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4 मौके जब भारतीय टीम ने शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद टेस्ट सीरीज़ में जीत हासिल की

11   //    23 Aug 2018, 16:24 IST

टेस्ट क्रिकेट में किसी भी टीम और खिलाड़ी का असली ‘टेस्ट’ होता है। यहां खिलाड़ों के फ़िटनेस, हुनर और संयम की परीक्षा होती है। यही वजह है कि टेस्ट मैच को जीतना अपने आप में एक सुखद अनुभव होता है। विदेशी सरज़मीं पर टेस्ट जीतना कहीं ज़्यादा चनौतीपूर्ण होता है क्योंकि पिच और माहौल मेहमान टीम के हिसाब से तय नहीं किए जाते।

किसी टेस्ट सीरीज़ के शुरुआती मैच में पिछड़ने के बाद वापसी करना एक बेहद मुश्किल काम होता है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 40 दफ़ा ऐसे मौके आए हैं जब किसी टीम ने सीरीज़ में पिछड़ने के बावजूद सीरीज़ जीतने में कामयाबी हासिल की है। 2005 की एशेज़ सीरीज़ इसकी सबसे बेहतरीन मिसाल है जब इंग्लैंड ने 0-1 से पीछे होने के बावजूद सीरीज़ 2-1 से जीती थी।

चूंकि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मौजूदा टेस्ट सीरीज़ में टीम इंडिया फ़िलहाल 1-2 से पीछे है, और अभी इस सीरीज़ के 2 मैच बाक़ी हैं। ऐसे हालात में एक बार फिर टीम इंडिया के सीरीज़ जीतने की उम्मीद बढ़ गई है। हम यहां 4 ऐसे मौके के बारे में बात कर रहे जब टीम इंडिया ने शुरुआती मैच हारने के बावजूद सीरीज़ पर कब्ज़ा जमाया है। सबसे दिलचस्प बात ये है कि ऐसा 2 बार विराट कोहली की कप्तानी में ही हुआ है। हार के जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं, क्रिकेट के खेल में टीम इंडिया ने कई बार बाज़ीगरी दिखाई है।

#1 भारत बनाम इंग्लैंड (1972-73)



साल 1972 में इंग्लैंड की टीम टोनी लुईस की कप्तानी में 5 टेस्ट मैच की सीरीज़ खेलने भारत के दौरे पर आई थी। पहला मैच दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला में खेला गया था जो मेहमान टीम ने 6 विकेट से जीता था। दूसरा मैच कोलकाता के ईडन गार्डन में खेला गया था जिसमें भारत ने 28 रन से जीत हासिल की। अब सीरीज़ 1-1 से बाराबरी पर आ चुका था। तीसरा मैच चेन्नई के चेपक मैदान में खेला गया था जिसमें टीम इंडिया को 4 विकेट से जीत मिली थी। अगले 2 मैच क्रमश: कानपुर के ग्रीन पार्क और मुंबई के ब्राबॉर्न स्टेडियम में खेले गए, जो ड्रॉ रहे। इस तरह भारत ने पहला मैच हारने के बावजूद सीरीज़ पर कब्ज़ा जमाया। उस वक़्त अजीत वाडेकर टीम इंडिया के कप्तान थे उनके लिए ये एक बड़ी उपलब्धि थी।

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