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80 के दशक और मौजूदा दौर के वेस्टइंडीज के 5 समान क्षमता वाले दिग्गज क्रिकेटर

Modified 19 Sep 2016, 10:31 IST
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1970 की शुरुआत से 1980 के अंत तक क्रिकेट जगत में वेस्टइंडीज का दबदबा था। वह दुनिया की दिग्गज टीमों में से एक थी। उस दौर में इस टीम ने न सिर्फ दोनों प्रारूपों (उस समय टेस्ट और वन-डे ही थे) में मैच जीते थे, बल्कि विश्व क्रिकेट पर उनकी छाप साफ़ नजर आती थी। वह दौर कैरेबियाई टीम के बुलंदियों और गौरव के थे। वहीं आधुनिक क्रिकेट में आज विंडीज की टीम टी-20 क्रिकेट में काफी सफल है। विंडीज एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने अब तक 2 बार टी-20 वर्ल्डकप का ख़िताब जीता है। इससे पहले 80 के दशक में कैरेबियाई टीम ने दो वन-डे विश्वकप अपने नाम किए थे। पूर्व में वेस्टइंडीज ने बहुत से दिग्गज क्रिकेटर दिए हैं। वहीं आधुनिक युग में कई खिलाड़ी हैं जिनमें पूर्व दिग्गजों जैसी समानता नजर आती है। आज हम आपको विंडीज के 80 और आधुनिक युग क्रिकेटरों की समान खूबियां बताने की कोशिश कर रहे हैं:


#5 डेस्मंड हेंस – मार्लोन सैमुअल्स वेस्टइंडीज के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ डेस्मंड अपने समय के टेस्ट और वन-डे के बेहद शानदार बल्लेबाज माने जाते थे। वहीं आधुनिक युग में सैमुअल्स विंडीज के सबसे अहम बल्लेबाजों में से एक हैं। सैमुअल्स ने डेसमंड की तरह ही वेस्टइंडीज के लिए कई अहम मौकों पर शानदार पारियां खेली हैं। खासकर टी-20 वर्ल्डकप 2012 और 2016 दोनों के फाइनल में वह मैन ऑफ़ द मैच चुने गये थे। वहीं डेसमंड और सैमुअल्स में कई समानताएं हैं, जिनमें सबसे खास कि ये दोनों खिलाड़ी कभी भी तीखी नोंक-झोंक करने से पीछे नहीं हटते हैं।  हेंस जब 1990-91 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर थे, तब उनकी भिड़ंत मर्व ह्यूज और डेविड बून से हो गयी थी। वहीं सैमुएल्स की भिंडत दिग्गज स्पिनर शेन वार्न से बिग बैश लीग में हो गयी थी।
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Published 19 Sep 2016, 10:31 IST
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