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4 मौक़े जब एक बल्लेबाज़ के ज़रिए बनाए रन को भी विरोधी टीम पार नहीं कर पाई

18   //    06 Jul 2018, 09:05 IST
फटाफट क्रिकेट के इस दौर में चीजें काफी जल्दी बदल जाती है। वहीं बदलाव भी काफी तेज आता है। टी20 क्रिकेट में हर टीम को खेलने के लिए 120 गेंदें ही मिलती हैं जिसके कारण दोनों टीमों पर ही काफी दबाव देखा जाता है। एक टीम जहां इस दबाव को झेलकर बेहतर प्रदर्शन करती और रन स्कोर करती है तो वहीं दूसरी तरफ विरोधी टीम इस दबाव में ही उलझकर रह जाती है। इसके अलावा टी20 क्रिकेट में कई ऐसे मौके भी देखे गए हैं जब किसी एक टीम के बल्लेबाज के जरिए बनाए गए रनों के आस पास ही कोई दूसरी विरोधी टीम पूरी तरह से सिमट कर रह जाती है। वहीं कई मैच ऐसे भी देखे गए हैं जिनमें पहले बल्लेबाजी करते हुए किसी खिलाड़ी के जरिए बनाए गए स्कोर को भी बाद में बल्लेबाजी करने वाली पूरी टीम मिलकर भी नहीं बना पाती है।

आइए यहां नजर डालते हैं ऐसे ही बल्लेबाजों पर जिनके जरिए किसी टी20 मैच में बनाए गए रनों के आंकड़े को भी विरोधी टीम पार नहीं कर पाई और पूरी तरह से सिमट गई।

 

#1 हैमिल्टन मसाकाड्ज़ा बनाम कनाडा, 2008




 

साल 2008 में जिम्बाब्वे और कनाडा के बीच टी20 मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम ने पांच विकेट के नुकसान पर 184 रन स्कोर किए। टीम के इस स्कोर में सबसे ज्यादा रनों का योगदान हैमिल्टन मसाकाजा का रहा। जिन्होंने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 79 रनों की पारी खेली। इसके अलावा जिम्बाब्वे की ओर से चिभाभा ने 40 रनों की पारी खेली।

जिम्बाब्वे के स्कोर के जवाब में कनाडा की टीम कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई और जिम्बाब्वे के आगे कनाडाई बल्लेबाज एक के बाद एक धराधायी होते गए। इस मैच में पूरी कनाडा की टीम 75 रन के स्कोर पर ही समिट गई। इसके साथ ही जिम्बाब्वे की टीम को 109 रनों से जीत हासिल हुई। इस मैच में जिम्बाब्वे के मसाकाजा ने 79 रन बनाए तो वहीं कनाडा की टीम उतने रन भी स्कोर नहीं कर पाई और उससे चार रन पहले ही सिमट गई।
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