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5 ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर जिनका करियर रिकी पॉन्टिंग की कप्तानी के दौरान ज़्यादा उभर नहीं पाया

Modified 18 Feb 2018

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग जब तक अपनी टीम की ज़िम्मेदारी संभाली थी वो दौर उनके लिए सर्वणिम काल कहा जाकता है। उनकी कप्तानी के दौरान कंगारू टीम में शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और एडम गिलक्रिस्ट जैसे सितारों का विश्व क्रिकेट में दबदबा था। इन तीन शानदार खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में कई हुनरमंद खिलाड़ियों ने जगह बनाई लेकिन इनमें कई खिलाड़ी ऐसे भी रहे जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज़्यादा कमाल नहीं दिखा पाए। हम यहां उन 5 ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिनमें हुनर की कोई कमी नहीं थी लेकिन उनका करियर रिकी पॉन्टिंग की कप्तानी के दौरान ज़्यादा नहीं उभर पाया।

#1 डेविड हसी

  माइकल हसी के छोटे भाई डेविड हसी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौक़ा काफ़ी देर से मिला था। साल 2008 में जब वो 31 साल के होने वाले थे तो उन्हें वेस्टइंडीज़ दौरे के लिए कंगारू वनडे टीम में चुना गया था। उस वक़्त तक डेविड ने सिर्फ़ 2 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच खेला था। जिसमें उन्होंने 50 रन और 1 रन बनाया था। साल 2009 में उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ़ एकमात्र शतक बनाया था। साल 2011-12 की त्रिकोणीय सीरीज़ में उनहोंने शानदार प्रदर्शन किया था। उस सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया के अलावा भारत और श्रीलंका भी थे। उन्होंने 11 पारियों में 5 अर्धशतक बनाए थे जिसमें मेलबर्न में भारत के ख़िलाफ़ 30 गेंदों में 61* रन शामिल था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 54.88 की औसत और 101 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। डेविड हसी की बढ़ती उम्र उनके करियर के ज़्यादा नहीं चल पाने की वजह बनी। टीम में शामिल होने के लिए कई युवा खिलाड़ी इंतज़ार कर रहे थे, ऐसे में साल 2013 में डेविड को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया। डेविड हसी ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 69 वनडे और 39 टी-20 मैच खेले हैं।
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Published 18 Feb 2018
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