5 भारतीय खिलाड़ी जो फ़िटनेस टेस्ट में रहे हैं फ़ेल

हाल के वर्षों में क्रिकेट का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके मुख्य कारणों में से एक है खिलाड़ियों का अपनी फिटनेस के प्रति जागरुक होना। हालाँकि क्रिकेट में कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने अच्छी फिटनेस ना होने के बावजूद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया इसलिए मैच से पहले किये जाने वाला फिटनेस टेस्ट बहस का विषय बन गया है। क्रिकेट खेलने वाली सभी टीमें अब खिलाड़ियों को निरंतर रोटेट करने के नियम पर काम करती हैं ताकि खिलाड़ियों को थकान ना हो और फिट खिलाड़ियों को ही अंतिम ग्यारह में जगह दी जा सके। टीम इंडिया की बात करें तो बीसीसीआई ने भारतीय क्रिकेटरों का किसी भी श्रृंखला से पहले अपनी फिटनेस साबित करने के लिए यो-यो टेस्ट से गुज़रना अनिवार्य बना दिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और इंग्लैंड दौरे से पहले सभी क्रिकेटरों को फिटनेस टेस्ट से गुज़रना पड़ा। इस लेख में हम बात करेंगे 5 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जो फिटनेस टेस्ट पास करने में नाकाम रहे हैं:

#1 मोहम्मद शमी

बैंगलोर के एनसीए में अपनी फिटनेस साबित करने में नाकाम रहने के बाद बंगाल के यह भारतीय तेज गेंदबाज अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट से बाहर हो गए हैं। आपको बता दें कि दिल्ली के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी को उनके प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान सैनी भारत की टेस्ट टीम का भी हिस्सा थे और काफी समय से उनके नाम पर चर्चा भी चल रही थी। इस आईपीएल सीज़न में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलते हुए शमी ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया है। उन्होंने 4 मैचों में 10 से ज्यादा की इकोनॉमी रेट से केवल तीन विकेट लिए थे। हालाँकि खराब फिटनेस के कारण काफी समय तक टीम इंडिया से बाहर रहे शमी ने रणजी ट्रॉफी 2017-18 में बंगाल की तरफ से खेलते हुए 8 मैचों में 34 विकेट लिए थे।

#2 संजू सैमसन

फिटनेस की वजह से शमी को टीम से बाहर किये जाने के चंद घंटो बाद केरल के युवा बल्लेबाज संजू सैमसन को भारत ए के इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया क्योंकि वह यो-यो फिटनेस टेस्ट में नाकाम रहे। 23 वर्षीय युवा बल्लेबाज़ यो-यो में 16.1 के निर्धारित अंक से काफी नीचे रह गए जिसकी वजह से उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। इससे पहले आईपीएल 2018 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए सैमसन ने बढ़िया प्रदर्शन किया था। उन्होंने 15 मैचों में कुल 441 रन बनाये थे, जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ 91 रनों की शानदार पारी भी शामिल है। ऐसे में अपने शानदार प्रदर्शन के बावजूद फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाने से वह निश्चित रूप से निराश होंगे।

#3 वॉशिंगटन सुंदर

आईपीएल 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के लिए अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तमिलनाडु के यह युवा ऑलराउंडर तब ख़बरों में आये जब वह अपने राज्य की ओर से घरेलू मैच के बाद 2017 में बैंगलोर के एनसीए में यो-यो टेस्ट में अपने फिटनेस साबित करने में नाकाम रहे थे, सुंदर ने त्रिपुरा के खिलाफ अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक जड़ा था जिसके बाद वे फिटनेस टेस्ट में पास नहीं हो पाए। इस वर्ष निदाहस ट्रॉफी में सुंदर ने सीमित ओवरों के प्रारूप में भारत की तरफ से बेहतरीन गेंदबाज़ी की थी और पहले छह ओवरों में बल्लेबाज़ों पर अंकुश लगाने और उनका विकेट लेने की जिम्मेवारी उन पर थी। आईपीएल 2018 में वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेले, जिन्होंने आईपीएल से पहले फिटनेस टेस्ट को अनिवार्य कर दिया था। लेकिन हम यह कह सकते हैं कि सुंदर के पास अभी काफी समय है और वह अपनी फिटनेस में सुधार कर टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं।

#4 सुरेश रैना

2017 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे श्रृंखला से पहले सुरेश रैना यो-यो टेस्ट में अपनी फिटनेस साबित करने में नाकाम रहे थे जिसके बाद उन्हें टीम से हटा दिया गया था। पिछले कुछ वर्षों से चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार खिलाड़ी ने भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले कड़ी मेहनत की और यो-यो टेस्ट में पास होकर टीम में जगह बनाई थी। रैना भारतीय टीम के दक्षिण अफ्रीका में टी 20 टीम का हिस्सा थे और दो साल बाद वापसी कर रही चेन्नई सुपर किंग्स को ख़िताब जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

#1 युवराज सिंह

2011 विश्व कप में 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' रहे युवराज सिंह ने अपने खेल जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। क्रिकेट में गेंद के सबसे ताकतवर स्ट्राइकर युवराज सिंह ने कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से जूझते हुए टीम इंडिया की विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि कैंसर से जंग जीतने के बाद वह अपनी फिटनेस कायम नहीं रख सके, श्रीलंका दौरे से पहले हुए यो-यो टेस्ट में वह अपनी खराब फिटनेस की वजह से फेल हो गए जिस वजह से उन्हें टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। हालाँकि भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले वह अपनी फिटनेस साबित करने में कामयाब हुए लेकिन फिर भी उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई। लेखक: निखिलक्रिकक्रेज़ीनिक्स अनुवादक: आशीष कुमार

Edited by Staff Editor