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सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी द्वारा भारतीय क्रिकेट के स्वरूप को बदलने वाले 5 ऐतिहासिक फैसले

Fambeat Hindi
ANALYST
Modified 11 Jan 2019
टॉप 5 / टॉप 10
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#4. गांगुली का वीरेंदर सहवाग से ओपनिंग कराना 

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दुनिया के विस्फोटक बल्लेबाज़ों में शुमार वीरेंदर सहवाग ने अपना अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय और टेस्ट पदार्पण क्रमशः 1999 और 2001 में किया था। पाकिस्तान के खिलाफ हुए अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में सहवाग मात्र 2 रन बनाकर आउट हो गए थे।

इसके बाद उनको 20 महीनों तक टीम में शामिल नहीं किया गया। टेस्ट पदार्पण मैच में उन्होंने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 105 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। हालांकि भारत यह मैच हार गया था। साल 2002 में भारत के इंग्लैंड दौरे पर सौरव गांगुली ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सबको आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने सहवाग को भारतीय पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंप दी। वीरेंदर सहवाग को जब पारी की शुरुआत करने का मौका मिला तब उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। टेस्ट क्रिकेट में वीरेंदर सहवाग के नाम सबसे तेज 250 और 300 रन बनाने का रिकॉर्ड है।

सहवाग ने अपने करियर में चार बार 250+ रन बनाए हैं जो आज भी एक रिकॉर्ड है। सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 180 पारियों में 23 शतक जमाए हैं। सहवाग ने एक इंटरव्यू में कहा था कि सौरव गांगुली ने उनसे कहा था कि अगर उन्हें अंतिम एकादश में बने रहना है तो उन्हें पारी की शुरुआत करनी पड़ेगी और गांगुली के इसी निर्णय के कारण सहवाग को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिला।

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Published 11 Jan 2019, 20:30 IST
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