भारत के लिए एकदिवसीय शतक बनाने वाले 4 अंजान खिलाड़ी

भारत के क्रिकेट इतिहास में कई बड़े खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में अपनी एक खास पहचान बनाई है। खासकर बल्लेबाज़ों की बात करें तो भारत ने विश्व क्रिकेट को कई महान बल्लेबाज़ दिए हैं जिन्होंने कई शतक लगाए हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि, 38 खिलाड़ियों में से जिन्होंने भारत के लिए शतक बनाए हैं, उनमें से कुछ ही प्रसिद्धि पा सके हैं जबकि कई खिलाड़ी तो ऐसे हैं जिनका शायद हम नाम तक नहीं जानते। तो आइये जानते हैं ऐसे 4 अज्ञात बल्लेबाज़ों के बारे में जिन्होंने भारतीय टीम की तरफ से शतक लगाया है।

दिनेश मोंगिया

दिनेश मोंगिया का वनडे करियर लगभग 6 साल तक चला, जिसमें उन्होंने भारत के लिए 57 मैच खेले और 28 से कम का औसत उनके टीम से बाहर होने का कारण बना उन्हें घरेलू क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण इक्कीसवीं शताब्दी की शुरुआत में टीम इंडिया में शामिल किया गया था। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ के स्ट्रोक खेलने की क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया का अहम हिस्सा बना दिया था। ज़िम्बाब्वे के खिलाफ 2002 में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का उच्तम स्कोर 159 बनाया था और अपना पहला और एकमात्र 'मैन ऑफ द मैच' पुरस्कार जीता था। वह 2003 क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे लेकिन दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी में वह कुछ खास नहीं कर पाए। हालांकि, वह भविष्य में जिम्बाब्वे के खिलाफ किये प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए और अंततः 2007 में टीम इंडिया से बाहर हो गए।

हेमंग बदानी

बाएं हाथ के मध्य क्रम के बल्लेबाज हेमांग बदानी ने बांग्लादेश के खिलाफ 2000 में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। हालाँकि उनका वनडे करियर केवल 4 साल तक चला और यह 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच के साथ समाप्त हो गया। वनडे में उनका एकमात्र शतक 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया था। वह उन भारतीय खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने इंडियन क्रिकेट लीग में शामिल होकर अपने करियर को जोखिम में डाल दिया था। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 40 एकदिवसीय मैच खेले और 33 के औसत से 867 रन बनाए हैं।

वूरकेरी रमन

एक और बाएं हाथ के बल्लेबाज जिन्होंने अपने शुरुआती दिनों में बेहतरीन प्रदर्शन किया लेकिन समय के साथ साथ उनके प्रदर्शन में निरंतर गिरावट आती गई। दिलचस्प बात यह है कि रमन ने अपने पहले टेस्ट के पहले ही ओवर में अपना अंतराष्ट्रीय विकेट हासिल किया था। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने तमिलनाडु के किये खेलते हुए गोवा के खिलाफ एक शतक जमाया था। रमन का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय शतक (114) दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया जिसके लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला। वर्तमान में वह बंगाल रणजी टीम के कोच हैं।

रमन लाम्बा

लाम्बा भारतीय टीम में अपनी अच्छी फिटनेस के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अस्सी और नब्बे के दशक में टीम इंडिया के लिए 32 एकदिवसीय मैच खेले और केवल 27 की औसत से रन बनाए। 1998 में 38 वर्ष की आयु में मैच के दौरान सिर पर गेंद लगने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर का एकमात्र शतक जमाया था, हालाँकि वो मैच भारत हार गया था। अपने आखिरी मैच में वह हेलमेट के बिना शॉर्ट-लेग पर क्षेत्ररक्षण कर थे, जब गेंद उनके सिर पर लगी और उनकी असमय मौत का कारण बनी। लेखक: बिलाल के. अनुवादक: आशीष कुमार

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