ज़िम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों की 5 शानदार पारियां

महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में युवा भारतीय टीम ज़िम्बाब्वे के लिए रवाना हुई। कप्तान की मानें तो यह सीरीज़ युवा खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। पिछले कई सालों में ज़िम्बाब्वे का टूर, उन खिलाड़ियों के लिए काफी जरूरी बन जाता हैं, जो भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने चाहते हैं। भारतीय टीम एक बार फिर ज़िम्बाब्वे के लिए रवाना हुई हैं, आइए हम नज़र डालते हैं 5 ऐसे शानदार पारियां, जो भारतीय बल्लेबाजों ने मुश्किल परिस्तिथी में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ खेली हैं। 1- कपिल देव:175* kapil-1465325043-800 कपिल देव ने ये एतिहासिक पारी 1983 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली। कपिल देव की यह पारी तब आई, जब भारत का स्कोर था 17-5 और इस मैच जीतकर ही हम सेमी फ़ाइनल तक पहुँच सकते थे। इस पारी को वनडे क्रिकेट के इतिहास की सबसे शानदार पारियों में से एक के रूप में भी देखा जाता हैं। कपिल देव ने एक आक्रमक पारी खेली, उन्होंने 138 गेंदों में 175 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 6 छक्के शामिल थे। इस पूर्व ऑलराउंडर ने 9वें विकेट के लिए सैयद किरमानी के साथ 126 रन की साझेदारी भी की, किरमानी ने उस मैच में 56 गेंदों पर 24 रन बनाए। उन्होने इस मुकाबले में विकेट भी हासिल किए, जिसकी बदौलत भारत ने ज़िम्बाब्वे को 31 से हरा दिया। 2- वीवीएस लक्ष्मन: 131 vvs-1465325061-800 2004 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के समय ज़िम्बाब्वे के खिलाफ एडिलेड के ग्राउंड पर भारत का स्कोर 4 रन पर 3 विकेट था और एक बार फिर टीम को सहारा दिया संकटमोचन के नाम से मशहूर वीवीएस लक्ष्मन ने। लक्ष्मन एक छोर पर खड़े रहे, उन्हें पहले राहुल द्रविड़ का साथ मिला, जिन्होने 56 रन बनाए और उसके बाद रोहन गावस्कर का भी उन्हें अच्छा साथ मिला। रोहन ने भी उस पारी में 54 रन बनाए। अंत में लक्ष्मण ने शानदार सेंचुरी लगाई और 131 रन बनाकर आउट हुए। इंडिया ने उस मैच में 50 ओवरों में 280 रन बनाए। ज़िम्बाब्वे ने रनों का पीछा करते हुए अपनी जान लगा दी, लेकिन वो मैच 3 रन से हार गए। उस मुकाबले में ज़िम्बाब्वे के लिए स्टुअर्ट कारलाइस्ले और सीन एरवाइन ने सेंचुरी लगाई। 3- युवराज सिंह: 120 yuvi-1465325080-800 यह एक ऐसा समय था, जब भारतीय टीम का ऊपरी क्रम रन बनाने में कामयाब नहीं हो पा रहा था। 251 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का स्कोर एक 36-4 था और उसके 91 रनों के अंदर ही टीम ने अपने 5 विकेट गवां दिए थे। युवराज जो उस समय अपने करियर की सबसे अच्छी फॉर्म में थे। उन्हें उस मैच में एमएस धोनी का अच्छा साथ मिला, जिनके साथ उन्होने 158 रनों की साझेदारी की। युवराज से आउट होने से पहले टीम को जीत के काफी करीब पहुंचाया दिया था। उन्होने इस मैच में 120 रनों की शानदार पारी खेली। 4- केधार जाधव:105 jadhav-1465325108-800 केधार जाधव की यह पारी पिछले दौरे की शानदार पारी में से एक हैं। एक युवा टीम जिसकी कप्तानी अजिंक्य रहाणे ने की थी। भारतीय टीम सीरीज़ में पहले से ही 2-0 की अजय बढ़त ले चुकी थी, लेकिन तीसरे मुक़ाबले में टीम एक समय 82-4 विकेट गवांकर लड़खड़ा सी गई थी। केधार जाधव हमेशा से ही घरेलू क्रिकेट में रन बनाते आ रहे हैं। उन्होने इस मैच में भी एक छोर संभाल लिया और उन्हें अच्छा साथ मिला मनीष पांडे का। दोनों ने मिलकर 5वें विकेट के लिए 144 रन जोड़े। जाधव ने अपने टैलंट का परिचय देते हुए शानदार शतक लगाया और अंतिम ओवर्स में गेंदबाजों की अच्छी धुनाई की। भारत ने वो मैच 83 रन से जीता और सीरीज़ 3-0 से अपने नाम की। जाधव एक बार टीम में हैं और इस बार भी वो अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। 5- सुरेश रैना: 110 raina-1465325126-800 2015 के विश्व कप में रैना ने इतने रन नहीं बनाए थे और उनके ऊपर दबाव भी पूरा था। ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अंतिम लीग मैच में भारत का स्कोर 92-4 हो गया था और टीम को जीतने के लिए 287 का मुश्किल लक्ष्य मिला था। ऑकलैंड के ग्राउंड में लाइट के अंदर गेंद स्विंग और सीम दोनों हो रहा था। तभी रैना ने कप्तान धोनी के साथ पारी को संभाला। उन्होने गेंद को उसकी मेरिट पर खेला और एक साझेदारी बनाई। एक बार जब रैना सेट हो गए, उसके बाद उन्होने गेंदबाजों की अच्छी धुनाई की और अंत में एक शानदार शतक लगाया। अंत में रैना के सेंचुरी की बदौलत भारत ने ज़िम्बाब्वे को आसानी से 6 विकेट से हारा दिया। लेखक- मनीष पाठक, अनुवादक- मयंक महता

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