संन्यास के बाद इन 3 कारणों से एमएस धोनी को किया जाएगा सबसे ज्यादा याद

भारत फिलहाल इंग्लैंड दौरे पर है, इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 1-2 से वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इस सीरीज के खत्म होते ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेने की बात तेज हो चली है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरा और आखिरी मैच खत्म होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने अंपायर से गेंद मांग ली थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर धोनी के संन्यास को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। हर जगह बस एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि धोनी संन्यास कब लेंगे ? हालांकि इस सवाल का जवाब तो सिर्फ कैप्टन कूल धोनी ही दे सकते हैं, लेकिन एक बात साफ है कि धोनी जब भी संन्यास का ऐलान करेंगे तब टीम इंडिया के सामने कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और धोनी के संन्यास के बाद कई चीजें खास तौर पर याद भी की जाएगी। आइए यहां जानते हैं उन तीन चीजों के बारे में जो धोनी के संन्यास लेने के बाद काफी याद की जाएगी।

#3 शानदार विकेटकीपर

भारतीय क्रिकेट इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी जैसा शानदार विकेटकीपर आज तक देखने को नहीं मिला है। विश्व क्रिकेट में भी धोनी सबसे बेहतरीन विकेटकीपर के तौर पर पहचाने जाते हैं। अच्छे से अच्छे बल्लेबाजों को भी अपने तेज आक्रमण से धोनी पवेलियन का रास्ता दिखा चुके हैं। स्टंपिंग के मामले में महेंद्र सिंह धोनी का कोई तोड़ नहीं था। इसको लेकर महेंद्र सिंह धोनी के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड भी दर्ज है। धोनी के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में 150 से भी ज्यादा बल्लेबाजों को स्टंप करने का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी के बाद अब कई विकेटकीपर मौजूद है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी को स्टंप्स के पीछे रिप्लेस करने वाला विकेटकीपर खोजना काफी मुश्किल होगा।

#2 स्पिनरों के कप्तान

धोनी स्टंप के पीछे स्पिनर के लिए शानदार कप्तान साबित होते हैं। वहीं पिच और बल्लेबाजों को पढ़ने की उनकी क्षमता के साथ ही वह स्पिन गेंदबाजों को गाइड भी किया करते हैं। इससे गेंदबाज को भी अपने कौशल को निखारने में मदद मिलती है। इसी वजह से वर्तमान में कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल टी20 और वनडे में शानदार खेल दिखा रहे हैं। एमएस धोनी के मार्गदर्शन के कारण ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्पिन गेंदबाज विखिलाफ स्पिन गेंकेट लेने में सफलता हासिल कर पाते हैं। मैच के दौरान अगर कोई विरोधी बल्लेबाज परेशान कर रहा है, तो महेंद्र सिंह धोनी उस बल्लेबाज के दबाव को कम करने में मदद करते हैं। स्पिन गेंदबाजी के दौरान महेंद्र सिंह धोनी और भी ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। स्पिन गेंदबाजी के दौरान गेंदबाज को निर्देश देकर महेंद्र सिंह धोनी अपने तरीके से बल्लेबाज पर दबाव बढ़ाकर उन्हें गलती करने के लिए मजबूर कर देते हैं। ऐसे में विरोधी बल्लेबाज का विकेट लेना और भी ज्यादा आसान हो जाता था। ऐसे में धोनी के संन्यास लेने के बाद धोनी की इस खूबी को भी बेहद याद किया जाएगा।

#1 चतुराई से भरपूर

जब कभी भी क्रिकेट में चतुराई की बात होगी तो महेंद्र सिंह धोनी को भी याद किया जाएगा। विरोधी टीम को पहले से ही भांप कर महेंद्र सिंह धोनी अपनी टीम की रणनीति तैयार करते हैं, जिसका फायदा टीम इंडिया को मिलता है। विश्व क्रिकेट में सबसे अच्छे बुद्धिमानों में से एक होने के नाते महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट टीम में एक महत्वपूर्ण कप्तान रहे हैं। खेल में विरोधी टीम के हावी होने के बावजूद किस तरह से खेल को अपने पक्ष में किया जाना है, ये महेंद्र सिंह धोनी से बेहतर और कोई नहीं जानता। वहीं डीआरएस का कैसे और कब शानदार तरीके से इस्तेमाल किया जाना है, यह भी महेंद्र सिंह धोनी से बेहतर कोई नहीं जान पाया है। बल्लेबाज के रूप में अपने प्रदर्शन के अलावा महेंद्र सिंह धोनी का ज्ञान और सही समय पर उचित निर्णय लेने की क्षमता उन्हें बाकि खिलाड़ियों से अलग बनाती है। इन सबके कारण ही महेंद्र सिंह धोनी सालों से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक मूल्यवान संपत्ति रहे हैं और धोनी के संन्यास लेने के बाद उनकी खूबियों को काफी याद किया जाएगा। लेखक: वैभव जोशी अनुवादक: हिमांशु कोठारी

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