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क्रिकेट इतिहास के 4 सबसे साहसी कृत्य

10 Jun 2018, 13:33 IST
कभी हार ना मानने का रवैया एक खिलाड़ी को महान बनाता है। क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी की ताकत, चपलता, इच्छाशक्ति और सहनशक्ति का परीक्षण होता है। कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब चोट लगने के बावजूद खिलाड़ी को टीम के लिए खेलना जारी रखना पड़ता है।

पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मौके आएं हैं जब खिलाड़ियों ने टीम हित में अपने दर्द को कुछ समय के लिए भुलाकर यादगार प्रदर्शन किया है और टीम के लिए प्रेरणादायक खिलाड़ी बने हैं।

क्रिकेट बहादुर लोगों का खेल है, क्रिकेटरों ने समय-समय पर मैदान पर अपना साहसिक प्रदर्शन किया है। तो आइये जानते हैं मैच के दौरान हुई ऐसी चार घटनाओँ के बारे में जब खिलाड़ियों ने चोटिल होने के बावजूद बल्ले या गेंद के साथ टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया है:

जब रॉस टेलर ने चोटिल होने के बावजूद नाबाद 181 रन बनाए




 

न्यूजीलैंड के रॉस टेलर सबसे अंडररेड खिलाड़ियों में से एक है। टेलर की आक्रमक बल्लेबाजी शैली उनके हाथ और आंख के समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने अपने पूरे करियर में न्यूजीलैंड के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं लेकिन इस साल मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 181 की उनकी पारी उनके करियर की सबसे यादगार पारी थी।

यह कीवी टीम के लिए बेहद मुकाबला था क्योंकि वे इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की श्रृंखला में 2-1 से पिछड़ रहे थे। रॉस टेलर अपने दाहिने पैर में चोट के कारण तीसरे एकदिवसीय मैच में नहीं खेल पाए थे और चौथे वनडे में वह 100 प्रतिशत फिट नहीं थे। लेकिन जब टीम को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, रोस टेलर ने पूरी तरह से फिट ना होने के बावजूद टीम के लिए मैच में ना केवल शिरकत की बल्कि मैच जिताऊ पारी खेली।

विशाल 335 रनों का पीछा करते हुए, गुपटिल और मुनरो बिना कोई रन बनाए पवेलियन वापिस परत गए थे। टेलर ने टीम को संभालते हुए शानदार 181 * रन बनाए और टीम को जीत की राह पर ले गए। अपनी पारी में उन्होंने 17 चौके और 6 छक्के लगाए। इसका मतलब यह है कि टेलर ने इस हालत में 77 रन क्रीज़ के एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ कर बनाए जब उनका पैर चोटिल था।
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