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80 के दशक और मौजूदा दौर के वेस्टइंडीज के 5 समान क्षमता वाले दिग्गज क्रिकेटर

जितेंद्र तिवारी

1970 की शुरुआत से 1980 के अंत तक क्रिकेट जगत में वेस्टइंडीज का दबदबा था। वह दुनिया की दिग्गज टीमों में से एक थी। उस दौर में इस टीम ने न सिर्फ दोनों प्रारूपों (उस समय टेस्ट और वन-डे ही थे) में मैच जीते थे, बल्कि विश्व क्रिकेट पर उनकी छाप साफ़ नजर आती थी। वह दौर कैरेबियाई टीम के बुलंदियों और गौरव के थे। वहीं आधुनिक क्रिकेट में आज विंडीज की टीम टी-20 क्रिकेट में काफी सफल है। विंडीज एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने अब तक 2 बार टी-20 वर्ल्डकप का ख़िताब जीता है। इससे पहले 80 के दशक में कैरेबियाई टीम ने दो वन-डे विश्वकप अपने नाम किए थे। पूर्व में वेस्टइंडीज ने बहुत से दिग्गज क्रिकेटर दिए हैं। वहीं आधुनिक युग में कई खिलाड़ी हैं जिनमें पूर्व दिग्गजों जैसी समानता नजर आती है। आज हम आपको विंडीज के 80 और आधुनिक युग क्रिकेटरों की समान खूबियां बताने की कोशिश कर रहे हैं:


#5 डेस्मंड हेंस – मार्लोन सैमुअल्स

वेस्टइंडीज के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ डेस्मंड अपने समय के टेस्ट और वन-डे के बेहद शानदार बल्लेबाज माने जाते थे। वहीं आधुनिक युग में सैमुअल्स विंडीज के सबसे अहम बल्लेबाजों में से एक हैं। सैमुअल्स ने डेसमंड की तरह ही वेस्टइंडीज के लिए कई अहम मौकों पर शानदार पारियां खेली हैं। खासकर टी-20 वर्ल्डकप 2012 और 2016 दोनों के फाइनल में वह मैन ऑफ़ द मैच चुने गये थे। वहीं डेसमंड और सैमुअल्स में कई समानताएं हैं, जिनमें सबसे खास कि ये दोनों खिलाड़ी कभी भी तीखी नोंक-झोंक करने से पीछे नहीं हटते हैं। हेंस जब 1990-91 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर थे, तब उनकी भिड़ंत मर्व ह्यूज और डेविड बून से हो गयी थी। वहीं सैमुएल्स की भिंडत दिग्गज स्पिनर शेन वार्न से बिग बैश लीग में हो गयी थी। #4 एंडी राबर्ट्स – ड्वेन ब्रावो एंडी राबर्ट्स वेस्टइंडीज के बेहतरीन तेज गेंदबाज़ थे। हालाँकि उनका करियर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उनकी तेज गेंदों ने बल्लेबाजों में खौफ भर दिया था। जिसकी वजह से वह काफी लोकप्रिय हो गये थे। वहीं ब्रावो दुनिया भर के चर्चित क्रिकेटरों में से एक हैं। सीमित ओवर के इस आलराउंडर और राबर्ट्स में कई समानताएं हैं। ब्रावो ने टी-20 क्रिकेट में काफी कमाल की गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी की है। उसी तरह राबर्ट्स के पास कई तरह की गेंद फेंकने की क्षमता थी। जिससे बल्लेबाज़ मुश्किल में आ जाते थे। इसके अलावा ये दोनों खिलाड़ी दो बार की वर्ल्डकप विजेता टीम के अहम हिस्सा रह चुके हैं। #3 मैल्कम मार्शल – सुनील नरेन वेस्टइंडीज के आइकोनिक तेज गेंदबाज़ मैल्कम मार्शल दुनिया के बेहद खतरनाक तेज गेंदबाजों में से एक थे। बल्लेबाज़ उनके सामने असहाय नजर आते थे। यद्यपि मार्शल की टक्कर का खिलाड़ी आज विंडीज टीम में खोजना कठिन काम है। लेकिन फिर भी सुनील नरेन कुछ हद तक उनके करीब हैं। जिन्हें खेलना बल्लेबाजों के लिए आज के समय में दुष्कर काम है। अपने जमाने में मार्शल वेस्टइंडीज के स्टार खिलाड़ी थे। लेकिन आज के युग में सीमित ओवर के क्रिकेट में नरेन भी किसी स्टार गेंदबाज़ से कम नहीं हैं। #2 क्लाइव लॉयड – डैरेन सैमी वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान क्लाइव लॉयड अपने जमाने के टेस्ट और वन-डे के शानदार बल्लेबाज़ हुआ करते थे। इसकी पुष्टि आंकड़े करते हैं। वहीं डैरेन सैमी एक आलराउंडर क्रिकेटर रहे हैं। जो निचले क्रम पर बल्लेबाज़ी और मध्यम गति से गेंदबाज़ी करते हैं। इन दो अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों में सबसे बड़ी समानता है। इनकी कप्तानी में वेस्टइंडीज ने दो-दो बार वर्ल्डकप जीता है। जिसमें एक ने वन-डे में तो दूसरे ने टी-20 में यह मुकाम हासिल किया है। लॉयड की कप्तानी में वन-डे वर्ल्डकप 1975 और 79 में और सैमी की कप्तानी में 2012 और 2016 में विंडीज ने खिताबी जीत हासिल की। #1 विव रिचर्ड्स – क्रिस गेल दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों की कोई भी ऐसी लिस्ट नहीं है, जिसमें विवियन रिचर्ड्स का नाम न हो। शानदार और विस्फोटक बल्लेबाज़ रिचर्ड्स उस जमाने में आज के युग के मुताबिक बल्लेबाज़ी करते थे। इसलिए गेल और उनमें जो सबसे बड़ी समानता है। वह ये है कि ये दोनों बल्लेबाज़ काफी धुआंधार बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर थे। इसके अलावा ये दोनों खिलाड़ी मैदान और बाहर एन्जॉय करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं। गेल के लिए विवियन जैसे शानदार खिलाड़ी के बीच वेस्टइंडीज क्रिकेट के इतिहास में जगह बनाना आसान बात नहीं है। लेकिन आज गेल विंडीज के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक हैं। लेखक-अभिनव मेसी, अनुवादक-जितेन्द्र तिवारी

Edited by Staff Editor

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