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5 खिलाड़ी जो वनडे में नियमित नहीं हैं लेकिन विश्व कप के लिए भारतीय टीम में दावेदारी पेश करते हैं

Himanshu Kothari

साल 2019 में विश्व कप के लिए दुनिया की बेस्ट क्रिकेट टीमें खिताब के लिए आमने सामने होंगी। हालांकि भारत को इस विश्व कप में जीत हासिल करने के लिए काफी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ेगा। भारतीय टीम के सामने एक मुख्य परेशानी नंबर 4 पर स्थायी खिलाड़ी का उपलब्ध न हो पाना भी है। भारतीय टीम को नंबर-4 पर एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो निचले क्रम में मजबूती प्रदान कर सके और टीम के लिए रन स्कोर करता रहे। भारत ने चौथे क्रम के लिए श्रेयास अय्यर, अजिंक्य रहाणे, दिनेश कार्तिक और मनीष पांडे को मैदान पर उतारा, लेकिन इसका टीम को किसी भी तरह का कोई फायदा नहीं मिला। अब विश्व कप को 14 महीने ही रह गए हैं और इस दौरान चयनकर्ताओं को फोकस भी उन नए खिलाड़ियों की तरफ करना चाहिए, जो भारत को कामयाबी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। आइए जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जो भारतीय क्रिकेट टीम के नियमित खिलाड़ी नहीं है लेकिन विश्व कप के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।

#5 विजय शंकर

विजय शंकर की गेंदबाजी विदेशी परिस्थितियों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। विजय शंकर का करियर चोटों से काफी ग्रस्त रहा है। साल 2015 में विजय को रणजी ट्रॉफी और भारत ए में शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में चुना गया था। हालांकि, वे चोटिल हो गए और लंबे समय से क्रिकेट से बाहर हो गए थे। लेकिन विजय निराश नहीं हुए और वापसी की। घरेलू मैचों में अच्छे प्रदर्शन करने के चलते विजय भारत ए टीम में नियमित रूप से बने हुए हैं। विजय ने अपने खेल में छोटे प्रारूपों के हिसाब से सुधार किया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के दिनों में उनकी स्ट्राइक रेट में वृद्धि हुई है। वह टीम इंडिया के लिए नंबर-4 पर एक आदर्श खिलाड़ी हो सकते हैं क्योंकि वह मध्य के ओवरों में रन बनाने में सफल रहते हैं। अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन के चलते विजय गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाने में माहिर हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए की अगला विश्व कप इंग्लैंड में खेला जाना है, उन परिस्थितियों में विजय भारत के लिए महत्वपूर्ण ऑलराउंडर के विकल्प के तौर पर सामने आ सकते हैं। वहीं हार्दिक पांड्या के लिए भी विजय अच्छा बैकअप बन सकता है।

#4 दीपक हुड्डा

दीपक हुड्डा को इस साल अपने घरेलू पक्ष बड़ौदा की अगुवाई करने की जिम्मेदारी दी गई थी। 22 वर्षीय खिलाड़ी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपना विशेषज्ञों के नजरीए में एक जुए के समान था, लेकिन हुड्डा ने चुनौती स्वीकार की और शानदार प्रदर्शन किया।हालांकि बड़ौदा इस सीजन में कोई खिताब नहीं जीत सकी, लेकिन हुड्डा ने युवा टीम का बेहतरीन नेतृत्व किया और बड़ौदा को अधिकतर टूर्नामेंटों के नॉक ऑउट चरण तक पहुंचने में मदद की। टीम के नेतृत्व के अलावा एक खिलाड़ी के रूप में भी हुड्डा ने शानदार खेल दिखाया। इस सीजन उन्होंने मैदान पर जमकर रन बटोरे और अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने पारी के आखिरी ओवरों में लंबे छक्के लगाने की अपनी क्षमता से भी सभी को अवगत कराया। इसके चलते वो टीम के लिए एक महत्वपूर्ण मैच फिनिशर के तौर पर खेल दिखा सकते हैं। वहीं दीपक ऑफ-स्पिन गेंदबाजी कर भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर के तौर पर प्रदर्शन कर सकते हैं।

#3 वाशिंगटन सुंदर

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वाशिंगटन सुंदर को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। उन्होंने सीमित मौकों में गेंद से अच्छा प्रदर्शन करके दिखाया। सुंदर ने सभी को अपने शांत खेल से प्रभावित किया और चयनकर्ता उन्हें भविष्य में भी भारतीय टीम में जगह दे सकते हैं। भारतीय टीम के पास चहल और कुलदीप के रूप में दो कलाई स्पिनर हैं और अक्सर पटेल के रूप में एक बाएं हाथ का स्पिनर हैं, लेकिन ऑफ-स्पिनरों के मामले में टीम के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। ऑफ स्पिनर के तौर पर सुंदर पूरी तरह से फिट बैठते हैं। अपनी गेंदबाजी के अलावा सुंदर ने कई मौकों पर बेहतरीन बल्लेबाजी करके भी दिखाई है। उन्होंने टी20 में तमिलनाडु के लिए सलामी बल्लेबाज के तौर पर कमान संभाली और अच्छा प्रदर्शन भी किया था। हालांकि आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अपनी बल्लेबाजी की प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिला है।

#2 ऋषभ पंत

ऋषभ पंत ने घरेलू क्रिकेट में कई विस्फोटक पारियां खेली है। ऋषभ पंत ने पिछले आईपीएल सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन कर वाह-वाही बटोरी थी। इसके चलते चयनकर्ताओं ने ऋषभ पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में चुना। दुर्भाग्यवश ऋषभ पंत आईपीएल में मिली सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराने में नाकाम रहे और केवल दो मैच खेलने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। हालांकि पंत रुके नहीं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार खेल दिखाया। अपने खेल के चलते ऋषभ पंत दिल्ली के लिए नियमित खिलाड़ी हो गए और रणजी ट्रॉफी में टीम का नेतृत्व करने का मौका भी पंत को मिला। लेकिन चयनकर्ताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विश्व कप के लिए एमएस धोनी विकेटकीपर के तौर पर पहली पसंद होगी। लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम बैकअप विकल्प भी रखना चाहेगी।

#1 जयदेव उनादकट

घरेलू टूर्नामेंट में जानदार प्रदर्शन के कारण जयदेव उनादकट को भारतीय टी20 टीम में चुना गया था। भारत के लिए खेलते हुए जयदेव उनादकट ने सभी को अपनी गेंदबाजी क्षमता से प्रभावित किया। जिससे उन्हें टी20 टीम में अपनी जगह बनाने में भी मदद मिली। हालांकि, उनादकट साल 2013 के बाद से भारत के लिए एक भी एकदिवसीय मैच नहीं खेल पाए हैं। अब जयदेव उनादकट जरूर विश्व कप के लिए अपनी दावेदारी पेश करना चाहेंगे। दरअसल भारतीय टीम के पास एक भी बाएं हाथ का तेज गेंदबाज नहीं है, वहीं गति के मामले में भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी टीम में जगह बनाए हुए हैं। लेखक: क्रिक विज़ अनुवादक: हिमांशु कोठारी

Edited by Staff Editor

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