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5 मौके जब भारतीय खिलाड़ियों ने दिया स्लेजिंग का मुंह तोड़ जवाब

चित्रा सिंह
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क्रिकेट को जेंटलमैन गेम यानि भद्रजनों का खेल कहा जाता हैं। लेकिन यहां हर खिलाड़ी जैन्टल मैन की तरह व्यवहार करे ये जरूरी नहीं। साथ ही इस गेम से जुड़ा स्लेजिंग का शब्द इसके जैन्टल मैन गेम होने की बात के साथ थोड़ा फिट नहीं बैठता। फिर भी स्लेजिंग क्रिकेट का अभिन्न हिस्सा हैं। क्रिकेट के मैदान पर स्लेजिंग आम बात हो गई हैं । क्रिकेट में इस स्लेजिंग या शब्दों के आक्रामक आदान-प्रदान की शुरुआत तो उसी समय हो गई थी, जब क्रिकेट के पितामह कहे जाने वाले इंग्लैंड के ग्रेस ने एक बार अम्पायर के जल्दी आऊट दिये जाने पर उससे कहा था, “दर्शक यहाँ मेरी बल्लेबाजी देखने आये हैं, तुम्हारी उँगली नहीं”, समझे….और दोबारा बल्लेबाजी करने लगे। लेकिन एक बार जब गेंद से उनकी गिल्ली उड़ गई, तो अम्पायर से बोले, “आज हवा काफ़ी तेज चल रही है, देखा गिल्लियाँ तक गिर गईं”, लेकिन अम्पायर भी कहाँ कम थे, वे बोले, “हाँ वाकई हवा तेज है, और पेवेलियन जाते वक्त आपको जल्दी जाने में मदद करेगी” तो कुल मिलाकर कह सकते है कि स्लेजिंग ने कई बार दाँव उलटा भी पड़ जाता है। समय समय पर स्लेजिंग को लेकर बहस होती रही हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए मापदंड निर्धारित करने को लेकर चर्चा चलती रहती हैं। कई जाने माने खिलाड़ी इसका विरोध कर चुके हैं तो कई इसी खेल का अहम हिस्सा बता चुके है। साउथ अफ्रीका के कप्तान ए बी डिवीलियर्स तो कह चुके हैं कि ये खेल का अहम हिस्सा हैं बस खिलाड़ियों को स्लेजिंग में अपनी सीमा नहीं लांगनी चाहिए। कई विश्व स्तरीय मैचों में कई बार हम ऐसे दृश्य देख चुके हैं जब एक टीम के खिलाड़ी स्लेजिंग करके विरोधी टीम पर दबाव बनाने की कोशिश करते नजर आये है। हाल ही में मुम्बई में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में अश्विन औऱ एंडरसन के बीच हुई गर्मागरम बहस ने कुछ ऐसे ही लम्हों की यादों को ताज़ा कर दिया जब विरोधी टीम ने स्लेजिंग के जरिए टीम इंडिया को परेशान करने की कोशिश की औऱ टीम इंडिया ने इस स्लेजिंग का जवाब मुंह से नहीं अपने खेल से दिया। ऐसै ही 5 मौके जब टीम इंडिया ने दिया स्लेजिंग का करारा जवाब #1 श्रीसंथ बनाम आंद्रे नील

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टीम इंडिया का साल 2001 का साउथ अफ्रीका का दौर ज्यादातर क्रिकेट प्रेमियों को याद होगा। न सिर्फ एक रोमांचक दौरे के तौर पर बल्कि सबसे कठिन दौरों में एक के तौर पर भी। ये पहला टेस्ट मैच था। टीम इंडिया अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहली इनिंग में 165 रनों की बढ़त ले चुकी थी और इसके बाद श्रीसंथ के 5 विकेट की मदद से साउथ अफ्रीका की पारी सिर्फ 84 रन के स्कोर पर समेट दी ।खैर असल मायने में रोमांचक तो इसके बाद शुरू हुई दूसरी पारी रही जिसने सबका ध्यान खींच लिया। श्रीसंथ जब बैटिंग करने उतरे तो टीम 9 विकेट के नुकसान पर 219 रन के साथ मशक्कत कर रही थी। मैदान पर आते ही आंर्दे के साथ उलझ गए जो उस वक्त बॉलिंग कर रहे थे। नील टीम इंडिया को समेटने के लिए और जल्द से विकेट गिराने के लिए ध्यान भटकाने के लिए स्लेजिंग कर रहे थे। लेकिन थोड़ी ही देर बाद श्रीसंथ ने इसका करारा जवाब देते हुए अगली ही बॉल पर छक्का जड़ दिया जिसमें बॉल नील के सर के उपर से होती गुज़री औऱ टीम ने ये मैच 123 रन से अपने नाम कर लिया। #2 युवराज सिंह बनाम एंड्रू फ़्लिंटॉफ़

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2007 में साउथ अफ्रीका में हुए टी 20 विश्व कप को जीतने में टीम इंडिया का जो अग्रेशन था वो हर किसी को याद होगा। भारतीय क्रिकेट टीम के धुआंधार बल्लेबाज युवराज सिंह के 6 छक्कों को शायद ही कोई भारतीय खेल प्रेमी कभी भूल सके ।जब भी बात युवराज की होती हैं तो सबसे पहले जहन में युवराज का ये शानदार प्रर्दशन ही आता हैं। लेकिन दिलचस्प बात तो ये है कि ये धुआंधार 6 छ्क्के भी स्लेजिंग का ही नतीजा थे। दरअसल युवराज सिंह ने फ्लिंटॉफ के 17वें ओवर में दो चौके लगाए थे इसलिए वो युवी से उलझ गए थे। फ्लिंटॉफ ने उनके शॉट्स को बेहूदा बताया था। इस पर युवराज को गुस्सा आ गया और उन्होंने भी फ्लिंटॉफ को बेहूदा कह दिया। यह सुनकर एंड्रयू ने युवी का गला काटने की बात कही। इसके बाद युवी ने कहा कि यह जो बेट मेरे हाथ में है, इसे देख रहे हो, तुम जानते हो मैं तुम्हें इसी बल्ले से मारूंगा। और इसके बाद युवराज ने ओवर की हर बॉल पर छक्का जड़ कर इस स्लेजिंग का अच्छे से हिसाब चुकता किया और दुनिया में ऐसा कर पाने वाले 4 बल्लेबाजों में से एक बन कर इतिहास रच दिया। #3 वेंकटेश प्रसाद बनाम आमिर सोहेल venkatesh-prasad-vs-aamir-sohail-india-pakistan-1996 ये बात 1996 के विश्व कप की बात है मैच था भारत पाकिस्तान के बीच।विश्वकप में भारत ने पाकिस्तान को हमेशा हराया हैं। भारत में हुए विश्वकप के दौरान भारत के पहली पारी के 287 रन के स्कोर का पीछा करते हुए आमिर सोहेल और सईद अनवर ने 15 ओवर में 110 रन बना लिये थे। दोनों बल्लेबाज़ जहाँ चाहे वहाँ रन ठोक रहे थे। ऐसे में एक ओवर के दौरान वेंकटेश प्रसाद की गेंद पर आमिर सोहेल ने एक जोरदार चौका जड़ा, और प्रसाद को इशारा कर बताया कि तेरी अगली गेंद भी मैं वहीं पहुँचाऊँगा। वेंकटेश प्रसाद आमतौर पर शांत रहने वाले खिलाड़ी हैं। वे चुपचाप अगली गेंद डालने वापस गये, और प्रसाद की अगली गेंद पर सोहेल बहादुरी दिखाने के चक्कर में बोल्ड हो गये। उस मैच में भी इतनी बेहतरीन शुरुआत के बावजूद पाकिस्तान भारत से 39 रन से हार गया था। #4 सौरव गांगुली बनाम स्टुअर्ट ब्रॉड

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2007 में भारत का इंगलैड में 7 एकदिवसीय मैचों के लिए किया गया दौरा क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास रहा जिसमें कई मायनों में बेहतरीन खेल देखने को मिला लेकिन खास तौर पर वो छठा एकदिवसीय है जो किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए यादगार है। इंग्लैण्ड ने पहले बैटिंग करते हुए 316 रन बनाये। इंडिया को 317 के विकट स्कोर का पीछा करना था, सचिन और गांगुली की ऐतिहासिक ओपनिंग जोड़ी तेजी से रन बना रही थी। लग रहा था कि जल्द ही मैच जीत जाएंगे स्टुअर्ट ब्रॉड पारी का नौवां ओवर फेंक रहे थे। आखिरी गेंद पर सौरव गांगुली ने आगे बढ़ कर खेलना चाहा लेकिन वो ऐसा कर नहीं पाए। एक भी रन नहीं मिला स्टुअर्ट ब्रॉड चलते हुए गांगुली की तरफ आये और कुछ भला-बुरा कहा। इतना काफी था गांगुली को भड़काने के लिए। जब स्टुअर्ट ब्रॉड अपना अगला ओवर फेंकने आये तो ओवर की दूसरी गेंद पर दादा क्रीज़ पर आये और ऐसा शॉट मारा कि गेंद स्टुअर्ट ब्रॉड के सर के ऊपर से उड़ती हुई बाउंड्री पार गिरी। भारत ने ये मैच 2 गेंद रहते 2 विकेट से जीत लिया था। #5 शोएब अख्तर बनाम हरभजन सिंह harbhajan_shoaib-akhtar-m भारत-पाकिस्तान के मैच में स्लेजिंग बहुत ही आम बात हैं। कोई कुछ भी कह ले और कितनी ही खेल भावना की बाते कर ली जाए लेकिन भारत पाकिस्तान के बीच का मैच किसी जंग से कम नहीं होता। यूं तो भारत पाकिस्तान के बीच स्लेजिंग कई बार हुई लेकिन फिलहाल हम बात कर रहे हैं 2010 में एशिया कप के दौरान हरभजन सिंह औऱ शोएब अख्तर के बीच हुए स्लेजिंग मूमेंट की। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 267 रन का स्कोर भारतीय टींम के लिए खड़ा कर दिया था। पाकिस्तान की गेंदबाजी औऱ भारत के बैटिंग लाइन अप को देखते हुए मैच काफी रोमांचक था। मैच में रोमांच अपने चरम पर था आखिरी ओवर में जीत के लिए 7 रनों की जरूरत थी औऱ 3 विकेट रहते गंभीर औऱ हरभजन क्रीज पर डटे हुए थे। शोएब अख्तर जो कि अक्सर अपना आपा खोने के लिए जाने जाते हैं इस मैच में भी ऐसा ही करते दिखे दूसरा आखिरी ओवर डालने के बाद शोएब अपना आपा खो बैठे औऱ हरभजन पर टिप्पणी करने लगे। लेकिन हरभजन ने भी इस स्लेजिंग का जवाब शानदार मोहम्मद आमिर की गेंद पर जोरदार छक्के से दिया। आखिरकार टीम इंडिया ने ये मैच भी जीतकर अपने खाते में डाल लिया।

Edited by Staff Editor
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