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टेस्ट मैचों में भारत की 17 मैचों से लगातार न हारने के 5 कारण

SENIOR ANALYST
Modified 19 Dec 2016
क्रिकेट में इन दिनों लगातार मैच जीतते रहना आसान काम नहीं है, खासकर तब जब सभी टीमें आजकल मजबूत टीमें हैं। लेकिन जो टीमें आ्क्रमक रुख के साथ खेलती हैं उन्हें काफी फायदा होता है, खासकर विदेशी सरजमीं पर इसका बहुत बड़ा फायदा होता है। इसी वजह से टेस्ट मैचों में भारत की 17 लगातार न हारे टेस्ट खेलना काबिलेतारीफ है। टेस्ट इतिहास में केवल 3 ही ऐसी टीमें हुई हैं जिन्होंने लगातार 17 से ज्यादा टेस्ट मैच नहीं हारा ।  वेस्टइंडीज की टीम ने 1982-84 में 27 मैच जीते थे, इंग्लैंड की टीम ने 1968-71 के बीच में 26 और 1959-61 के बीच में 18 मैच जीते थे। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम ने  1999-2001 के बीच में 18 मैच और 2005-08 के बीच में 22 मैच जीते थे। भारतीय टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन के  प्रमुख कारण हैं। घरेलू सीरीज का फायदा,  खिलाड़ियों की बेहतरीन फॉर्म, अनुकूल परिस्थितियां कई सारी वजहें रहीं। इससे पहले 1985-87  में भारतीय टीम लगातार 17 मैच से नहीं हारी थी, और 1979-80 में 15 मैचों में वो हार से दूर रही थी। लेकिन इस बार का भारतीय टीम का प्रदर्शन बहुत ही खास है, क्योंकि इस बार भारतीय टीम में ज्यादातर युवा खिलाड़ी हैं और कई ऐसे खिलाड़ी भी खेल रहे हैं जो अपनी फॉर्म वापसी के लिए संघर्ष कर रहे थे। यहां हम आपको बता रहे हैं क्यों भारतीय टीम 17 टेस्ट मैचों में अजेय रही। इस जीत की शुरुआत श्रीलंका के खिलाफ मैच से हुई थे तब से भारतीय टीम की जीत का सिलसिला लगातार जारी है। इसमें कप्तान विराट कोहली की कप्तान के तौर पर पहली टेस्ट जीत भी शामिल है।   1. घरेलू सरजमीं पर 11 मैच 17 मैच जो भारत ने खेले हैं उनमें से 11 मैच भारतीय सरजमीं पर खेले गए हैं। 2 मैच श्रीलंका में और 4 मैच वेस्टइंडीज में हुए हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि घरेलू सरजमीं पर खेलने से ही भारतीय टीम इतने मैच जीत सकी, लेकिन हां घरेलू परिस्थितियों का फायदा कुछ ना कुछ तो मिलता तो जरुर है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में घरेलू पिच का खासा महत्व होता है। भारतीय टीम भाग्यशाली रही कि उसने 11 मैच तो अपनी पिच पर खेले इसके बाद उपमहाद्वीप की टीम श्रीलंका के खिलाफ मैच खेला। हां वेस्टइंडीज का दौरा जरुर भारतीय टीम ने किया था, लेकिन सबको पता है कि कैरिबियाई टीम इस फार्मेट में संघर्ष कर रही है। वहीं भारतीय टीम ने इस दौरान अपने बेंच स्ट्रेंथ को भी काफी आजमाया। जब आप अपनी घरेलू पिच पर खेल रहे होते हैं तो बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को आजमाना काफी आसान हो जाता है। उन्हें खेलने में ज्यादा दिक्कत नहीं आती है।
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Published 19 Dec 2016
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