Create
Notifications

3 चौंकाने वाले निर्णय जो महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में लिए थे

एमएस धोनी साहसिक फैसले लेने वाले कप्तान थे
एमएस धोनी साहसिक फैसले लेने वाले कप्तान थे
Naveen Sharma

इसमें कोई शक की बात नहीं होनी चाहिए कि महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के सबसे सफलतम कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। भारत ने टी20 वर्ल्ड कप, चैम्पियंस ट्रॉफी और वनडे विश्वकप माही की कप्तानी में ही जीता। टीम को विश्व क्रिकेट में ताकतवर बनाने में धोनी का भी अहम योगदान रहा है। जब उन्हें कप्तान बनाया गया था तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन वे इतने सफल होंगे। धोनी की क्रिकेट के मैदान पर समझ बहुत शानदार रही है जो उन्हें अन्य कप्तानों से अलग बनाती है। कई बार विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने शांत स्वभाव से बेहतरीन काम किया है।

धोनी ने अपने कप्तानी करियर में कई चौंकाने वाले निर्णय लिए और टीम को उनसे फायदा भी हुआ। विपक्षी कप्तान के लिए यह समझना मुश्किल होता था कि धोनी की अगली चाल क्या होगी। जिस चीज की उम्मीद कोई नहीं करता था, वह धोनी करके चौंका देते थे। भारतीय टीम को ऐसे कई हैरान करने वाले फैसलों से धोनी ने कई बार जीत दिलाई है। फिनिशर की भूमिका में धोनी ने अपना काम किया है लेकिन ब्तौअर कप्तान भी उन्होंने शानदार सोच दर्शाई है। ऐसे ही उनके तीन अहम फैसलों के बारे में यहाँ चर्चा की गई है जिनसे टीम को फायदा हुआ।

टी20 विश्वकप में रॉबिन उथप्पा को बॉल आउट में लाना

रॉबिन उथप्पा ने टी20 कप बॉल आउट में गेंदबाजी की
रॉबिन उथप्पा ने टी20 कप बॉल आउट में गेंदबाजी की

पाकिस्तान के खिलाफ 2007 के टी20 विश्वकप में मैच टाई होने के बाद बॉल आउट के समय धोनी ने काफी सोचकर खिलाड़ियों का चयन किया। हरभजन और सहवाग के साथ उन्होंने उथप्पा को भी गेंद फेंकने के लिए चुना। उनका यह फैसला सही भी साबित हुआ और उथप्पा ने अपनी बारी आने पर गेंदबाजी करते हुए गेंद स्टंप में डाली और भारत को उससे पॉइंट मिला।

टी20 विश्वकप फाइनल का अंतिम ओवर जोगिन्दर शर्मा को देना

जोगिन्दर शर्मा को ओवर देकर उन्होंने हैरान किया था
जोगिन्दर शर्मा को ओवर देकर उन्होंने हैरान किया था

टी20 विश्वकप फाइनल में पाकिस्तान को अंतिम ओवर में जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। धोनी ने जोगिन्दर को ओवर दिया। मिस्बाह उल हक़ ने छक्का मारकार इस फैसले को गलत साबित करने का प्रयास किया। अगली बार वे गलती कर आउट हो गए तथा भारत ने कप जीत लिया। धोनी का यह चौंकाने वाला फैसला ही था।

चेतेश्वर पुजारा को डेब्यू टेस्ट में तीन नम्बर खेलने भेजना

चेतेश्वर पुजारा को नम्बर तीन पर उन्होंने भेजा था
चेतेश्वर पुजारा को नम्बर तीन पर उन्होंने भेजा था

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में फ्लॉप रहने के बाद धोनी ने पुजारा को दूसरी पारी में तीन नम्बर पर द्रविड़ से पहले भेज दिया। पुजारा को इससे आत्म-विश्वास मिला और उन्होंने 72 रन बनाए। टीम ने मैच जीता और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में बढ़त प्राप्त की।

Edited by Naveen Sharma

Comments

Quick Links:

More from Sportskeeda
Fetching more content...