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 वनडे में ऑस्ट्रेलिया की भारत के खिलाफ 3 सबसे बड़ी हार जिन्हें वे कभी नहीं भूलेंगे

Ankit Pasbola
ANALYST
टॉप 5 / टॉप 10
5.35K   //    11 Jan 2019, 13:34 IST

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ऑस्ट्रेलिया की टीम क्रिकेट इतिहास में सबसे सफल टीम रही है। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 5 विश्वकप जीते हैं जबकि अन्य किसी दूसरी टीम ने 3 विश्वकप भी नहीं जीते हैं। यह आँकड़े ऑस्ट्रेलिया के विश्व क्रिकेट में वर्चस्व की बात दर्शाते हैं। भारत के खिलाफ भी ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है।ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच अब तक 128 वनडे मैच खेले गए जिसमे 73 में ऑस्ट्रेलिया और 45 में भारत जीतने में सफल रहा,जबकि 10 मैच बेनतीज़े रहे। मगर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को कुछ ऐसे मौकों पर हराया है जिसे वो कभी नही भूल पायेगा।


3# विश्व चैंपियनशिप, मेलबर्न ( 1985 )

भारत ने वर्ष 1983 में अपना पहला विश्वकप जीता था। यह कप कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने जीता था। दो वर्ष बाद 1985 में ऑस्ट्रेलिया में विश्व चैंपियनशिप टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। इसमें गत विश्वकप विजेता भारत का सामना मेजबान ऑस्ट्रेलिया से हुआ। यह मैच मेलबर्न के मैदान में खेला गया। मेजबान होने के नाते ऑस्ट्रेलियाई समर्थकों को अपनी टीम से काफी उम्मीदें थी, मगर भारत की कसी हुई गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलिया अपने घर पर हार गई।

भारत ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया।भारतीय गेंदबाज कपिल देव और मदन लाल की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को टिकने नही दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 17 रन पर अपने 4 विकेट खो दिये। पूरा ऊपरी क्रम के सिमट जाने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज वायने फिलिप्स ने जुझारू पारी खेली। उन्होंने 60 रनों का योगदान दिया और टीम का स्कोर 163 रनों तक पहुँचाया। भारत की ओर से कपिल देव ने 2 जबकि रोजर बिन्नी ने 3 विकेट लिए।

जवाब में भारतीय सलामी बल्लेबाज रवि शास्त्री और श्रीकांत ने जमकर बल्लेबाजी की और पहले विकेट के लिए 124 रन जोड़े। भारत ने 36.1 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर यह लक्ष्य आसानी से हासिल किया। भारत ने यह मैच 8 विकेट से जीतकर ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

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