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5 मौके जब महेंद्र सिंह धोनी के क्रीज पर रहते भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा

महेंद्र सिंह धोनी के रहते भी टीम को पराजय का सामना करना पड़ाइ
महेंद्र सिंह धोनी के रहते भी टीम को पराजय का सामना करना पड़ाइ
निरंजन

इंसान के जीवन और उसके कार्यों में उतार चढ़ाव हमेशा आते रहते हैं। कभी ख़ुशी और कभी गम संसार का नियम है। कार्य के दौरान आप कभी फेल भी होते हो। भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी बेशक विश्व के महान फिनिशर माने जाते हैं लेकिन कई बार उनके साथ भी निराशा जुड़ी है और वे मैच खत्म करने में नाकाम रहे हैं। माही ने कई बड़े मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई है लेकिन ऐसे पल भी आए हैं जब टीम को बेहद करीबी हार भी मिली। महेंद्र सिंह धोनी ने कई बड़े मैचों में भारतीय टीम को जीत दिलाई है। सबसे अहम 2011 विश्वकप का फाइनल मुकाबला है जिसमें उन्होंने गौतम गंभीर के साथ मिलकर टीम को न केवल संकट से बाहर निकाला बल्कि अंत में छह रन से मैच समाप्त भी किया। टीम इंडिया को चैम्पियन बनाने में इनकी 91 रनों की नाबाद पारी जिम्मेदार मानी जा सकती है। आज हम ऐसे ही पांच मैचों की बात करेंगे जिनमें धोनी के रहते टीम को पराजय मिली। इन मैचों में माही टीम को जीत नहीं दिला पाए। मुकाबले में टीम इंडिया काफी नजदीक जाकर लक्ष्य से महज कुछ कदम पहले पराजित हुई और सभी मौकों पर महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर मौजूद थे।


वेस्टइंडीज vs भारत, पहला टी20, अगस्त 2016 (भारत की 1 रन से हार)

फ्लोरिडा में पहले खेलते हुए वेस्टइंडीज ने 245/6 का स्कोर बनाया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत बेहद करीब पहुंच गया था। केएल राहुल ने भारत के लिए नाबाद 110 रन बनाए। भारत को अंतिम एक बॉल में जीतने के लिए 2 रन चाहिए थे और धोनी स्ट्राइक पर थे लेकिन वे आउट हो गए। ब्रावो की गेंद पर शॉर्ट थर्डमैन पर धोनी ने सैमुएल्स को कैच थमा दिया। टीम एक रिकॉर्ड चेज करते हुए एक रन से हार गई। धोनी की काफी आलोचना हुई। माही ने 25 गेंद पर 43 रन बनाए।

जिम्बाब्वे vs भारत, पहला टी20, जून 2016 (भारतीय टीम 2 रन से हारी)

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हरारे में पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम ने 170 रन बनाए। भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 13वें ओवर में 90 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद धोनी क्रीज पर आए। अंतिम ओवर में 8 रन चाहिए थे। पहली गेंद पर धोनी ने सिंगल लेकर अक्षर पटेल को स्ट्राइक दी। दूसरी गेंद पर पटेल आउट हुए लेकिन धोनी दौड़कर स्ट्राइक छोर पर चले गए। तीसरी गेंद पर धोनी ने एक रन लेकर स्ट्राइक ऋषि धवन को दी। ऋषि से चौथी गेंद पर कोई रन नहीं बना। अगली गेंद पर सिंगल लेकर उन्होंने माही को अंतिम गेंद के लिए स्ट्राइक दी। एक गेंद में चार रन चाहिए थे और माही चौका नहीं लगा पाए। अंतिम गेंद पर सिंगल मिला और भारतीय टीम 2 रन से हार गई। इसके बाद माही की आलोचना भी की गई।

भारत vs दक्षिण अफ्रीका, पहला वन-डे, अक्टूबर 2015 (भारत की 5 रन से हार)

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दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत दौरे पर कानपुर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 303 रन बनाए। भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत का स्कोर एक समय 191/2 था। रोहित शर्मा ने 150 रनों की पारी खेली। 214/3 के स्कोर पर धोनी बल्लेबाजी के लिए आए। और 10 ओवर का खेल बाकी था। अंतिम ओवर में भारत को 11 रन जीत के लिए चाहिए थे। रबाडा ने यह ओवर डालते हुए माही को पांचवीं गेंद पर आउट कर वापस पवेलियन भेज दिया और टीम 5 रन से मैच हार गई। धोनी ने 30 गेंद में 31 रन बनाए और सिर्फ एक चौका लगाया। एक समय यह मुकाबला पूरी तरह से टीम इंडिया के हाथ में था और उम्मीद यही की जा रही थी कि माही क्रीज पर है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और भारत जीत दर्ज नहीं कर पाया।

इंग्लैंड vs भारत, एकमात्र टी20, सितम्बर 2014 (भारत की 3 रन से हार)

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बर्मिंघम में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 180 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने शानदार बल्लेबाजी की। अंतिम ओवर में 16 रन की जरूरत थी और माही ने पहली गेंद पर क्रिस वोक्स को छक्का मार दिया। अगली गेंद पर दो रन दौड़कर पूरे किये। 4 गेंद में 8 रन की जरूरत भारत को थी। तीसरी गेंद खाली गई तथा चौथी गेंद पर धोनी ने चौका जड़ा। अंतिम 2 गेंद में 5 रन चाहिए था लेकिन धोनी ने पांचवीं गेंद पर सिंगल नहीं लिया। अंत में मैच उन्होंने मुश्किल बना लिया और अंतिम गेंद पर एक रन के साथ मैच समाप्त हो गया। भारत 3 रन से हार गया और धोनी 18 गेंद में 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। शुरुआत में बेहद धीमी बल्लेबाजी की वजह से ऐसा हुआ और माही को आलोचकों ने निशाने पर भी लिया।

भारत vs न्यूजीलैंड, दूसरा टी20 सितम्बर 2012 (भारत की 1 रन से हार)

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चेन्नई में दूसरे टी20 के दौरान पहले खेलते हुए न्यूजीलैंड ने 5 विकेट पर 167 रन बनाए। भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए सही जा रही थी। कैंसर के बाद वापसी करने वाले युवराज सिंह ने 26 गेंद में 34 रन बनाए। धोनी 14वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए आए और बेहद धीमी पारी खेली। उन्होंने 23 गेंद पर 22 रन बनाए। अंतिम ओवर में टीम को 13 रन चाहिए थे। धोनी दूसरी गेंद पर चौका मारकर अगली गेंद पर सिंगल के साथ नॉन स्ट्राइक छोर पर चले गए। इसके बाद उन्हें स्ट्राइक नहीं मिली और टीम 1 रन से मैच हार गई। सबसे अहम बात यह थी कि क्रीज पर माही के आने के समय ओवर का खेल बचा हुआ था। शुरुआत में डॉट बॉल खेलकर उन्होंने अपने अलावा दूसरे छोर पर खड़े युवराज सिंह पर भी दबाव बढ़ा दिया और नतीजा हार के रूप में भुगतना पड़ा।

Edited by Naveen Sharma

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