क्रिकेटरों द्वारा लिखी गई 5 सर्वश्रेष्ठ आत्मकथाओं पर एक नज़र

एक क्रिकेट प्रशंसक के लिए क्रिकेट से अधिक, जिज्ञासा इस बात पर होती है कि उनके पसंदीदा खिलाड़ी कैसे अपना जीवन जीते हैं। प्रत्येक प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ी और उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहता है। एक क्रिकेटर की आत्मकथा प्रशंसकों के लिए इस लिए अच्छी होगी ताकि प्रत्येक प्रशंसक अपने पसंदीदा क्रिकेटर के साथ एक भावनात्मक संबंध स्थापित कर सकें। इसके अलावा उन्हें अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को नज़दीक से जानकर ख़ुशी होगी। मैथ्यू हेडन ने अपनी आत्मकथा में अपने संघर्ष की कहानी बताकर कई लोगों को प्रेरित किया है, तो वहीं केविन पीटरसन ने इंग्लिश ड्रेसिंग रूम के पीछे के कई रहस्यों को उजागर कर क्रिकेट की दुनिया में हलचल मचा दी। इन पुस्तकों ने कई लोगों के दृष्टिकोण बदल दिए हैं और प्रशंसकों को क्रिकेट के अलावा अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के निजी जीवन को जानने का एक मौका दिया है। हम जानने के लिए उत्सुक हैं कि सचिन तेंदुलकर कैसे महान सचिन तेंदुलकर बन गए। भारत में कई कारणों से क्रिकेट खिलाड़ियों को हीरो मान लिया जाता है और उनके बारे में और अधिक जानने की जिज्ञासा स्वाभाविक है। क्रिकेट प्रशंसकों को अपने पसंदीदा खिलाड़ी के बारे में सुनना अच्छा लगता है और उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत और फिर कड़ा संघर्ष कर इस मुकाम तक पहुंचना सचमुच उनके लिए प्रेरणादायक होता है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया के आगमन के बाद, ये प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के वीडियो, फोटो आदि को शेयर करना और टैग करना नहीं भूलते हैं। एम एस धोनी के अपनी बेटी जीवा के साथ वीडियो या विराट कोहली के सोशल मीडिया पर शेयर किये गए वीडियो, इन सबको प्रशंसकों की तरफ से खूब देखा गया और शेयर किया गया जो यह साबित करता है कि हम अपने क्रिकटरों के निजी जीवन के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं। कुछ खिलाड़ी अपने जीवन पर आत्मकथाएं लिखते हैं जबकि अन्य अपने क्रिकेट जीवन के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं और घोटालों के बारे में पाठकों को अवगत करवाते हैं। फिक्सिंग घोटाले में विवादास्पद 'मोंकीगेट' घटना हो या अज़हरुद्दीन का इसमें नाम आना। हम इन घटनाओं के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। तो आइये आज हम इस लेख में 5 सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों की आत्मकथाओं पर एक नज़र डालें:

सुनील गावस्कर द्वारा लिखी 'सनी डेज़'

महान बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में बहुत ख्याति अर्जित की है और निश्चित रूप से वह सम्मान के हकदार हैं। वेस्टइंडीज के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण के सामने उन्होंने बड़ी ही निडरता से बल्लेबाज़ी करते हुए 65.45 के शानदार औसत से रन बनाए हैं। सुनील गावस्कर आज भी सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में से एक हैं। वह हंसमुख और मजाकिया हैं और मैच के दौरान उनकी क्रिकेट कमेंट्री किसी संगीत की तरह कानों में रस घोलती प्रतीत होती है। मछुआरों के परिवार में पैदा होने वाले वाले गावस्कर की महान क्रिकेटर बनने की कहानी सभी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए प्रेरणास्रोत है।अपनी आत्मकथा 'सनी डेज़' में, उन्होंने पूरी सच्चाई से यह बात बताई है कि कैसे एक गरीब मछुआरे का बेटा अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत से दुनिया का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर बन गया जिसके नाम पर कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जो आज तक कोई बल्लेबाज़ नहीं तोड़ पाया है।

रिकी पॉन्टिंग द्वारा लिखी 'ऐट द क्लोज़ ऑफ़ प्ले'

दुनिया के महानतम कप्तानों में से एक रिकी पॉन्टिंग ऑस्ट्रेलिया के एक बेहतरीन बल्लेबाज़ के साथ-साथ सफलतम कप्तान भी रहे हैं। एक कप्तान के रूप में उनकी नेतृत्व क्षमता से हम सब भली भांति परिचित हैं। रिकी पॉन्टिंग ने अपनी आत्मकथा पूरी सच्चाई और ईमानदारी से लिखी है, जो पाठकों के लिए प्रेरणादायक है। एक ऑस्ट्रेलियाई लड़के के दुनिया के सफलतम कप्तान और महान क्रिकेटर बनने का सफर सचमुच में अनुकरणीय है। रिकी पॉन्टिंग ने अपने जीवन, उनके संघर्ष और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर के रूप में अपने करियर के दौरान हुई सभी घटनाओं का उल्लेख अपनी आत्मकथा में किया है। उन्होंने इसमें ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में होने वाले वार्तालापों के बारे में बात की है और बताया है कि वह क्यों मानते हैं कि स्लेजिंग हमेशा से ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रही है।

एबी डीविलियर्स द्वारा आत्मकथा

एबी डीविलियर्स एक ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने क्रिकेट की परिभाषा को बदल दिया है। अपनी कलात्मक बल्लेबाजी शैली और अपरंपरागत क्रिकेट शॉट्स से उन्होंने अपने आप को क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज़ों में शामिल किया हैं। एबी डीविलियर्स, अब क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन उनके क्रिकेट जीवन से जुड़ी बातें हम उनकी आत्मकथा से जान सकते हैं। उनकी आत्मकथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी टीम का नेतृत्व करने से लेकर क्रिकेट से जुड़ी हर घटना पर केंद्रित है। दक्षिण अफ्रीका के इस बल्लेबाज़ ने आईपीएल और भारत के बारे में भी विस्तार से लिखा है और अन्य क्रिकेटरों के साथ अपनी दोस्ती पर भी बात की है। उनकी आत्मकथा निश्चित रूप से हर क्रिकेट प्रशंसक के लिए एक प्रेरणादायक है।

एडम गिलक्रिस्ट की 'ट्रू कलर्स'

अपने समय के सबसे विनाशकारी सलामी बल्लेबाज और गेंद के ताक़तवर हिटर्स में से एक, एडम गिलक्रिस्ट दुनिया के महानतम बल्लेबाज़ों में से एक हैं। एडम गिलक्रिस्ट ने अपनी आत्मकथा 'ट्रू कलर्स' में पूरी सच्चाई और ईमानदारी के साथ अपने क्रिकेट जीवन की घटनाओं का वर्णन किया है। गिलक्रिस्ट ने 'मोंकीगेट' घटना को भी पूरी ईमानदारी से वर्णित किया है जिसकी वजह से उनकी आलोचना भी हुई थी। क्रिकेट इतिहास के सबसे महान विकेटकीपर बल्लेबाज़ होने तक का गिलक्रिस्ट का सफर अद्वितीय और प्रेरणादायक है। भले ही उनकी आत्मकथा में दुनिया के महान क्रिकेटरों के बारे में कई टिप्पणियां की गयी हैं जिन्होंने पाठकों को आश्चर्यचकित किया होगा लेकिन इसके बावजूद, गिलक्रिस्ट हमेशा सबके चहेते क्रिकेटर बने रहे।

सचिन तेंदुलकर की 'प्लेइंग इट माय वे'

लिटिल मास्टर, दुनिया के महानतम क्रिकेटर हैं और वह दुनिया भर के अनगिनत क्रिकेटरों के लिए वह प्रेरणास्त्रोत हैं, जो क्रिकेट को अपना करियर बनाना चाहते हैं। अपनी आत्मकथा 'प्लेइंग इट माय वे' में उन्होंने किशोवस्था में अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पर्दापण से लेकर महान क्रिकेटर बनने तक के सफर का वर्णन किया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी अंजलि के साथ उनकी प्रेम कहानी और बेटे अर्जुन के बारे में बेबाकी और पूरी ईमानदारी से बात की है। उनकी आत्मकथा हर क्रिकेट प्रशंसक के लिए एक अपने पसंदीदा खिलाड़ी को करीब से जानने का मौका देती है। सचिन ने इसमें क्रिकेट के प्रति उनका लगाव, अपने प्यार और इंग्लिश क्रिकेटर नासिर हुसैन की प्रशंसा आदि पर पूरी साफगोई से बात की है। लेखक: निखिल चौहान अनुवादक: आशीष कुमार

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