Create
Notifications

टेस्ट क्रिकेट में 5 महानतम डेब्यू शतक

Shraddha Bagdwal
visit

पहला टेस्ट शतक किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे यादगार होता है, खासकर जब आपको इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर खुद को साबित करना हो। पहला टेस्ट शतक जड़ने के बाद ना सिर्फ बल्लेबाज का आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर वो टीम में अपनी जगह पक्की करने में भी कामयाब होता है। जब इसी शतकीय पारी को आप दोहरे या तिहरे शतक में तब्दील करने में कामयाब होते हैं तो ये ऐतिहासिक पारी होती है। इस लंबी पारी से आपका टेंपरामेंट और साहस पता चलता है। ये पारी आपके विकेट लंबे समय तक टिके रहने और रन बंटोरने की क्षमत को भी बताती है। आइए एक नजर डालते हैं टेस्ट क्रिकेट के टॉप 5 पहले शतक


#1 गैरी सोबर्स-365 पाकिस्तान के खिलाफ (1958)

garry sobers

गैरी सोबर्स ने 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में खुद को साबित किया। ये तीसरा टेस्ट था और वेस्टइंडीज सीरीड में 1-0 से लीड कर रही थी। वेस्टइंडीज ने पहला टेस्ट ड्रॉ खेला और दूसरे में जीत दर्ज की थी। तीसरे टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान ने इम्तियाज अहमद की शतकीय पारी के के चलते 328 रन बनाए। लेकिन इसके बाद आगे जो वेस्टइंडीज की ओर से हुआ उसने ना सिर्फ सभी को चौंकाया बल्कि वो क्रिकेट जगत में ऐतिहासिक भी साबित हुआ। गैरी सोबर्स ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए पहला टेस्ट शतक जड़ा और इसके बाद इस शतक को ट्रिपल सेंचुरी में तब्दील किया। सोबर्स ने 365 रन बनाए। अपने इस तिहरे शतक के दौरान उन्होंने 614 मिनट ग्राउंड पर बिताते हुए 38 चौके भी जड़े। सोबर्स ने अपने टैलेंट का नूमना पेश करते हुए गेंद को ग्राउंड के चारों ओर पहुंचाया और पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। सोबर्स की इस के बलपर वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 790 रन बनाए। जिसके चलते वेस्टइंडीज ने इस मैच में बड़ी बढ़त हासिल की और आखिरकार वेस्टइंडीज ने इस मैच को पारी और 174 रन से जीता। #2 बॉब सिम्पसन -311 इंग्लैंड के खिलाफ (1964)

Duke Of Norfolk's XI v Australia

ऐशज की लड़ाई टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी लाज की लड़ाई मानी जाती है। ऐशज सीरीज में एक दूसरे के खिलाफ अपना बेस्ट देने के लिए खिलाड़ी जी जान लगा देते हैं। साल 1964 में भी ऐशज सीरीज उसी जोश और जज्बे के साथ खेली गई थी। जब ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हरा दिया था। हालांकि ये चौथा टेस्ट था जब सिम्पसन ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों की धुनाई करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा। सिम्पसन की ये पारी उनके लाजवाब धैर्य और संयम का परिचय थी। सिम्पसन ने 762 मिनट मैदान पर बिताते हुए 743 गेंदों में 311 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 23 चौके और 1 छक्का भी लगाया। सिम्पसन इंग्लिश गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी रहे और उन्होंने इस मैच को ड्रॉ करवाने में अहम योगदान दिया। #3 करूण नायर- 303* इंग्लैंड के खिलाफ (2016) karun-nair-300-1482209344-800 2016 का इंग्लैंड का भारत दौरा उनके सबसे खराब दौरा साबित हुआ। इंग्लैंड 4 में से 3 टेस्ट मैच हार चुका था। अब पांचवे टेस्ट में उतरने से पहले इंग्लैंड की रणनीति क्लीन स्वीप से बचाने की थी। उन्होंने पहली पारी में मोइन अली की शतकीय पारी की बदौलत 477 रन बनाए। भारत ने इसका जबरदस्त जवाब देते हुए 759 रन पर अपनी पहली पारी घोषित की। पहली पारी में भारत की ओर से कई बल्लेबाजों ने अपने जौहर दिखाए। खासकर के एल राहुल ने 199 रनों का योगदान दिया वो दोहरे शतक से सिर्फ 1 रन से चूक गए। हालांकि चेन्नई टेस्ट पूरी तरह से करूण नायर के नाम रहा। करूण ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला तिहरा शतक जड़ा। करूण ने 303 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 32 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के भी लगाए। करूण ना सिर्फ अपनी शानदार बैटिंग तकनीक का मुजाहिरा पेश किया बल्कि ये तिहरा शतक करूण ने सिर्फ 381 गेंदों पर बनाया। #4 टिप फोस्टर - 287 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (1903)

tip

1903 में इंग्लैंड का 5 टेस्ट मैचों का ऑस्ट्रेलिया दौरा ना सिर्फ बेहद यादगार था बल्कि दोनों देशों के बीच रोमांचक क्रिकेट भी देखने का मिला। पहले टेस्ट में दोनों ही टीमें एक दूसरे पर लीड लेने के इरादे से उतरी। इंग्लैंड के घातक गेंदबाज अर्नाल्ड के आगे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और पूरी टीम स्कोर बोर्ड पर सिर्फ 285 रन ही रख पाई। अर्नाल्ड ने 4 अहम विकेट चटकाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और इंग्लैंड 117 रन पर अपने 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद फोस्टर बल्लेबाजी कतरने उतरे। फोस्टर ने ना सिर्फ इंग्लैंड को मजबूती दी और अपना पहला शानदार टेस्ट शतक भी बनाया। फोस्टर ने 419 मिनट ग्राउंड पर रहते हुए 37 चौकों की मदद से 287 रन ठोके। #5 ब्रायन लारा - 277 रन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (1993)

Lavinia Duchess Of Norfolk's XI v West Indies

1993 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई 5 टेस्ट मैचों की फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी फैंस के लिए काफी रोमांचक साबित हुई। सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव वॉ की शतकीय पारी के दमपर बोर्ड पर 503 रन लगा दिए। जवाब में पहली पारी में वेस्टइंडीज ने भी 606 रन बनाए। वेस्टइंडीज के इस जबरदस्त जवाब में सबसे बड़ा योगदान रहा ब्रायन लारा का। लारा ने इस टेस्ट मैच में अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जड़ा। लारा 474 मिनट मैदान पर रहकर 372 गेंदों में 277 रन बनाए और इस दौरान 38 बार गेंद को बाउंड्री के पार भी पहुंचाया। इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंचने तके लिए लारा ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और अपने शनादर फुटवर्क से भी सभी को प्रभावित किया।

Edited by Staff Editor
Article image

Go to article
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now