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5 भारतीय क्रिकेटर जिनके क्रिकेट स्तर में सुधार द्रविड़-कुंबले की लीडरशिप में हुआ

SENIOR ANALYST
Modified 21 Dec 2016
ऐसा कहा जाता है कि 2000 के शुरुआत में बल्लेबाज और स्पिनर मिलकर विकेट निकालते थे। अगर आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि टेस्ट मैचों में दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने अपने  रिकॉर्ड 210 कैचों में से 55 कैच अनिल कुंबले की लेग स्पिन पर लिए। उनसे आगे सिर्फ श्रीलंकाई बल्लेबाज माहेला जयवर्द्धने हैं जिन्होंने दुनिया के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर 77 कैच लिए थे। द्रविड़ और कुंबले की जोड़ी संन्यास लेने के बाद भी अपना जलवा दिखा रही है। द्रविड़ जहां भारतीय जूनियर टीम की कप्तानी कर रहे हैं, तो वहीं कुंबले भारत की नेशनल टीम के मुख्य कोच हैं। द्रविड़ की कोचिंग में भारत की अंडर-19 टीम टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची। वहीं कुंबले की कोचिंग में नेशनल क्रिकेट टीम हर प्रारुप में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के अनुभव का फायदा कई युवा खिलाड़ियों को मिला। द्रविड़-कुंबले की लीडरशिप में कई युवा खिलाड़ियों के स्तर में काफी सुधार हुआ। आइए नजर डालते हैं 5 ऐसे ही खिलाड़ियों पर।   5. हार्दिक पांड्या hardik-pandya-celebrates-after-taking-a-gettyimages-1482060034-800   भारतीय टीम को लंबे समय से सीम बॉलिंग ऑलराउंडर की तलाश थी। किसी भी टीम में सीम बॉलिंग ऑलराउंडर टीम के बल्लेबाजी क्रम को गहराई प्रदान करते हैं। इसके अलावा वो मुख्य तेज गेंदबाज की भूमिका भी निभा सकते हैं। भारत की ये तलाश खत्म हुई युवा ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के रुप में। पांड्या इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और अच्छी सीम गेंदबाजी की वजह से सुर्खियों में आए। मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए पांड्या ने अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और सबसे बड़ी चीज फील्डिंग की वजह से सबको प्रभावित किया। मुंबई इंडियंस के कोच अनिल कुंबले भी पांड्या से काफी प्रभावित हुए। यही वजह रही कि जब कुंबले नेशनल टीम के मुख्य कोच बने तो उन्होंने पांड्या को वनडे टीम में जगह देने में देर नहीं लगाई। टी-20 और वनडे मैचों में पांड्या जिस तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं उसको देखकर लगता है कि वो लंबा सफर तय करेंगे। इसकी सबसे ज्यादा श्रेय जाता है कुंबले और द्रविड़ की लीडरशिप को। पांड्या ने खुद कहा है कि जब भारत की A टीम के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया तो वो मानसिक रुप से काफी मजबूत हुए और इसका पूरा क्रेडिट जाता है टीम के कोच राहुल द्रविड़ को। पांड्या ने कहा कि द्रविड़ ने उन्हें मानसिक रुप से काफी मजबूत बनाया यही वजह है कि इस दौरे के बाद उनके खेल के स्तर में काफी सुधार हुआ और अब वो नेशनल टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वनडे और टी-20 में तो पांड्या अच्छा कर ही रहे हैं, अब देखना ये है कि टेस्ट टीम में उन्हें कब जगह मिलती है।
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Published 21 Dec 2016
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