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5 खिलाड़ी जो टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज़्यादा बार गोल्डन डक का शिकार हुए

11   //    30 Mar 2018, 17:55 IST

ये ज़रूरी नहीं है कि सिर्फ़ 11वें नंबर का बल्लेबाज़ शून्य पर आउट होता हो, जैसा के कॉमेंटेटर अकसर ये बात दोहराते हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि पुछल्ले बल्लेबाज़ ज़्यादा गंभीरता से बल्लेबाज़ी करते हैं। अगर कोई टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ अपनी पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो जाए तो ये उसके लिए शर्मिंदगी की बात होती है। कोई भी क्रिकेटर, भले ही वो टॉप ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करता हो या लोअर ऑर्डर में, शून्य पर आउट होना कोई नहीं चाहता।

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई बल्लेबाज़ अपनी पारी की पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए हैं, क्रिकेट की भाषा में इसे ‘गोल्डन डक’ कहते हैं। हम यहां टेस्ट क्रिकेट के उन 5 बल्लेबाज़ों के बारे में बता रहे हैं जो सबसे ज़्यादा बार गोल्डन डक का शिकार हुए हैं।

#5 स्टीव हार्मिसन: 9




 

इंग्लैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ स्टीव हार्मिसन अपनी टीम के पेस अटैक की अगुवाई करते थे। उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी के ज़रिए अपनी टीम के लिए योगदान दे रहे थे। यही वजह थी कि उस वक़्त इंग्लैंड की टीम नई ऊंचाइयों को छू रही थी। जहां तक बल्लेबाज़ी की बात है वो 11 नंबर के विशेषज्ञ बल्लेबाज़ थे एक बार वो अपनी टीम की तरफ़ से एक पारी में सबसे ज़्यादा रन बनाए थे।

हार्मिसन तेज़ रन बनाने में माहिर थे, हांलाकि ये रणनीति हमेशा काम नहीं आती है। यही वजह है कि वो टेस्ट में 21 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं, इन में से 9 बार वो गोल्डन डक का शिकार हुए हैं। 86 बार उन्हें बल्लेबाज़ी का मौका मिला और 10.47 फ़ीसदी पारी गोल्डन डक की भेंट चढ़ गई थी।
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