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5 भारतीय क्रिकेटर्स जो बन सकते थे एक बेहतरीन कप्तान

Syed Hussain
ANALYST
Modified 25 Nov 2017, 14:00 IST
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भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक से बढ़कर एक कप्तान आए हैं, जिनमें नवाब पटौदी, मोहम्मद अज़हरुद्दीन, सौरव गांगुली जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इस फ़हरीस्त में अगर शीर्ष स्थान की बात करें तो भारत को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कपिल देव और टीम इंडिया को तीन बार आईसीसी ख़िताब (1 वनडे वर्ल्डकप, 1 टी20 वर्ल्डकप और 1 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी) दिलाने वाले कैप्टेन कूल महेंद्र सिंह धोनी के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम को जीत की आदत दिलाने वाले सौरव गांगुली यानी दादा का नाम भी सुनहरे अक्षरों में लिखा जाना लाज़िमी है। दादा और धोनी के लिए एक चीज़ जो समान है वह ये कि दोनों को ही टीम इंडिया की कमान विपरित परिस्थिति में संभालनी पड़ी थी। मैच फ़िक्सिंग विवाद और सचिन तेंदुलकर की कप्तानी छोड़ने के बाद जहां सौरव गांगुली पर कप्तानी का ज़िम्मा आया था। तो 2007 विश्वकप में पहले ही दौर में भारत के बाहर होने के बाद टीम इंडिया एक बुरे दौर से गुज़र रही थी और तभी क्रिकेट के सबसे छोटे फ़ॉर्मेट यानी टी20 विश्वकप से उस वक़्त के सीमित ओवर कप्तान राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर ने ख़ुद को अलग कर लिया था। तब बीसीसीआई ने धोनी को कप्तान बनाकर सभी को चौंका दिया था और माही ने उससे ज़्यादा सभी को हैरान तब कर दिया जब भारत ने टी20 वर्ल्डकप अपने नाम कर लिया। महेंद्र सिंह धोनी और भारतीय क्रिकेट इतिहास के शानदार भविष्य की तो बस ये एक शुरुआत थी, इसके बाद तो धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट की बेस्ट भी बनी, 2011 में वनडे वर्ल्डकप भी जीता और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर भी कब्ज़ा जमाया। यही वजह है कि माही को क्रिकेट पंडित भारत के ही नहीं बल्कि दुनिया के बेहतरीन कप्तानों में शुमार करते हैं। आज विराट कोहली के कप्तान रहते हुए भी सीमित ओवर में धोनी एक कप्तान की ही तरह मैदान में नज़र आते हैं, और इस बात को ख़ुद कोहली भी स्वीकार करते हैं। दादा से लेकर माही के दौर में कई ऐसे खिलाड़ी भी टीम इंडिया में रहे जो अच्छे कप्तान हो सकते थे, लेकिन जब गांगुली और धोनी जैसे लाजवाब कप्तान हों तो फिर किसी को मौक़ा मिलना मुश्किल ही था। कुछ ऐसे क्रिकेटर्स भी इस दौर में हमने देखें हैं जिनका क्रिकेटिंग ब्रेन शानदार था और घरेलू या जूनियर स्तर पर अपनी कप्तानी से उन्होंने सभी को प्रभावित किया था, क्रिकेट पंडितों की नज़र में भी वह टीम इंडिया की कप्तानी के क़ाबिल थे। तो आइए देखते हैं कि कौन हैं वह 5 क्रिकेटर्स जो बन सकते थे टीम इंडिया के कप्तान। (इस फ़ेहरीस्त में हम उन क्रिकेटर्स का ज़िक्र कर रहे हैं जिन्होंने कभी टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी नहीं की है) #5 हरभजन सिंह BHAJJI पंजाब के फिरकी गेंदबाज़ जो अपने जाबांज़ हौसले और बेहतरीन ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ी के दम पर विपक्षियों के पसीने छुड़ा दिया करते थे। दिग्गज अनिल कुंबले के साथ मिलकर हरभजन सिंह ने भारत को कई यादगार जीत दिलाई है। ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 2001 की ऐतिहासिक सीरीज़ को अगर वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की पारियों के लिए याद किया जाता है तो उसी सीरीज़ में 32 विकेट और हैट्रिक लेने वाले हरभजन सिंह ने तो कंगारुओं के ज़ेहन में ऐसा ख़ौफ़ पैदा कर दिया था कि इस सरदार का नाम ही “टर्बनेटर’’ पड़ गया। टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लेने वाले भज्जी एक बेहतरीन कप्तान भी थे जिसकी झलक उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए दिखाई और फिर आईपीएल में भी कई बार उन्होंने अपनी कप्तानी और फ़ैसले से सभी को प्रभावित किया। लेकिन पहले दादा और फिर धोनी की मौजूदगी में उन्हें कभी टीम इंडिया की कप्तानी का मौक़ा नहीं मिल पाया।
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Published 25 Nov 2017, 14:00 IST
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