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भारत को 2019 विश्वकप तक इन तीन कारणों की वजह से धोनी के साथ की है जरुरत

8   //    26 Jul 2018, 10:49 IST

आखिरकार भारत अपने इंग्लैंड दौरे के अंतिम चरण में पहुंच गया है। वनडे और टी-20 सीरीज़ दोनों ही टीम के द्वारा एक-एक सीरीज़ जीतने के साथ पूरी हो गई। वहीं बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज़ 1 अगस्त, 2018 से शुरु होने जा रही है। हालांकि, फोकस और बहस उस व्यक्ति पर बनी हुई है जो अब टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलता है और चार साल पहले ही क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप से रिटायर हो चुका है। सवालों में एक इंसान है वह 'महेंद्र सिंह धोनी' है।

आईपीएल के इस साल के संस्करण में धोनी का फॉर्म भारतीय प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा का विषय रहा। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसकों के बीच ‘पुराना धोनी वापस आ गया' सबसे ज्यादा उल्लेखनीय वाक्य था। हालांकि, जब धोनी का बल्ला वनडे सीरीज़ में विफल रहा तो वह भरोसा पूरी तरह से टूट गया। नंबर 4 की पहेली अभी समाप्त नहीं हुई थी कि अब इस सीरीज़ के अंत के साथ टीम में धोनी की बल्लेबाजी स्थिति भारतीय टीम के लिए एक नया सिरदर्द है।

पिछले कुछ सालों में उनकी बल्लेबाजी क्षमता में कमी आई है। फिर भी इस मौजूदा भारतीय वनडे टीम में योगदान करने के लिए उनके पास बहुत कुछ है। आज हम ऐसे ही तीन मुख्य कारणों पर चर्चा करेंगे कि आखिर क्यों टीम इंडिया को 2019 विश्वकप के समापन तक धोनी के साथ की जरुरत है-

#3 स्टंप के पीछे से अमूल्य योगदान



यह सच है कि धोनी की डेथ ओवरों की बल्लेबाजी (फिनिशर) कौशल में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आयी है। उन्होंने खुलेआम बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने की अपनी इच्छा व्यक्त की है। हालांकि, धोनी एक 'विकेट-कीपर' के तौर पर साल दर साल विकसित हुए है।

विश्व क्रिकेट में कोई भी अभी उनकी बिजली जैसी गति के साथ की गयी स्टंपिंग से मेल नहीं खाता है और ना ही रन आउट कर सकता है। ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व महान विकेटकीपर इयान हेली भी धोनी के कौशल के सामने छोटे हो जाएंगे। अगर धोनी स्टंप के पीछे हैं तो बल्लेबाज अपनी क्रीज से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करता है। वास्तव में, धोनी 50 ओवर के प्रारूप में 100 (और गिनती चालू है) स्टंपिंग जैसे ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी है। टी-20 में धोनी 54 कैच और 33 स्टंपिंग के साथ कुल डिसमिसल के रिकॉर्ड का नेतृत्व करता है।

इसके अलावा, कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल के स्पिन जोड़ी ने खुलेआम कहा कि स्टंप के पीछे धोनी द्वारा दिया गया मार्गदर्शन सीमित ओवरों के प्रारूप में उनके सफल प्रदर्शन के पीछे प्रमुख कारकों में से एक है। इसके अलावा किसी को 'धोनी समीक्षा प्रणाली' को नहीं भूलना चाहिए।
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