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ये 5 सीरीज खेलकर भारत बना सकता है सबसे बेहतरीन वन-डे टीम

Modified 27 Jul 2018, 11:17 IST
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क्रिकेट का सबसे बड़ा इवेंट अगले साल धमाके के लिए तैयार है जब इंग्लैंड क्रिकेट विश्वकप के अगले संस्करण की मेजबानी करेगा। भारत को प्रारूप में सबसे आगे माना जाता है क्योंकि इस महीने तक अपनी बेहतरीन फॉर्म के साथ उसने अपना प्रभुत्व कायम किया हुआ था। लेकिन विश्व नंबर 1 इंग्लैंड के साथ खेली गयी हालिया सीरीज में टीम में मौजूद सारी समस्याएं उजागर हो गयीं। समय सीमित है और भारत को पास समस्याओं को हल करने के लिए केवल कुछ श्रृंखलाएं हैं।

रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली बल्लेबाजी क्रम में 1,2 और 3 स्पॉट पर निश्चित हैं। मुद्दा 4,5,6 और 7 पर निश्चित कॉम्बिनेशन को ढूंढना है। भारत ने पिछले विश्व कप के बाद से नंबर चार के स्थान पर लगभग 10 खिलाड़ियों को आजमाया है और उनमें से कोई भी इस तरह के प्रदर्शन को करने में कामयाब रहा है जिससे उनकी जगह प्लेइंग इलेवन में पक्की हो सके। हालांकि बुरा यह है कि युवराज सिंह और अजिंक्य रहाणे के अलावा किसी को भी 5 मैच से अधिक में रन बनाने का मौका नहीं दिया गया है। यह उनके लिए असुरक्षा की भावना पैदा करता है जो टीम में आने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि जो भी भारत के लिए खेलता है, उन्हें दावेदारों को एक पर्याप्त रन बनाने और अपने को शांत करने का मौका देना चाहिए ताकि वह सही तरीके से प्रदर्शन दे सके। हालांकि अब हर किसी को इतना मौका नहीं दिया जा सकता है, लेकिन यह एक अच्छा अवसर है कि केएल राहुल या दिनेश कार्तिक जैसा खिलाड़ी टीम में अपनी जगह पक्की कर सकता है। उनकी प्रतिभा और क्षमता पर बिल्कुल भी संदेह नहीं है, इसलिए मामला सिर्फ पर्याप्त मौके पर ठहर जाता है। दूसरी समस्या जिसे भारत को समझने की जरूरत है वह युवा और आक्रामक वातावरण में टीम के सबसे सीनियर सदस्य धोनी की भूमिका है। यह सभी को पता है कि कुलदीप और चहल जैसे स्पिनरों को मार्गदर्शन करने के लिए धोनी का योगदान अमूल्य है। उनके पास एक ऐसा दिमाग है जो टीम में किसी से भी ज्यादा अनुभव रखता है और टीम के दूसरे खिलाड़ियों की तरह ही समान रूप से फिट होते हैं। हालांकि एक चीज़ लापता है, वह है उनकी आक्रामकता। जाहिर तौर पर टीम को उसकी कमी कई बार चुकानी पड़ी है। यह स्वीकार करने का समय हो सकता है कि अब उनकी धार में कमजोर हुई है पर वह शीर्ष क्रम की भूमिका में काफी बेहतर हो सकते है। आइए भारतीय टीम के आने वाली सीरीज़ पर नजर डालें, जहां वे आगामी क्रिकेट विश्व कप के लिए एक विशेष टीम तैयार कर सकते हैं: #1. एशिया कप

एशिया कप की परिस्थितियां जरूर नही है कि इंग्लैंड की गुणवत्ता से मेल खा सकें, लेकिन यह निश्चित रूप से ऐसा मौका होगा जहां भारत को बल्लेबाजी क्रम में 4,5,6 और 7 के नंबर पर कई कॉम्बिनेशन बनाने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि अब तक भारत एक ऐसा पक्ष की तरह दिख रहा है जो शीर्ष 3 के प्रभावित ना करने पर आसानी से ढ़ह जाता है। इसके अलावा भारत को अपनी तेज गेंदबाजी गहराई को मजबूत करने के लिए भी सोचना चाहिए क्योंकि उमेश यादव और सिद्धार्थ कौल इंग्लैंड के खिलाफ हालिया श्रृंखला में काफी असंगत दिख रहे थे। भारत को मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी की फिटनेस पर काम करना चाहिए, जिसके पास एक अच्छा वनडे रिकॉर्ड है और मुख्य गेंदबाजों के किसी तरह से चोटिल होने के मामले में बेहतरीन बैकअप विकल्प हो सकता है। राजनीतिक तनाव के बीच एशिया कप भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात में खेला जाना है। फिर भी भारत-पाकिस्तान प्रतियोगिता एक तेजस्वी संबंध पैदा करेंगी। भारत इस साल की शुरुआत में चैपिंयस ट्रॉफी में मिली अप्रत्याशित हार का बदला लेना चाहेगा। इसके अलावा, भारतीय बल्लेबाज पाकिस्तानी की अच्छी धार वाली गेंदबाजी शक्ति के खिलाफ परीक्षण करना चाहेंगे। हसन अली और मोहम्मद अमिर ने भारत की चैंपियंस ट्रॉफी हार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वे बड़े टूर्नामेंट में पहुंचने से पहले स्विंग गेंद को अधिक आराम से खेल सके।
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Published 27 Jul 2018, 11:17 IST
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