Create
Notifications

5 मौके जब भारतीय खिलाड़ियों ने दिया स्लेजिंग का मुंह तोड़ जवाब

CONTRIBUTOR
Modified 14 Dec 2016

क्रिकेट को जेंटलमैन गेम यानि भद्रजनों का खेल कहा जाता हैं। लेकिन यहां हर खिलाड़ी जैन्टल मैन की तरह व्यवहार करे ये जरूरी नहीं। साथ ही इस गेम से जुड़ा स्लेजिंग का शब्द इसके जैन्टल मैन गेम होने की बात के साथ थोड़ा फिट नहीं बैठता। फिर भी स्लेजिंग क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा हैं। क्रिकेट के मैदान पर स्लेजिंग आम बात हो गई हैं । क्रिकेट में इस स्लेजिंग या शब्दों के आक्रामक आदान-प्रदान की शुरुआत तो उसी समय हो गई थी, जब क्रिकेट के पितामह कहे जाने वाले इंग्लैंड के ग्रेस ने एक बार अम्पायर के जल्दी आऊट दिये जाने पर उससे कहा था, “दर्शक यहाँ मेरी बल्लेबाजी देखने आये हैं, तुम्हारी उँगली नहीं”, समझे….और दोबारा बल्लेबाजी करने लगे। लेकिन एक बार जब गेंद से उनकी गिल्ली उड़ गई, तो अम्पायर से बोले, “आज हवा काफ़ी तेज चल रही है, देखा गिल्लियाँ तक गिर गईं”, लेकिन अम्पायर भी कहाँ कम थे, वे बोले, “हाँ वाकई हवा तेज है, और पेवेलियन जाते वक्त आपको जल्दी जाने में मदद करेगी” तो कुल मिलाकर कह सकते है कि स्लेजिंग ने कई बार  दाँव उलटा भी पड़ जाता है। समय समय पर स्लेजिंग को लेकर बहस होती रही हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए मापदंड निर्धारित करने को लेकर चर्चा चलती रहती हैं। कई जाने माने खिलाड़ी इसका विरोध कर चुके हैं तो कई इसी खेल का अहम हिस्सा बता चुके है। साउथ अफ्रीका के कप्तान ए बी डिवीलियर्स तो कह चुके हैं कि ये खेल का अहम हिस्सा हैं बस खिलाड़ियों को स्लेजिंग में अपनी सीमा नहीं लांगनी चाहिए। कई विश्व स्तरीय मैचों में कई बार हम ऐसे दृश्य देख चुके हैं जब एक टीम के खिलाड़ी स्लेजिंग करके विरोधी टीम पर दबाव बनाने की कोशिश करते नजर आये है। हाल ही में मुम्बई में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में अश्विन औऱ एंडरसन के बीच हुई गर्मागरम बहस ने कुछ ऐसे ही लम्हों की यादों को ताज़ा कर दिया जब विरोधी टीम ने स्लेजिंग के जरिए टीम इंडिया को परेशान करने की कोशिश की औऱ टीम इंडिया ने इस स्लेजिंग का जवाब मुंह से नहीं अपने खेल से दिया। ऐसै ही 5 मौके जब टीम इंडिया ने दिया स्लेजिंग का करारा जवाब #1 श्रीसंथ बनाम आंद्रे नील

टीम इंडिया का साल 2001 का साउथ अफ्रीका का दौर ज्यादातर क्रिकेट प्रेमियों को याद होगा। न सिर्फ एक रोमांचक दौरे के तौर पर बल्कि सबसे कठिन दौरों में एक के तौर पर भी। ये पहला टेस्ट मैच था। टीम इंडिया अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहली इनिंग में 165 रनों की बढ़त ले चुकी थी और इसके बाद श्रीसंथ के 5 विकेट की मदद से साउथ अफ्रीका की पारी सिर्फ 84 रन के स्कोर पर समेट दी ।खैर असल मायने में रोमांचक तो इसके बाद शुरू हुई दूसरी पारी रही जिसने सबका ध्यान खींच लिया। श्रीसंथ जब बैटिंग करने उतरे तो टीम 9 विकेट के नुकसान पर 219 रन के साथ मशक्कत कर रही थी। मैदान पर आते ही आंर्दे  के साथ उलझ गए जो उस वक्त बॉलिंग कर रहे थे। नील टीम इंडिया को समेटने के लिए और जल्द से विकेट गिराने के लिए ध्यान भटकाने के लिए स्लेजिंग कर रहे थे। लेकिन थोड़ी ही देर बाद श्रीसंथ ने इसका करारा जवाब देते हुए अगली ही बॉल पर छक्का जड़ दिया जिसमें बॉल नील के सर के उपर से होती गुज़री औऱ टीम ने ये मैच 123 रन से अपने नाम कर लिया।
1 / 5 NEXT
Published 14 Dec 2016
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now