पर गौर किया जाए तो भारतीय टीम के मध्य क्रम में सुरेश रैना, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या और महेंद्र सिंह धोनी मध्य क्रम को संभाल नहीं पाए। ऐसे में भारतीय टीम को इसका खामियाजा इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से वनडे सीरीज गंवा कर चुकाना पड़ा। इससे यह साफ जाहिर है कि टीम इंडिया का मध्य क्रम ठीक से संयोजित नहीं है। एशिया कप में जीत दर्ज करने के लिए टीम को चाहिए कि वह मध्य क्रम में संयोजन स्थापित करके मैदान पर खेलने उतरे। #2 महेंद्र सिंह धोनी की फीनिशिंग क्षमता जैसे-जैसे महेंद्र सिंह धोनी की उम्र बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे धोनी की फॉर्म में गिरावट कई मौकों पर देखी जा सकती है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 321 वनडे मुकाबले खेलने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में तीनों मुकाबले खेलते हुए 125 गेंदों का सामना किया और महज 79 रन ही स्कोर किए। एमएस धोनी के कद के हिसाब से यह आंकड़ा काफी छोटा है। हालांकि धोनी ने इस सीरीज में अपने वनडे क्रिकेट करियर के 10,000 रन जरूर पूरे किए और उनके नाम फिलहाल 51.26 की औसत से 10,046 वनडे रन दर्ज हैं। लेकिन फीनिशर के तौर पर पहचाने जाने वाले धोनी की फीनिशिंग क्षमता कहीं खोई हुई दिखाई देती है। महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के लिए अब फीनिशर के तौर पर नहीं देखे जाते हैं क्योंकि पिछले काफी मौकों पर उन्हें आखिर में रन स्कोर करने के लिए संघर्ष करते हुए देखा गया है। एशिया कप में भी धोनी से फिनिशर की भूमिका अदा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। #3 शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर अधिक निर्भरता पिछले काफी समय से टीम इंडिया की जीत में टॉप थ्री बल्लेबाज शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका देखी जा रही है। ऐसे में पूरी टीम की निर्भरता इन्हीं तीन बल्लेबाजों पर बढ़ गई है। लेकिन जब यह तीनों बल्लेबाज अगर नाकाम साबित हुए तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर बनाई गई अतिनिर्भरता टीम के लिए ही घातक साबित होगी। खासकर टीम विराट कोहली को लेकर काफी निर्भर रहती है। ऐसे में इस निर्भरता को दरकिनार करने की जरूरत भी है। वरना टीम इंडिया की एशिया कप में हार की संभावना काफी बढ़ जाएगी। लेखक: वी शाशांक अनुवादक: हिमांशु कोठारी

Edited by Staff Editor
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