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क्रिकेट इतिहास के 5 विवादित बल्ले

SENIOR ANALYST
Modified 26 Dec 2016
ऑस्ट्रेलिया में चल रहे बिग बैश लीग में वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल ने एक मैच में अपने बल्ले से सबको हैरान कर दिया। दरअसल उस मैच में रसेल एक अलग तरह के बल्ले के साथ बल्लेबाजी करने उतरे। उस बल्ले का रंग काला था। इसके बाद सोशल मीडिया पर रसेल के बल्ले को लेकर काफी तरह के कमेंट्स आने लगे। सबका यही कहना था कि क्या इस तरह के बल्ले का उपयोग करना जायज है? हालांकि आपको बता दें कि क्रिकेट इतिहास में ये पहला मौका नहीं है जब किसी खिलाड़ी के बल्ले को लेकर इतना विवाद हुआ हो। पहले भी कई बार इसको लेकर काफी विवाद हो चुका है। अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जिन्होंने पहले इस बल्ले के उपयोग के लिए रसेल को इजाजत दे दी थी, उन्होंने इस पर बैन लगा दिया है। इस पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि ' इस बल्ले से गेंद के कलर के ऊपर प्रभाव पड़ता है'। इस पूरे मामले पर मैच ऑफिशियल ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को दी गई अपनी रिपोर्ट मे कहा कि 'रसेल ने जिस काले बल्ले का उपयोग किया है उससे गेंद पर काले धब्बे पड़ गए'। ' जिसकी वजह से हमने रसेल को काले बल्ले से खेलने के लिए दी गई मंजूरी को वापस ले लिया है' इस फैसले के बाद रसेल को दोबारा से सामान्य बैट का प्रयोग करना पड़ा। किसी बल्ले को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। क्रिकेट इतिहास में बल्ले और विवादों का गहरा नाता रहा है। आइए आपको इतिहास में लिए चलते हैं और बताते हैं कुछ ऐसे ही बैट विवाद के बारे में।   5. 1771 का विशालकाय बल्ला bat1   क्रिकेट के इतिहास में ये पहला मौका था जब क्रिकेट बैट को लेकर इतना बड़ा विवाद हुआ। ये 1771 की बात है, जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच शुरु नहीं हुए थे। ये विवाद इतना बढ़ गया था कि इसके बाद क्रिकेट के नियमों में बदलाव करके बल्ले की चौड़ाई की सीमा तय कर दी गई थी। ये विवाद 25 सितंबर  1771 को चेर्ट्सी और हैंब्लेटन के बीच खेले गए मैच के दौरान हुआ था। उस मैच में थामस व्हॉइट एक ऐसे बल्ले के साथ बल्लेबाजी करने के लिए उतरे जिसकी चौड़ाई बहुत ज्यादा थी। वो बल्ला इतना चौड़ा था कि सिर्फ बल्ले से पूरा स्टंप कवर हो जाता था। अगर उस मैच में व्हॉइट सिर्फ हर गेंद को रोकने की कोशिश करते तो कोई भी गेंदबाज उनको आउट नहीं कर पाता। हैंब्लेटन के खिलाड़ियों के पास इस बल्ले के विरोध के अलावा और कोई चारा नहीं था। टीम के तेज गेंदबाज थॉमस ब्रेट की अगुवाई में उन्होंने इसका जमकर विरोध किया। इसके बाद हैंब्लेटन के कप्तान और ऑल राउंडर रिचर्ड नाइरन और मुख्य तेज गेंदबाज और बल्लेबाज जॉन ने एक छोटा सा पेटीशन साइन किया। इसके तहत क्रिकेट के नियमों में थोड़ा बदलाव किया गया और बल्ले की चौड़ाई कम कर दी गई। हालांकि उस मैच में चेर्ट्सी की टीम हैंब्लेटन के 218 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 1 रन से मैच हार गई।
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Published 26 Dec 2016
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