भारतीय क्रिकेट की 5 ऐसी चीज़ें जिनपर कुंबले को जल्द से जल्द ध्यान देना होगा

बीसीसीआई ने पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले को एक साल के लिए टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त किया है। बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और बोर्ड के सचिव अजय शिर्के ने इस बात का एेलान किया। कुंबले का चयन क्रिकेट सलाहकर समिति ने किया है, जिसमें सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर शामिल थे। कुंबले जोकि भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं, उन्हें रवि शास्त्री के ऊपर तर्जी दी गई। वो टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे से जुड़ेंगे। उस सीरीज़ में भारत 4 टेस्ट मैच खेलेगा। #1 एशिया के बाहर टेस्ट में टीम का रिकॉर्ड सुधारना test-1466689510-800 पिछले साल मिली श्रीलंका के खिलाफ 2-1 से टेस्ट सीरीज़ जीत के अलावा टीम इंडिया का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। टीम ने सबसे पहले इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूज़ीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ गंवाई। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट से संन्यास भी लिया और विराट को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। कुंबले एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और वो टीम का प्रदर्शन एशिया के बाहर टेस्ट में सुधारना चाहेंगे, जिसके लिए आने वाला वेस्टइंडीज़ दौरा उनके लिए काफी अहम हो जाता है। #2 कप्तान के साथ तालमेल बिठाना dhoni-kohli-1466689620-800 कब तक भारत दो कप्तानों की पॉलिसी के साथ आगे बढ़ेगा? एमएस धोनी अपनी चरम फॉर्म में नहीं हैं, तो कई लोग यह मानते हैं कि विराट अपने पर्पल पैच में हैं। कुंबले के आने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि वो दोनों कप्तान के साथ कैसे तालमेल बिठएंगे। धोनी कुंबले के साथ टीम के उप कप्तान के तौर पर खेल चुके हैं, तो कोहली के पास ऐसा कोई अनुभव नहीं हैं। कुंबले कोहली के साथ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए साथ में खेल चुके हैं, लेकिन उसमें काफी वक़्त हो चुका है और अब हालात बिल्कुल अलग हैं। धोनी और कोहली को साथ में लेकर चलना कुंबले के लिए बड़ी चुनौती होगी। #3 खिलाड़ियों को ज्यादा मौका देना players-1466689645-800 भारतीय खिलाड़ी होने के नाते, उनके ऊपर प्रदर्शन का बहुत ज्यादा दबाव होगा। कुंबले जब खुद कप्तान थे, तो वो अपने खिलाड़ियों को ज्यादा मौका देते थे और खराब प्रदर्शन करने पर टीम से बाहर नहीं बिठा देते थे। उनके पास 20 साल तक खेलने का अनुभव है और यह उन्हें आगे बढने में भी मदद करेगा। वो घरेलू क्रिकेट को अच्छे से समझते हैं और उन्हें पता है कि इस टीम को कैसे आगे बढ़ाना है। उन्हें यह भी पता हैं कि किस खिलाड़ी को कौन रिपलेस कर सकता है, जोकि इन्हें टीम बनाने में काफी मदद करेगा। #4 स्पिनर्स की मदद ashwin-1466689685-800 अनिल कुंबले भारत के सबसे अच्छे स्पिनर्स में से हैं। तो उनके टीम में आने से टीम में स्पिनर्स को काफी मदद मिलेगी। भारत को इस साल अपने घर में 13 टेस्ट मैच खेलने हैं और अगर टीम को अच्छा प्रदर्शन करना है, तो स्पिनर्स का रोल इसमे काफी अहम होगा। इस चीज में कुंबले काफी अहम साबित होंगे, क्योंकि वो खुद भी एक स्पिनर रहे हैं और वो अपने स्पिनर्स को काफी कुछ सिखा सकते हैं। रवि अश्विन, अमित मिश्रा और रविंद्र जडेजा के अलावा, कुंबले को टीम के लिए अच्छे स्पिनर्स ढूंढने होंगे। #5 चैंपियंस ट्रॉफी 2017 ct-1466689773-800 अनिल कुंबले का अनुबंध सिर्फ एक साल का ही है, तो 2019 के विश्व कप को देखते हुए उनके योगदान के बारे में कहना अभी थोड़ी जल्दबाज़ी होगी। अगला आईसीसी इवेंट जो होने वाला है, वो है 2017 चैंपियंस ट्रॉफी जहां वो अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे। भारत 2017 में अपने खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा और उसपर काफी दबाव भी होगा। कुंबले को इंग्लिश कंडिशंस की भी अच्छी समझ है, लिहाज़ा उनका रोल इसमें काफी अहम हो जाएगा और इस बड़े टूर्नामेंट के लिए वो अच्छे खिलाड़ियों का चयन करेंगे। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और मुंबई इंडियंस के साथ जब वो जुड़े हुए थे, तब उनका स्वभाव काफी शांत था और टीम इंडिया को इस समय ऐसे ही कोच की जरूरत है। लेखक- मनीष पाठक, अनुवादक- मयंक महता

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