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चार ऐसे भारतीय क्रिकेटर जो आईपीएल में दुर्भाग्यशाली रहे

Ankit
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आईपीएल का बिगुल बज चुका है। सभी युवा खिलाड़ी जिन्हें खरीदा गया है, वे प्लेइंग इलेवन में आने और अपनी पूरी क्षमता से खेलने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ी विश्व कप के लिए कुछ मैच अभ्यास की तलाश कर रहे हैं। नीलामी में 351 खिलाड़ी थे, जिनमें से 60 खिलाड़ी अनसोल्ड रहे हैं।

इस साल की नीलामी में चर्चा का विषय तमिलनाडु के वरूण चक्रवर्ती रहे, जिन्हें इस आईपीएल मे 8.4 करोड़ में खरीदा गया। सैम करन सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने, जो 7.2 करोड़ रुपये में खरीदे गए।

आईपीएल एक ऐसा मंच है जहाँ नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनका समर्थन करने के लिए टीम में शामिल किया जाता है। आईपीएल के पिछले संस्करणों में भी बहुत सारे प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे लेकिन कुछ खिलाड़ी दुर्भाग्यशाली रहे हैं।

#4 सूर्यकुमार यादव

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सूर्यकुमार यादव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। घरेलू प्रारूप में मुंबई के लिए खेलते हुए उन्होंने टीम के लिए अच्छे रन बनाए हैं। उन्हें 2012 के सीज़न में मुंबई इंडियंस टीम में जगह मिली मगर यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि उन्होंने टीम में दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण एक भी मैच नहीं खेला।

अगले सीज़न में एक बार फिर उन्हें मुम्बई की टीम से पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए। 2014 की नीलामी में, उन्हें केकेआर ने 70 लाख रुपयों में खरीदा । इस युवा बल्लेबाज ने कोलकाता की टीम से अच्छी बल्लेबाजी की और चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। इस दौरान उन्होंने 130 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए।

अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, उनको सीमित अवसर ही मिल पाए हैं। साल 2018 की नीलामी के बाद, वह मुंबई इंडियंस के लिए फिर से उपलब्ध हैं और ऐसी उम्मीद है कि वह अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।

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#3 धवल कुलकर्णी

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आईपीएल में धवल कुलकर्णी ने कई टीमों से खेला और प्रत्येक टीम के लिए एक प्रमुख गेंदबाज रहे हैं। उन्हें 2009 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम में जगह दी गयी लेकिन प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था मगर तब तक उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में अपनी पहचान बना ली थी।

मुंबई इंडियंस छोड़ने के बाद, वह 2014 और 2015 सीज़न के लिए राजस्थान रॉयल्स टीम का हिस्सा थे, जहां उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा। आईपीएल के 9वें संस्करण में उन्होंने गुजरात लायंस की ओर से 18 विकेट लिए। इस बार धवल फिर से राजस्थान की टीम के लिए खेल रहे हैं।

भले ही उन्हें उपयुक्त अवसर नही मिल पाए मगर वह प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2014 में इंडिया ए टीम के लिए चतुष्कोणीय श्रृंखला जीतने में प्रमुख भूमिका निभाई और मुंबई के 40वें रणजी खिताब के लिए टीम का नेतृत्व किया।

#2 मनविंदर बिस्ला

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कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2012 में आईपीएल का खिताब जीता और फाइनल में मनविंदर बिस्ला के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। गोवा के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 48 गेंदों में 89 रन बनाकर अपनी टीम को आईपीएल का पहला खिताब दिलाया।

प्रारंभ में, वह डेक्कन चार्जर्स का हिस्सा थे जिन्होंने 2009 में खिताब जीता था। बिस्ला 2010 में किंग्स इलेवन पंजाब में चले गए जहां उन्होंने अपना पहला मैच खेला। उन्होंने 10 मैचों में 200 से अधिक रन बनाकर अपने टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसके बाद 2011 में केकेआर के लिए उनकी नीलामी हुई जहां उन्होंने जैक्स कैलिस के साथ सलामी बल्लेबाजी की।

साल 2011 और 2012 में बिस्ला केवल 12 मैचों में टीम का हिस्सा थे। फिर उन्हें 2015 के संस्करण के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने एक वैकल्पिक विकेटकीपर के रूप में खरीदा। वह तब से आईपीएल का हिस्सा नहीं हैं।

#1 उन्मुक्त चंद

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उन्मुक्त चंद को विराट कोहली के बाद अगली बड़ी सनसनी माना गया जब उन्होंने 2012 में विश्व कप जीत के लिए अंडर-19 टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने 2011 में दिल्ली के लिए आईपीएल में पदार्पण किया, लेकिन वह उस सीजन में सिर्फ 2 मैचों में टीम का हिस्सा थे।

यह सिलसिला अगले संस्करणों में जारी रहा जहां उन्होंने अपनी टीम के लिए केवल कुछ ही मैच खेले। उन्हें 7 वें संस्करण के लिए राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा, लेकिन चोट के कारण मैच नहीं खेल पाए। 2015 के सीज़न में, उन्हें मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में शामिल किया, लेकिन इस दौरान भी अधिकांश टूर्नामेंट उन्होंने बेंच पर ही बिताया।

2018 की नीलामी में, उन्हें खरीदने में किसी भी टीम ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और वह अनसोल्ड रहे, जो कि इस प्रतिभाशाली दिल्ली के बल्लेबाज के लिए एक बड़ी निराशा थी।

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Edited by निशांत द्रविड़
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