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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में भारत की 5 यादगार जीत

  • किसी जंग से कम नहीं होती भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज
Modified 20 Dec 2019, 18:10 IST

इस टेस्ट सीजन में सबसे बड़ी चुनौती भारत का इंतजार कर रही है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज 23 फरवरी से पुणे में शुरू होगी। स्टीवन स्मिथ एंड कंपनी के लिए ये सीरीज आसान नहीं होने वाली क्योंकि टीम इंडिया विजयरथ पर सवार है और वो कोहली की कप्तानी में लगातार 6 टेस्ट सीरीज जीत चुकी है। ऐसे में भारत में जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया को एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। अगर 2017 बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी जीतने में ऑस्ट्रेलियाई टीम कामयाब रहती है, तो हाल के दिनों में ये कंगारू टीम की सबसे बड़ी उपल्बधि होगी क्योंकि उप-महाद्वीप में पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट में नंबर है। पिछले 19 टेस्ट मैचों से भारत को कोई भी टीम हरा नहीं पाई है। आखिरी बार माइकल क्लार्क की कप्तानी में मेहमान टीम को भारत ने 4-0 से क्लीन स्वीप किया था। पिछले 48 साल से ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है। कोहली और स्मिथ के बीच होने वाले इस घमासान से पहले आइए नजर डालते हैं, टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को मिली 5 यादगार जीत पर :


#1)  मेलबर्न 1981

melbourne


भारतीय टीम 1981 में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई गई। जहां सुनील गावस्कर की कप्तानी में उसे सिडनी में हुए पहले ही टेस्ट में हार का सामना करना पडा। जबकि दूसरा टेस्ट मैच भी टीम इंडिया हारते हारते बची, दूसरा मैच ड्रॉ रहा। उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम में दिग्गज ग्रैग चैपल, रोडनी मार्श, किम ह्यूज, डग वॉलर और डैनिस लिली जैसे महान खिलाड़ी हुआ करते थे। जबकि भारत के पास कपिल देव, गुंडप्पा विश्वनाथ और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज थे। तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए गुंडप्पा विश्वनाथ के 114 रनों की पारी की मदद से 237 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 419 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 182 रन की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में जब भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो दौरान कई विवाद भी हुए। भारत ने दूसरी पारी में सीरीज में पहली बार एक अच्छी शुरुआत की। चेतन चौहान और सुनील गावस्कर जम कर खेल रहे थे, लेकिन तभी डैनिस लिली की अंदर आती गेंद गावस्कर के पैड पर लगी और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की ज़बरदस्त अपील पर अंपायर वाइटहेड ने उन्हें एलबीडब्लू आउट दे दिया। गावस्कर को यह फ़ैसला इतना नागवार गुज़रा कि वह पवेलियन लौटते समय दूसरे छोर पर खड़े चेतन चौहान को भी अपने साथ ले जाने लगे। चौहान बाउंड्री लाइन तक उनके साथ गए। लेकिन तभी भारतीय टीम के मैनेजर ग्रुप कैप्टेन शाहिद अली ख़ाँ दुर्रानी ने बिल्कुल बाउंड्री लाइन पर आ कर चेतन चौहान को वापस खेलने भेजा। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 324 रन बनाए, लेकिन फिर भी यह कोई ऐसा स्कोर नहीं था जिससे जीत की कोई उम्मीद बंधती हो। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को सिर्फ 83 रनों पर समेट दिया और भारत ने 59 रनों से टेस्ट जीत कर सीरीज़ 1-1 से बराबर कर ली।
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Published 18 Feb 2017, 21:17 IST
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