5 लोकप्रिय क्रिकेटर जिन्होंने अपनी राष्ट्रीयता बदली और खेला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट

किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात होती है। अपने देश के लिए खेलने वाला खिलाड़ी जीत हासिल करने की उम्मीद से अपनी देश की जीत के लिए जी जान से प्रदर्शन करता है। हालांकि इससे इतर खेलों में कई बार ऐसा भी देखा गया है जब कोई खिलाड़ी अपनी जिंदगी में दो देशों का प्रतिनिधित्व कर लेता है। क्रिकेट का खेल भी इससे बच नहीं सका है। क्रिकेट के खेल में भी ऐसे कई खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने एक से ज्यादा देशों का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिनिधित्व किया है। क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी देखने को मिले चुके हैं, जो अपने करियर के दौरान दो देशो के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं। देखने में आया है कि अपने पहले देश से कम मौके मिलने के कारण क्रिकेटर्स ने दूसरे देश की तरफ रुख किया और दूसरे देश की राष्ट्रीयता अपनाकर क्रिकेट करियर की शुरुआत की। आइए यहां जानते हैं पांच फेमस क्रिकेटर्स के बारे में जिन्होंने अपनी राष्ट्रीयता बदलकर दुसरे देश के लिए क्रिकेट खेला।

#1 केविन पीटरसन

क्रिकेट की दुनिया में केविन पीटरसन का नाम काफी जाना पहचाना है। केविन पीटरसन इंग्लैंड क्रिकेट टीम के सदस्य रहे हैं और अपने क्रिकेट करियर के दौरान इंग्लैंड के लिए कई अहम पारियां खेली हैं। अपने करियर में इंग्लैंड के खेलते हुए केविन पीटरसन ने 100 से ज्यादा टेस्ट और एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं और 13500 रन से भी ज्यादा रन स्कोर किए हैं। इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी केविन पीटरसन मूल रूप से अफ्रीका के रहने वाले हैं। हालांकि पीटरसन ने एक समय निर्णय लिया कि उनका अब दक्षिण अफ्राका से जाने का समय आ चुका है। जिसके बाद वो इंग्लैंड चले गए और वहीं रहने लगे। उन्होंने नॉटिंघमशायर और हैम्पशायर के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। साल 2005 में उन्हें इंग्लैंड की टीम में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में जगह दी गई। इसके बाद उन्होंने 10 साल से भी ज्यादा इंग्लैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया।

#2 इमरान ताहिर

वर्तमान में इमरान ताहिर दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के शानदार स्पिन गेंदबाज हैं। हालांकि इमरान ताहिर का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। इमरान ताहिर पाकिस्तान अंडर-19 और पाकिस्तान ए टीम का भी हिस्सा रह चुके है। हालांकि उन्हें पाकिस्तान में लेग स्पिनर के रूप में जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। जिसके बाद उन्होंने अफ्रीका जाने का फैसला किया। उन्होंने अफ्रीकी महिला से शादी की जिसके बाद साल 2011 में उन्हें अफ्रीका क्रिकेट टीम में खेलने की अनुमति मिल गई। ताहिर ने अफ्रीका का 20 टेस्ट, 85 वनडे और 36 टी-20 मैचों में प्रतिनिधित्व किया है। इसके साथ ही इमरान ताहिर एक ऐसे स्पिन गेंदबाज के रूप में सामने आए हैं जिन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए एकदिवसीय क्रिकेट में 100 से ज्यादा विकेट हासिल किए हैं। स्पिनर के तौर पर ऐसा करनामा करने वाले वो साउथ अफ्रीका के पहले गेंदबाज हैं और अब तक के साउथ अफ्रीका के नौवें सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज हैं।

#3 जोनाथन ट्रॉट

दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में जन्में जोनाथन ट्रॉट ने अंडर-15 और अंडर-19 क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व किया है। इसके बाद साल 2003 में जोनाथन इंग्लैंड चले गए और वहां पर वारविकशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने का फैसला किया। इसके बाद साल 2007 में जोनाथन ट्रॉट का इंग्लैंड क्रिकेट टीम में चयन किया गया। जिसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के लिए खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया। जोनाथन ट्रॉट इंग्लैंड के लिए 52 टेस्ट मैच और 62 वनडे मैच खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 6500 रन भी बनाए हैं।

#4 ल्यूक रोंची

ल्यूक रोंची एक ऐसे खिलाड़ी के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट खेलने वाले रोंची दोनों देशों की राष्ट्रीय टीम में शामिल होने वाले एक मात्र खिलाड़ी भी हैं। न्यूजीलैंड में जन्मे ल्यूक रोन्ची युवा होने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में जाकर बस गए और वहां से क्रिकेट खेलने लगे। साल 2008 में डेब्यू करने वाले ल्यूक रोंची ने ऑस्ट्रेलिया के लिए केवल 4 वनडे और तीन टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। इसके बाद साल 2012 में ल्यूक रोंची ने न्यूजीलैंड की टीम से खेलना शुरू कर दिया। साल 2013 में ल्यूक रोंची ने न्यूजीलैंड की ओर से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की। ल्यूक रोंची ने अपने करियर में 85 वनडे और 33 टी-20 मैच खेले हैं। आखिर में साल 2017 में ल्यूक रोंची ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

#5 एंड्रयू साइमंड्स

एंड्रयू साइमंड्स को ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज के तौर पर याद किया जाता है। इंग्लैंड के बर्मिंघम में जन्में एंड्रयू साइमंड्स जब युवा थे तभी वो ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। साल 1995 में एंड्रयू साइमंड्स को इंग्लैंड ए टीम में खेलने के लिए चुना गया था, लेकिन उन्होंने इंग्लैंड की जगह ऑस्ट्रेलिया से खेलना सही समझा। एंड्रयू साइमंड्स ने 94/95 सीजन में क्वीन्सलैंड की ओर से अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। साल 2003 में एंड्रयू साइमंड्स ने ऑस्ट्रेलिया की टीम की ओर से अतंर्राष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की। अपने करियर में एंड्रयू साइमंड्स ने 198 वनडे, 26 टेस्ट और 14 टी-20 मुकाबले खेले हैं। एंड्रयू साइमंड्स ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए 6500 से अधिक रन बनाए हैं। वहीं साल 2003 का विश्व कप जिताने में एंड्रयू साइमंड्स ने अहम भूमिका निभाई थी। लेखक: सुजीत मोहन अनुवादक: हिमांशु कोठारी