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IPL 2018: चेन्नई सुपर किंग्स के 5 खिलाड़ी जो आगे चलकर भारत के लिए खेले

  • एक वक़्त था जब चेन्नई सुपर किंग्स को टीम इंडिया में आने का शॉर्ट-कट माना जाता था
Modified 20 Dec 2019, 18:39 IST

हर साल आईपीएल हमें दो महीने के लिए लगातार मनोरंजन का साधन देता है, जिसमें कुछ ऐसे शानदार प्रदर्शन शामिल होते हैं जिन पर नजरें टिक जाती हैं। इस लीग ने भारतीय युवा क्रिकेटरों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान किया है जिसकी बदौलत वह अपनी प्रतिभा को दिखा सकते हैं और राष्ट्रीय टीम में चयन होने का एक मौका उठा सकते हैं। कई खिलाड़ियों ने अपने आईपीएल प्रदर्शन से एक अच्छा प्रभाव डाला और राष्ट्रीय टीम में अपना रास्ता बना लिया। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स बिना किसी शक के पहले दशक में सबसे शानदार टीम रही है और उसने अपने खिलाड़ियों को एक आदर्श मंच दिया है। पूर्व भारत के कप्तान एमएस धोनी, पूर्व मुख्य चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत और बीसीसीआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष  एन श्रीनिवासन के शामिल होने से सीएसके भारतीय टीम के लिए एक आदर्श लॉच प्लेटफॉर्म साबित हुई है। आईये नजर डालते हैं उन पांच खिलाड़ियों पर जिन्होंने सीएसके की तरफ से खेलते हुए आईपीएल में छोड़े गये अपने प्रभाव के कारण भारतीय टीम में जगह बनायी।

#1 रविचंद्रन अश्विन



  रविचंद्रन अश्विन वर्ष 2010 में तब प्रसिद्ध हुए जब एमएस धोनी ने पॉवर प्ले ओवरों में इस ऑफ स्पिनर का प्रयोग करते हुए अच्छा प्रभाव डाला। उस साल दाएं हाथ के ऑफ ब्रेक गेंदबाज ने प्रभावशाली आंकड़ों का प्रदर्शन किया। अश्विन ने सीएसके के लिए 12 आईपीएल मैचों में 13 विकेट लिए और वहीं चैंपियंस लीग टी-20 के 6 मैचों में ही इतने विकेट हासिल किए। सीएसके ने वह दोनों खिताब जीते और अश्विन को मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया, इस प्रकार उन्हें राष्ट्रीय टीम में बुलावा आ गया। यह उल्लेखनीय है कि इन सभी विकेटों को लेने के लिए उसका इकॉनमी रेट 6.23 का रहा। जब टीम के नियमित स्पिनर हरभजन सिंह को आराम दिया गया, तब सीमित मौको का फायदा उठाते हुए उन्होंने अच्छी सफलता हासिल की और टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की की और 2011 में भारत की विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य बने। उस जीत के बाद तमिलनाडु के स्पिनर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम कमाया। उन्होंने न सिर्फ विकटों का ढेर लगाया बल्कि उन्होंने भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजी की कला में महारत हासिल की थी  और बल्लेबाजी में भी योगदान दिया, जिसने उन्हें क्रिकेट के सभी प्रारूपों में भारतीय टीम का मुख्य अंश बना दिया। कई मील के पत्थर हासिल करने के बाद और कई रिकॉर्ड अरने नाम करने वाले अश्विन अभी भी खुद में परिवर्तन करके नए पन की तलाश में रहते हैं। वर्तमान में वह एक टीम के कप्तान की नई भूमिका में हैं क्योंकि वह आईपीएल 2018 में किंग्स-XI पंजाब टीम की अगुआई कर रहे हैं। अब तक 12 मैचों में जिनमें से 6 में उनकी टीम जीती है, उन्होंने 59.33 के औसत से केवल 6 विकेट लिए और उनका इकॉनमी रेट 8.15 की रही है। हालांकि, जब तक उनके कुशल नेतृत्व और चतुर कप्तानी पंजाब को जीतने में मदद करती हैं, तब तक प्रबंधन उनके ऊपर विश्वास रखेगा।
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Published 15 May 2018, 09:15 IST
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