टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत की 5 सबसे शर्मनाक हार

खेल में भी, जीवन की तरह उतार-चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन, दोनों ही क्षेत्रों में गिरकर फिर उठना महत्वपूर्ण होता है। हालांकि भारत ने टी 20 विश्व कप का पहला संस्करण जीता है, लेकिन खेल के सबसे छोटे प्रारूप में भारत का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। भले ही भारतीय टीम ने कभी भी लगातार दो से अधिक टी-20 सीरीज़ नहीं हारी हैं लेकिन कुछ मैचों में टीम को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है जिसे खिलाड़ी अपनी यादों से भुलाना चाहेंगे। हार की यादें खिलाड़ियों के मन में एक अमिट शाप छोड़ देती हैं। तो आइए 5 ऐसे टी-20 मैचों पर एक नज़र डालें जिसमें भारतीय टीम को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा:

भारत बनाम श्रीलंका, पहला टी-20 , पुणे, 9 फरवरी 2016

2016 में टी 20 विश्व कप के बाद टी-20 श्रृंखला के लिए श्रीलंका ने भारत का दौरा किया था। लेकिन इस श्रृंखला के पहले ही मैच में टीम इंडिया की बेहद खराब शुरुआत रही। पुणे में खेले गए इस पहले मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करना का आमंत्रण दिया। पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच हरी-भरी थी जो गेंदबाज़ों को मैच की शुरुआत में मदद दे सकती थी। एक अनुभवहीन गेंदबाजी लाइन-अप होने के बावजूद, श्रीलंका ने उस मैच में भारत को 101 रनों पर ढेर कर दिया, जो कि भारत का टी -20 में दूसरा सबसे कम स्कोर था। अपना पहला अंतराष्ट्रीय मैच खेल रहे श्रीलंका के कसुन रजीता ने नई गेंद के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए पॉवरप्ले के अंदर ही भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाज़ों को पवेलियन वापिस भेज दिया। शुरूआती झटकों के बाद टीम इंडिया मैच में कभी भी वापसी नहीं कर सकी और शीर्ष क्रम के बाद मध्य-क्रम के लचर प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया एक समय पर 11 ओवरों में 58/7 पर पहुंच गई थी। रविचंद्रन अश्विन के नाबाद 31 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने 100 रनों का आंकड़ा पार किया। बाद में बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने 5 विकेटों के नुक्सान पर दो ओवर शेष रहते ही यह मैच जीत लिया। संक्षिप्त स्कोर: भारत: (18.5 ओवर)- 101/10 (रविचंद्रन अश्विन 31 *, दशून शानका 3/16); श्रीलंका: (18 ओवर)- 105/5 (दिनेश चंदिमल 35, रविचंद्रन अश्विन 2/13)

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, दूसरा टी-20, गुवाहाटी, 10 अक्टूबर 2017

गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला गए पहले अंतरराष्ट्रीय मैच का अनुभव टीम इंडिया के लिए अच्छा नहीं रहा। गुवाहाटी में ऑस्ट्रेलिया द्वारा पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किये जाने के बाद टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय पर यो ऐसा लग रहा था जैसे टीम 100 रन भी नहीं बना पायेगी लेकिन पुछल्ले बल्लेबाज़ों के कुछ उपयोगी योगदान की वजह से भारत ने 100 का आंकड़ा पार करने में सफलता हासिल की। ऑस्ट्रेलिआई तेज़ गेंदबाज़ जेसन बेहरेंडॉर्फ ने नई गेंद के साथ बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए पावरप्ले के अंदर ही भारत के शीर्ष 4 बल्लेबाज़ों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। एक समय पर भारत का स्कोर 4 विकेटों के नुक्सान पर 27 रन था लेकिन जैसे तैसे टीम इंडिया 118 रन बनाने में कामयाब रही। 119 के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलियाई ऑल-राउंड मोइसेस हेनरिक्स और ट्रैविस हेड ने आसानी से प्राप्त कर लिया और ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच आठ विकेट और 27 गेंदें शेष रहते ही जीत लिया। संक्षिप्त स्कोर: 20 ओवरों में भारत 118 रन (केदार जाधव 27, जेसन बेहरेंडोरफ 4/21) 15.3 ओवर में ऑस्ट्रेलिया 122/2 (मोइसेस हेनरिक्स 62 *, ट्रेविस हेड 48 *)

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, दूसरा टी-20, कटक, 5 अक्टूबर 2015

श्रृंखला में पहले से ही 1-0 से पिछड़ रही टीम इंडिया को इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी का आमंत्रण दिया। कटक में खेले गए इस मैच में भारत के पास श्रृंखला में दूसरा टेस्ट जीत कर बराबरी करने का अच्छा मौका था लेकिन। दुर्भाग्यवश, टीम इंडिया को अफ़्रीकी टीम ने 100 रनों के अंदर ही समेट दिया। इस मैच में, हालांकि शीर्ष क्रम ने अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन मध्य-क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और इसके साथ ही भारत की पूरी टीम 17.2 ओवरों में सिर्फ 92 रन बनाकर आल-आउट हो गई। वहीं, बाद में बल्लेबाज़ी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 93 रनों का पीछा करते हुए, 17 गेंदें और छह विकेट शेष रहते मैच जीत लिया और टीम इंडिया की एक और शर्मनाक हार हुई। संक्षिप्त स्कोर: 17.2 ओवरों में भारत 92 रन (सुरेश रैना 22, एल्बी मॉर्केल 3/12) 17.1 ओवर में दक्षिण अफ्रीका 96/4 (जेपी डुमिनी 30 *)

भारत बनाम न्यूज़ीलैंड, टी 20 विश्व कप; ग्रुप मैच, नागपुर, 15 मार्च 2016

नागपुर में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय किया। भारतीय गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम को सिर्फ 126 रनों पर ही रोक दिया। हालांकि लक्ष्य बड़ा नहीं था, लेकिन भारतीय टीम जानती थी कि पिच से गेंदबाज़ों को मदद मिल रही है। मेज़बान टीम के गेंदबाज़ों खासकर स्पिन गेंदबाज़ों ने जहां रनों पर अंकुश लगाया, वहीं नियमित अंतराल पर विकेट भी निकाले। भारतीय बल्लेबाज़ों ने गलत शॉट खेलकर विकेट गंवाए और केवल तीन बल्लेबाजों ने 5 से ऊपर रन बनाए। नतीजतन आखिरकार, भारतीय टीम को अपने दूसरे सबसे कम स्कोर पर आउट होना पड़ा। जीत के लिए मिले 127 रनों का पीछा करते हुए, मेजबान 47 रनों से मैच हार गए। संक्षिप्त स्कोर: 20 ओवरों में न्यूजीलैंड 126/7 (कोरी एंडरसन 34, जसप्रीत बुमराह 1/15); 18.1 ओवरों में भारत 79/10 (एमएस धोनी 30, मिशेल सैंटनर 4/11)

ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत (टी 20), मेलबर्न, 1 फरवरी 2008

टी -20 विश्व कप के पहले संस्करण में खिताबी जीत दर्ज करने वाली टीम इंडिया ने इसके बाद टी-20 सीरीज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया यह मैच ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज़ एडम गिलक्रिस्ट का अंतिम मैच था, इसलिए उनकी टीम इसे जीतकर उनको सम्मानित करना चाहती थी। लेकिन भारतीय टीम के शर्मनाक प्रदर्शन ने मेज़बान टीम के लिए इसे और भी यादगार बना दिया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 9 विकेटों से शिकस्त दी थी। इसके अलावा यह पहला मौका था जब कंगारुओं ने टी-20 में भारतीय शेरों को धूल चटाई थी। टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिआई गेंदबाज़ों ने भारतीय टीम को सिर्फ 74 रनों पर आउट कर दिया, जो भारत के टी -20 क्रिकेट इतिहास का सबसे कम स्कोर है। भारतीय बल्लेबाज़ों ने बहुत ही शर्मनाक प्रदर्शन किया और इरफ़ान पठान को छोड़ कर कोई भी बल्लेबाज़ दहाई के आंकड़े तक भी पहुंच नहीं पाया। इरफान पठान ने 26 रन बनाये थे। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन ब्रैकेन सबसे सफल गेंदबाज़ रहे जिन्होंने 11 रन देकर तीन विकेट लिए थे। संक्षिप्त स्कोर: 17.3 ओवरों में भारत 74 रन (इरफान पठान 26, नाथन ब्रेकन 3/11); 11.2 ओवर में ऑस्ट्रेलिया 75/1 (माइकल क्लार्क 37 *) लेखक: श्रीहरि अनुवादक: आशीष कुमार

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