इन 5 खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम में नहीं मिली जगह

चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय टीम का अगला दौरा वेस्टइंडीज का होगा। जिसके लिए चयनकर्ताओं ने टीम भी घोषित कर दी है। मौजूदा समय में खेल रही भारतीय टीम में से रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह को छोड़कर बाकी टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारत इस दौरे को हल्के में न लेते हुए टीम में अहम खिलाड़ियों को बनाये रखा है, लेकिन इस दौरे पर इन 5 खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए था: जयंत यादव हरियाणा के इस ऑफ स्पिनर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरिज में जयंत का प्रदर्शन शानदार रहा था। वहीं अश्विन और जडेजा की वजह से चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें मौका नहीं मिला। लेकिन श्रीलंका के साथ होने वाले दौरे से पहले इन दोनों में से किसी को आराम देकर टीम में जयंत को शामिल किया जा सकता था। ऐसा भी नहीं है कि यादव ने खुद को साबित नहीं किया है, वह एक बेहतर स्पिनर होने के साथ-साथ अच्छी खासी बल्लेबाज़ी भी कर लेते हैं। अम्बाती रायडू दायें हाथ के बल्लेबाज़ अम्बाती रायडू लम्बे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि टीम में उनकी वापसी होगी। रायडू को जब भी मौका मिला है, उन्होंने अपने खेल से प्रभावित किया है। वह चाहे श्रीलंका और ज़िंबाबवे के खिलाफ छोटे ही मौके क्यों न रहे हों। सुरेश रैना की तरह ही रायडू की वापसी के मौके बेहद कम ही हैं, दोयम दर्जे की टीम में उन्हें मौके मिल सकते हैं। युजवेन्द्र चहल लेग स्पिनर चहल भारतीय टी-20 टीम में खेल चुके हैं, जहाँ उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया है। चहल भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ अपने आखिरी सीरिज में प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट रहे थे। ऐसे में उन्हें वेस्टइंडीज जाने वाली भारतीय टीम में जगह मिलनी चाहिए थी। चहल को जब-जब मौका मिला है उन्होंने खुद को साबित किया है। इसलिए उन्हें इस दौरे के लिए चुना जाना चाहिए था। अक्षर पटेल चैंपियंस ट्रॉफी में रविन्द्र जडेजा का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन विंडीज दौरे के लिए अक्षर पटेल का चयन गलत साबित नहीं होता। गुजरात के इस ऑलराउंडर ने हाल ही में आईपीएल में जोरदार प्रदर्शन किया था। वेस्टइंडीज के बाद श्रीलंका के लम्बे दौरे को देखते हुए जडेजा की जगह टीम में पटेल को मौका दिया जाना चाहिए था। सुरेश रैना बाएं हाथ के बल्लेबाज़ सुरेश रैना जो चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के स्टैंडबाई खिलाड़ी के तौर चयनित थे। उन्हें भी चयनकर्ताओं ने टीम में नहीं शामिल किया है। हालांकि रैना ने आईपीएल के अलावा इधर ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए था। रैना को अगर टीम में जगह मिलती, तो वह खुद को साबित करना का मौका पाते। इसके अलावा चयनकर्ताओं को भी रैना के भविष्य के बारे में कयास लग जाता। अब सवाल ये भी उठता है कि क्या दोयम दर्जे की टीम में रैना को कभी मौका मिलेगा? ये सोचने वाला विषय साबित होगा।

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