4 भारतीय खिलाड़ी जो बिग बैश लीग में खेलने के लिए हैं सबसे उपयुक्त

आईपीएल 2018 में भारतीय क्रिकेटरों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हर साल आईपीएल टीमें विदेशी खिलाड़ियों को आयात करती हैं और ज़्यादातर आईपीएल नीलामी में उनका मूल्य भी उच्चतम होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के सबसे छोटे प्रारूप में टी 20 विशेषज्ञ क्रिकेटरों की कमी के कारण भारत की आलोचना होती है। लेकिन इस सीज़न में भारतीयों खिलाड़ियों ने बल्ले और गेंद दोनों से जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड कायम किये हैं। ऐसे में जब बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीगों में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी, तो भारत के पास 2020 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आईसीसी विश्व कप टी 20 के लिए एक उत्कृष्ट टीम बनाने का सुनहरी मौका होगा। आईपीएल में कई ऐसे युवा और अनुभवहीन खिलाड़ी हैं जो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सकते हैं, ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाली बिग बैश लीग में यह खिलाड़ी हिस्सा लेकर वहां की तेज़ पिचों पर खेलने का अनुभव हासिल कर सकते हैं। इसके साथ-साथ विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के साथ खेलने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा, जो भविष्य में उनके और भारतीय टीम के लिए लाभदायक साबित होगा। अब क्योंकि राष्ट्रीय टीम के नियमित खिलाड़ी अपने व्यस्त शेड्यूल के कारण बिग बैश लीग में भाग नहीं ले सकते, लेकिन यहां हम बात करने जा रहे हैं आईपीएल के स्टार खिलाड़ियों के बारे में जो बिग बैश में हिस्सा लेकर भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ को और मजबूत बना सकते हैं:

क्रुणाल पांड्या - पर्थ स्कॉर्चर्स

बड़ौदा के इस ऑलराउंडर ने आईपीएल के हर सीज़न में निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है। जबकि 2016 बल्लेबाज़ी की दृष्टि से उनका सर्वश्रेष्ठ साल था, अगले दो सत्रों में वह मुंबई इंडियंस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे और उन्होंने बल्ले के साथ साथ गेंद से भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। पिछले साल के आईपीएल फाइनल में क्रुणाल को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया था, जबकि इस सीज़न में गेंद के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 23.66 की औसत से 12 विकेट लिए। चूंकि स्कॉर्चर्स इस साल नवनिर्मित ऑप्टस स्टेडियम में खेलने जा रहे हैं, इसलिए क्रुणाल जैसे स्पिनर उनके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऐसे में जब एश्टन अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम के नियमित हिस्सा हैं, क्रुणाल उनकी जगह लेने के लिए सबसे उपयुक्त खिलाड़ी हैं।

सिद्धार्थ कौल- सिडनी सिक्सर्स

सिडनी सिक्सर्स जैसी प्रतिष्ठित टीम का हिस्सा बनने के लिए किसी भी खिलाड़ी में अदभुत क्षमता का होना बहुत ज़रूरी है। दुनिया के कुछ ही खिलाड़ियों में यह प्रतिभा है कि वह हाल ही में संन्यास लेने वाले डग बोलिंगर की जगह ले सकें। इस मामले में सिद्धार्थ कौल और अफगानिस्तान से शापूर ज़द्रान में कड़ा मुकाबला हो सकता है। नई गेंद को स्विंग कराने और सटीक यॉर्कर्स करने की क्षमता कौल को सिडनी सिक्सर्स के लिए एक संभावित विकल्प बनाती है। इस आईपीएल सीज़न में कौल ने अपने आईपीएल करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, ऐसे में बिग बैश लीग में उनकी मौजूदगी उन्हें और ज़्यादा परिपक्व और सक्षम गेंदबाज़ बनाएगी।

ऋषभ पंत- एडीलेड स्ट्राइकर्स

बिग बैश लीग में हर विदेश फ्रैंचाइज़ी भारतीय कप्तान विराट कोहली को अपनी टीम का हिस्सा बनाना चाहती है लेकिन राष्ट्रीय टीम में अपने व्यस्त शेड्यूल की वजह से विराट इसमें हिस्सा नहीं ले पाते हैं। ऐसे में आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले ऋषभ पंत एडीलेड स्ट्राइकर्स जैसी टीम में विराट की जगह शामिल हो सकते हैं। नवनिर्मित एडीलेड ओवल के तेज़ विकेट और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों आक्रमण का सामना करने के लिए पंत बढ़िया विकल्प हैं। 2018 सैयद मुश्ताक ट्रॉफी में 32 गेंदों में सबसे तेज़ शतक लगाने वाले पंत के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। स्ट्राइकर्स के कोच जेसन गिलेस्पी के साथ उनकी बातचीत इस बात की ओर इशारा करती हैं कि वह एडीलेड स्ट्राइकर्स का हिस्सा बन सकते हैं। इसके अलावा कोच गिलेस्पी नई प्रतिभाओं को भरपूर मौका देने के लिए जाने जाते हैं।

अंबाती रायुडू, मेलबर्न स्टार्स

केविन पीटरसन और ल्यूक राइट जैसे महान खिलाड़ी वर्षों तक स्टार्स का हिस्सा रहे हैं। उनके संन्यास के बाद इस टीम को किसी ऐसे बल्लेबाज़ की दरकार है जो इन खिलाड़ियों का स्थान ले सके, ऐसे में अंबाती रायुडू उनके लिए एक आदर्श विकल्प हो सकते हैं। हालाँकि उनके प्रदर्शन की बात करें तो आईसीएल और आईपीएल दोनों में खेलने वाले इस खिलाड़ी ने पहले अपेक्षा अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया था लेकिन इस आईपीएल सीज़न में उन्होंने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। इस सीज़न में सीएसके के लिए खेलते हुए उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं और कुल 602 रन बनाए हैं। अपने इस सर्वश्रेष्ठ आईपीएल सीज़न में वह चेन्नई की खिताबी जीत के सूत्रधार रहे हैं। वह एमसीजी मैदान पर खेलना पसंद करेंगे क्यूंकि यह उनकी बल्लेबाज़ी शैली के बिलकुल अनुरूप है। लेखक: आदित्य जोशी अनुवादक: आशीष कुमार