वे 5 खिलाड़ी जिन्हें आप शायद ही जानते हों जो अंडर-19 विश्वकप में विराट कोहली के अंदर खेले थे

अंडर-19 विश्वकप को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के लिए पहली सीढ़ी माना जाता है। बहुत से युवा अंडर-19 क्रिकेटरों ने अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए खेला है। विशेष रूप से भारत ने कुछ बेहतरीन अंडर-19 खिलाड़ियों को उत्पादन किया है जो बाद में सुपरस्टार बन गए हैं। इन सुपरस्टारों में से एक विराट कोहली है। कोहली ने भारत की अंडर-19 टीम का नेतृत्व किया जिसने 2008 में मलेशिया में आयोजित अंडर-19 विश्वकप को अपने नाम किया। भारतीय टीम जो पूरी टूर्नामेंट में नाबाद रही, उन्होंने वेन पार्नेल के नेतृत्व वाली दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 की टीम को बारिश से बाधित मैच में 12 रनों (डी/एल विधि) से खिलाबी जीत दिलायी। तब से भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। उन्होंने उस वर्ष के बाद एकदिवसीय टीम में अपना पदार्पण किया और धीरे-धीरे भारतीय टीम में जगह पक्की कर ली। धोनी के संन्यास के बाद कोहली को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया और उन्होंने भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद की है। कोहली इस समय विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। हालांकि 2008 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम में कुछ और दिलचस्प नाम थे। जिसमें से कुछ खिलाड़ी अपना नाम नहीं बना सके और अंधेरे में खो गये तो कुछ खिलाड़ियों ने आईपीएल और राष्ट्रीय टीम में अपनी चमक बिखेरी। आईये हम आज उन पांच खिलाड़ियों के नाम बताते हैं जो अंडर-19 विश्व कप में विराट कोहली के अंतर्गत खेले थे।

#5 श्रीवत्स गोस्वामी

श्रीवत्स गोस्वामी 2008 की विजयी भारतीय अंडर-19 टीम के विकेटकीपर थे। उन्होंने टीम के लिए पारी की शुरुआत की थी और टीम को ठोस शुरुआत देने वाली कुछ स्थिर पारियां खेली। विश्व कप के बाद को गोस्वामी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने खरीदा था और कुछ प्रभावशाली प्रदर्शनों के बाद उन्हें टूर्नामेंट के उभरते खिलाड़ी के रूप में नामित किया गया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल की तरफ से नियमित खिलाड़ी रहे हैं और उन्हें भारत ए में दो बार चुना गया है। गोस्वामी ने आईपीएल 2018 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेला है।

#4 सौरभ तिवारी

सौरभ तिवारी ने अंडर-19 विश्वकप में निचले क्रम में बल्लेबाजी की और उन्हें फिनिशर की भूमिका निभाने की ज़िम्मेदारी दी गई। विश्व कप के बाद तिवारी अपने राज्य के झारखंड के लिए खेले और जल्द ही कुछ शानदार पारियों के साथ घरेलू क्रिकेट में खुद का नाम अर्जित किया। हालांकि उनका बेहतरीन क्षण आईपीएल 2010 में आया जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए खेलना शुरु किया। इस खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में 419 रन बनाए और उन्हें सीजन के खोज के रूप में चुना गया। अपने अच्छे आईपीएल सीज़न के कारण उन्हें उस साल के बाद भारतीय एकदिवसीय टीम के लिए चुना गया था। हालांकि वह अवसर हासिल करने में नाकाम रहे और कुछ खराब प्रदर्शनों के बाद टीम से बाहर कर दिया गया।

#3 सिद्धार्थ कौल

सिद्धार्थ कौल ने अंडर-19 विश्व कप 2008 में भारत की खिताब जीत में काफी योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में कौल ने दो महत्वपूर्ण विकेट लिए जिससे भारत को जीत दिलाने महत्वपूर्ण सफलता मिली। पिछले कुछ वर्षों में सिद्धार्थ कौल अपनी राज्य टीम पंजाब के लिए एक प्रमुख परफॉर्मर रहे हैं। हालांकि सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते समय आईपीएल में उन्हें नोटिस किया गया। कौल 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद में शामिल हुए और वह अपने फ्रेंचाइजी के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आईपीएल 2018 को संयुक्त दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में समाप्त किया और उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारत के सीमित ओवरों के प्रारूप के लिए चुना गया है जहां कौल एक बार फिर विराट कोहली के अंतर्गत खेलेंगे।

#2 मनीष पांडे

2008 में मनीष पांडे को देश में सबसे होनहार प्रतिभाओं में से एक माना जाता था। विजयी अंडर-19 विश्व कप टीम का हिस्सा होने के बाद पांडे को आईपीएल 2009 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलने का मौका मिला। बैंगलोर के लिए खेलते समय वह आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। जिसके बाद पांडे को वर्ष 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी टीम में चुन लिया। आईपीएल और घरेलू सर्किट में मजबूत प्रदर्शन ने पांडे के लिए राष्ट्रीय टीम में रास्ता तय किया था। पांडे ने राष्ट्रीय टीम के लिए अबतक 22 एकदिवसीय और 21 टी -20 खेले हैं। लेकिन वह लगातार राष्ट्रीय टीम से अंदर और बाहर होते रहे हैं।

#1 रविन्द्र जडेजा

2008 की भारत की विजयी अंडर- 19 टीम के दूसरे सबसे सफल खिलाड़ी रविंद्र जडेजा है। जहां विराट कोहली टीम के कप्तान थे तो जडेजा टीम में उप कप्तानी की भूमिका निभा रहे थे। वह टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे और जरूरत के समय टीम में कई महत्वपूर्ण योगदान दिये थे। जडेजा आईपीएल 2008 के बाद एक स्टार बन गए, जहां उन्होंने आईपीएल की चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेला था। उन्होंने 2009 में अपनी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की और भारतीय टीम के लिए 34 टेस्ट, 136 एकदिवसीय और 40 टी-20 खेले हैं। जडेजा ने अपनी सधी हुई बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी और उत्कृष्ट क्षेत्ररक्षण क्षमताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद का नाम अर्जित किया है। साथ ही वह एक सफल आईपीएल खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने 2008 और 2018 में दो अलग-अलग टीमों के साथ दो बार आईपीएल ट्रॉफी जीती हैं। लेखक- रैना सिंह अनुवादक- सौम्या तिवारी

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