5 बल्लेबाज़ जो 2019 विश्व कप की भारतीय टीम में हो सकते हैं शामिल

ऐसे में जब आईपीएल का एक और रोमांचक सीजन खत्म हो गया है, भारत में क्रिकेट प्रशंसकों की नज़र अब 2019 का आईसीसी विश्व कप पर है। विश्व कप 2015 की चैंपियन रही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में हारने वाली भारतीय टीम अगले विश्व-कप को जीतने के लिए सबसे पसंदीदा उम्मीदवार मानी जा रही है। आईसीसी प्रतियोगिताओं के हाल के इतिहास में, भारत ने 2015 विश्वकप के सेमीफाइनल में जगह बनाई और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी की उपविजेता रही थी। एकदिवसीय प्रारूप में भारतीय टीम ने अपना वर्चस्व बनाये रखा है, और कोहली की कप्तानी में यह टीम आक्रामक क्रिकेट खेल रही है। टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम विराट कोहली, रोहित शर्मा, एम एस धोनी और शिखर धवन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों के साथ घातक दिखता है। हालांकि, हाल के दिनों में कई युवाओं ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन भी किया है। यहाँ हम ऐसे ही पांच नामों पर नज़र डाल रहे, जिनपर कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की नज़र रहेगी।

# 5 अंबाती रायुडू

अंबाती रायुडू 2015 विश्व कप की भारतीय टीम में शामिल थे। हालांकि, वह पूरे टूर्नामेंट में टीम की ओर से नही खेल पाये। कुछ सालों के बाद अब एक बार फिर से रायुडू का नाम उभर कर आया है और इसकी प्रमुख वजह आईपीएल 2018 में उनकी असाधारण बल्लेबाजी रही है। इस सूचि में अन्य खिलाड़ियों के विपरीत, रायुडू को टीम में शामिल करने के लिए ज्यादा सोचना नहीं है। उनके पास अनुभव और हालिया फॉर्म भी है, जो उनकी जगह पक्की करने के लिए पर्याप्त है। पूर्व भारतीय अंडर 19 कप्तान रायुडू घायल केदार जाधव की जगह, अगले महीने इंग्लैंड का दौरा करने वाली टीम में शामिल किये गये हैं। यह बेहतरीन प्रदर्शन करके और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का रायडू के लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है।

# 4 श्रेयस अय्यर

इतनी छोटी सी उम्र में इस बल्लेबाज की उपलब्धियों पर जब हम नज़र डालेंगे तो हैरान हो जायेंगे। 23 वर्षीय श्रेयस अय्यर दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान सबसे प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों में से एक हैं। अय्यर के पास एक लंबा करियर बनाने के लिए आवश्यक हर कौशल है; आक्रमण, नेतृत्व कौशल, और प्रतिभा। अय्यर ने भारत के लिए सिर्फ 6 एकदिवसीय मैच खेले हैं, जिनमें 42 की प्रभावशाली औसत है और 2 अर्धशतक शामिल हैं। आसानी से तेज़ गेंदबाजों का सामना करने की मुंबई के लड़के की क्षमता, एक ऐसी चीज है जो इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए काम आ सकती है। हालांकि, उन्हें कोहली और धवन जैसे बड़े नामों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी, लेकिन उनकी पक्ष में उम्र का साथ है। अय्यर निश्चित रूप से निकट भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी हैं।

# 3 ऋषभ पंत

ऋषभ पंत दिल्ली फ्रैंचाइजी से आने वाले एक और युवा प्रतिभा हैं। आईपीएल के 2018 सीजन में सबसे पहले प्ले-ऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली दिल्ली के लिए खेलने वाले पंत पूरे सीजन फॉर्म में रहे। सनराइज़र्स हैदराबाद के केन विलियमसन द्वारा पिछड़ने से पहले ऑरेंज कैप उन्ही के नाम रही। शायद दिल्ली डेयरडेविल्स अगर प्ले-ऑफ की दौड़ में बनी रही होती, तो यह कहानी अलग ही होती क्योंकि यह 20 वर्षीय खिलाड़ी गज़ब के फॉर्म में था। पंत को अब तक सिर्फ खेल के छोटे प्रारूप में ही बड़े मंच पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला है और अभी तक एकदिवसीय प्रारूप में अपने कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर नहीं मिला है। ऐसे में जबकि उनके भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े नामों में देखा जाता है, संभावना है कि विश्व कप के लिए राष्ट्रीय टीम की और से पंत को मौका मिल जाये।

# 2 संजू सैमसन

संजू सैमसन एक और ऐसी युवा प्रतिभा हैं जिनका घरेलू करियर शानदार रहा है। 2013 आईपीएल में पदार्पण के बाद, राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए संजू सैमसन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया । लगातार सफल आईपीएल सीजनों के चलते, सैमसन को अंडर-19 विश्वकप में भारत की टीम में चुना गया और वह टीम की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। वह 2014 में इंडिया-A टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जहां टीम ने श्रृंखला जीती थी। केरल का यह विकेटकीपर-बल्लेबाज एकदिवसीय क्रिकेट में इंडिया-A टीम का प्रतिनिधित्व करता आ रहा है और अभी तक राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का अवसर नही मिला है। ऐसे में जब विश्वकप शुरू होने एक वर्ष से कम का समय रह गया है, यह संभावना है कि कोहली इस नौजवान खिलाड़ी को अपनी क्षमता साबित करने के लिए एक मौका देंगे।

# 1 सुरेश रैना

सुरेश रैना हमेशा से भारतीय टीम के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद नामों में से एक रहे हैं। उनके शानदार प्रदर्शन ने अनगिनत अवसरों पर भारत को जीत दिलाई है। पिछले तीन साल से अन्तर्राष्ट्रीय टी 20 में टीम के नियमित सदस्य होने के बावजूद, सुरेश रैना 2015 के बाद से एकदिवसीय टीम में जगह नही बना पायें हैं। अब जबकि चयनकर्ताओं ने एक बार फिर इंग्लैंड के खिलाफ टी 20 टीम में शामिल कर इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ पर अपना विश्वास दिखाया है, रैना के पास एक बार फिर एकदिवसीय टीम में जगह बनाने का अच्छा मौका है। ऐसे में जबकि भारतीय टीम के मध्यक्रम के तुरुप का इक्का रहे युवराज सिंह खराब फॉर्म में हैं और रैना ने आईपीएल में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, हो सकता है अच्छे प्रदर्शन के बल पर और उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें विश्वकप की टीम में मौका मिल जाये। लेखक: शरण पिल्लई अनुवादक: राहुल पांडे

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